शून्य से शिखर तक पहुंचने के बाद मोदी अब बना रहे हैं ये खास प्लान!

By: | Last Updated: Tuesday, 13 May 2014 10:43 AM

नई दिल्ली. सियासत के शिखर की आखिरी लड़ाई समाप्त हो चुकी है. अब एग्जिट पोल पर भरोसा करें तो बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का राजतिलक बस बाकी है. देश का हर एग्जिट पोल मोदी को सत्ताधीश कर रहा है.

 

शून्य से शिखर तक पहुंच रहे मोदी का अब आगे का प्लान क्या होगा? देश को मोदी से भारी उम्मीद है. अब सरकार और संगठन दोनों को मजबूती देने के भारी दबाव को कैसे मोदी मैनेज करेंगे ? केंद्र सरकार को अक्सर कोसने वाली राज्य सरकारों के लिए मोदी का क्या प्लान होगा ? जनसमुदाय तत्काल प्रभाव के लिए आतुर हैं. उसके पास वक्त नहीं है. युवा बेचैन हैं. आशा की किरण के तेज प्रकाश की उम्मीद में अपने भविष्य को उज्ज्वल देखने के लिए लालायित हैं. उन्हें अब सबुकछ चाहिए..वह भी बेहद जल्दी.

 

केंद्र सरकार अक्सर विपक्ष की राजनितिक दलों की राज्य सरकारों पर टेढ़ी नजर रखती है. अक्सर यह आरोप बीजेपी भी लगाती रही है. क्या मोदी अपने नेतृत्व में बनी केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन विरोधी राजनितिक दलों की राज्य सरकारों से करा पाएंगे? इस तरह के ढेर सारे सवाल सियासत के गलियारों में चर्चा में है.

 

राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा है उसके मुताबिक मोदी भी इस दबाव को महसूस कर रहे हैं. इसलिए वह केंद्र सरकार के साथ ही वह राज्य में भी बीजेपी की सरकार बनाने की मुहिम में जुटे हुए हैं. दिल्ली की सियासत का सफर तय करने में वह यूपी और बिहार के महत्व को बखूबी समझ रहे हैं. लोकसभा की लड़ाई तो भावी भविष्य के सपने दिखाकर मोदी जीतने जा रहे हैं. लेकिन इस जीत को बरकरार रखने के लिए उन्हें राज्य में भी उनकी पार्टी को सत्ता पर आसीन होना होगा. इसीलिए मोदी अब यूपी और बिहार में अपनी लोकप्रियता बरकरार रखने के लिए नई रणनीति बनाने में जुट गये हैं.

 

शुरुआत बिहार से ही होने जा रही है. नीतीश को लोकसभा में काफी कमजोर करने के बाद अब विधानसभा में मात देने की तैयारी में मोदी जुट गये हैं. सूत्रों के मुताबिक सैयद शाहनवाज हुसैन को बीजेपी की तरफ से सीएम उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है. कुछ दिनों पहले बिहार बीजेपी के पूर्व प्रमुख सीपी ठाकुर ने ऐसे संकेत भी दिये थे. बिहार बीजेपी में काफी गुटबाजी रही है. सुशील मोदी और इनके विरोधी गुट तो कई बार खबरें तक बनती रही हैं. शाहनवाज हुसैन को सीएम प्रोजेक्ट करने से गुटबाजी पर लगाम लगने की उम्मीद है. शाहनवाज बिहार के कार्यकर्ताओं में भी काफी लोकप्रिय हैं.

 

मुस्लिम मतों के लिए ही नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हुए हैं. अब जब शाहनवाज हुसैन को सीएम उम्मीदवार घोषित किया जाएगा तो फिर यह नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों की सियासत पर गहरा चोट होगा. इसके साथ ही मोदी मुसलमानों को एक पॉजीटिव संदेश भी दे देंगे और विरोधियों का मुंह भी बंद हो जाएगा.

 

जैसा कि संभावनाएं बिहार बीजेपी की तरफ से भी जताई गई थीं कि जेडीयू टूट सकती है. कुछ ही दिनों पहले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा था कि जेडीयू के 50 से अधिक विधायक उनके संपर्क में हैं और ये सभी बीजेपी को जीत दिलाने में जुटे हुए हैं. नीतीश कुमार भी अपनी सभाओं में अक्सर कह रहे थे कि यदि दिल्ली में उनके सांसद अधिक नहीं पहुंचे तो सरकार गिर जाएगी. अब ऐसे हालात में बीजेपी की सरकार बनाने की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी. फिलहाल तो ये भविष्य के गर्भ में छूपा है लेकिन ऐसे संभावनाओं की प्रबल उम्मीद है. उत्तराखंड में भी बीजेपी अपनी सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है. उत्तराखंड में कांग्रेस की 33, बीजेपी की 30 के अलावा चार निर्दलीय और तीन बीएसपी के सदस्य हैं. उत्तराखंड कांग्रेस के मजबूत स्तंभी सतपाल महाराज पहले ही बीजेपी के पाले में आ चुके हैं.

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Web Title: शून्य से शिखर तक पहुंचने के बाद मोदी अब बना रहे हैं ये खास प्लान!
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