विदेश में जीतना है तो लेना होगा रिस्क: द्रविड़

By: | Last Updated: Wednesday, 19 February 2014 2:55 AM

वेलिंगटन: विदेशी जमीं पर लागातार मिल रही हार के पीछे कारण चाहे जो भी हो लेकिन सबसे ज्यादा आलोचना कप्तान धोनी को लेकर ही हो रही है. एक तरफ जहां क्रिकेट के कई जानकार धोनी को टेस्ट कप्तानी की जिम्मेदारी से हटाने की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ धोनी के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं. टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे द्रविड़ का मानना है कि धोनी को कम से कम एक और साल के लिए टेस्ट कप्तान बने रहना चाहिए. द्रविड़ ने हालांकि कहा कि विदेशों में जीतने के लिए धोनी को कुछ और जोखिम उठाने की जरूरत है.

 

द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उसे जल्दी से महसूस करना होगा कि अगर वह विदेशों में टेस्ट मैच जीतना चाहता है तो उसे जोखिम उठाना होगा. उसे जोखिम लेना होगा कि वह भी कुछ मैच गंवा सकता है. आप सिर्फ विदेशों में कुछ जोखिम उठाकर ही जीत सकते हो.’’ द्रविड़ ने कहा कि कुछ अहम मौकों पर धोनी की कप्तानी रक्षात्मक रही और उनका साथ ही मानना है कि वह अपने गेंदबाजी आक्रमण पर पर्याप्त विश्वास नहीं करता.

 

इस पूर्व भारतीय कप्तान ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह (धोनी) अपने गेंदबाजी आक्रमण पर उतना विश्वास नहीं करता जितना उसे करना चाहिए. मैंने डरबन में टेस्ट मैच के दौरान भी यह देखा जब उसने 146 ओवर तक नयी गेंद नहीं ली. बाद में उसे नयी गेंद लेने के लिए बाध्य होना पड़ा.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: विदेश में जीतना है तो लेना होगा रिस्क: द्रविड़
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017