शरीफ के दौरे से पहले पाकिस्तान ने 151 भारतीय मछुआरों को रिहा किया

शरीफ के दौरे से पहले पाकिस्तान ने 151 भारतीय मछुआरों को रिहा किया

By: | Updated: 25 May 2014 02:56 AM

नई दिल्ली: पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय मछुआरों के अच्छे दिन आ गये हैं.  नवाज शरीफ के दौरे से पहले 151 मछुआरों को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया है. ये मछुआरे करांची की मलीर जेल और हैदराबाद की जेल में बंद थे.

 

कराची की जेल में 59 और हैदराबाद की जेल से 92 मछुआरे छोड़े गये हैं.

 

कल नवाज शरीफ भारत आ रहे हैं उससे पहले मछुआरों को रिहा किया गया है. इन मछुआरों को एयर कंडीशन बस में बिठाकर वाघा बॉर्डर तक लाया जाएगा.  कल इन लोगों को भारत सरकार के हवाले किया जाएगा. उधर श्रीलंका ने भी अपनी जेल में बंद ,सभी भारतीय मछुआरों को छोडेने का आदेश दिया है.

 

गुजरात सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनको लेने के लिए राज्य से एक टीम पंजाब की वाघा सीमा पर भेजी गयी है.

 

मुख्य मात्स्यिकी आयुक्त पी एल दरबार ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि सोमवार को वाघा सीमा पर उनकी अगवानी के लिए राज्य मात्स्यिकी विभाग के अधिकारियों के एक दल को भेजा गया है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमें केंद्रीय गृहमंत्रालय से सूचना मिल गयी है कि 152 भारतीय मछुआरों :उनमें से ज्यादातर गुजरात के हैं: को पाकिस्तान 26 जनवरी को रिहा करेगा. तद्नुसार, हमने उनको लेने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए एक टीम भेजी है. ’’ दरबार ने बताया कि मछुआरे गिर सोमनाथ जिले के वेरावल शहर में लाए जाएंगे जहां से वे अपने अपने पैतृक स्थान जाएंगे.

 

विभाग के अधिकारियों के अनुसार मछुआरे गुजरात, दमन दीव, दादर एवं नागर हवेली के विभिन्न हिस्सों तथा देश के अन्य शहरों के रहने वाले हैं. उन्हें पाकिस्तानी समुद्री प्रशासन ने कथित रूप से उनकी समुद्री सीमा में प्रवेश कर जाने पर पकड़ लिया था.

 

कराची के एनजीओ पाकिस्तानी फिश फोरम के प्रमुख मोहम्मद अली शाह ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि यह द्विपक्षीय संबंध को सुधारने की दिशा में इस्लामाबाद का एक सद्भावनापूर्ण कदम है.

 

राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि मछुआरों को मुक्त करने का यह निर्णय भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार को सकारात्मक संदेश देने के लिए हो सकता है. कट्टरपंथियों के दबाव के बावजूद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का भारत का निमंत्रण स्वीकार कर लिया.

 

पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान ने सद्भावना संकेत के तहत मलीर और कराची के कंेद्रीय कारागारों से 337 भारतीय मछुआरों को मुक्त किया था. इसके बाद दिवाली के मौके पर भी सद्भावना संकेत के तौर पर 15 भारतीय मछुआरों को मुक्त किया था.

 

भारतीय मछुआरा कार्यकर्ताओं के मुताबिक वर्तमान में 229 भारतीय मछुआरे और करीब 780 भारतीय नौकाएं पाकिस्तान के कब्जे में हैं.

 

इसी तरह से भारतीय जेलों में भी करीब 200 पाकिस्तानी मछुआरे अपनी 150 नौकाओं के साथ बंद हैं.

 

एक दूसरे के देश के जल क्षेत्रों में चले जाने की वजह से, नौवहन सुरक्षा बल अकसर मछुआरों को पकड़ लेते हैं और उनकी नौकाएं जब्त कर ली जाती हैं.

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