वीके सिंह के काल में स्थापित खुफिया इकाई पर विवाद

By: | Last Updated: Friday, 20 September 2013 10:24 AM

नई दिल्ली: पूर्व
सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह
द्वारा स्थापित एक खुफिया
इकाई के जम्मू कश्मीर में उमर
अब्दुल्ला सरकार को गिराने
का प्रयास करने के लिए गुप्त
धन का दुरूपयोग करने के
आरोपों को लेकर आज बड़ा विवाद
हो गया. केंद्र ने वादा कि अगर
कोई सेवारत या सेवानिवृत्त
अधिकारी इसमें संलिप्त पाया
जाता है तो उसके खिलाफ
कार्रवाई की जाएगी.

गुप्त
सैन्य रिपोर्ट में
विवादास्पद तकनीकी सेवा
संभाग के अनधिकृत अभियानों
और वित्तीय गड़बड़ियों के
आरोप लगाए जाने के बाद
कांग्रेस और बीजेपी के बीच
राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप
शुरू हो गया. एक केंद्रीय
मंत्री ने नाम न लेने की शर्त
पर कहा कि अति संवेदनशील
मामले की सीबीआई जांच से
इंकार नहीं किया जा सकता.

रक्षा
मंत्रालय ने कहा कि वह
सावधानी से जांच के बाद
टीएसडी पर सेना की रिपोर्ट पर
कार्रवाई करने के बारे में
फैसला करेगी. साथ ही उसने कहा
कि इस तरह की किसी अवांछित
गतिविधियों को रोकने के लिए
उसने कदम उठाए हैं.

मंत्रालय
ने एक वक्तव्य में कहा कि
रिपोर्ट ‘राष्ट्रीय सुरक्षा
के मामलों पर अतिक्रमण’ है.
हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि
उसने सीबीआई जांच के संबंध
में अब तक कोई फैसला नहीं
किया है.

बीजेपी
ने रिपोर्ट के समय पर सवाल
खड़ा किया और दावा किया कि
सिंह को पांच दिन पहले
रेवाड़ी में बीजेपी के
प्रधानमंत्री पद के
उम्मीदवार के साथ मंच साझा
करने के लिए निशाना बनाया जा
रहा है.

यह
रिपोर्ट महानिदेशक (सैन्य
अभियान) लेफ्टिनेंट जनरल
विनोद भाटिया ने सेना प्रमुख
बिक्रम सिंह द्वारा गठित
बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स
इन्क्वायरी के हिस्से के तौर
पर की है. सेना प्रमुख ने
बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स
इन्क्वायरी का गठन अपने
पूर्ववर्ती के कार्यकाल के
दौरान स्थापित शीर्ष खुफिया
इकाई के कामकाज की समीक्षा के
लिए किया था.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: वीके सिंह के काल में स्थापित खुफिया इकाई पर विवाद
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017