सड़क पर सोकर अरविंद केजरीवाल ने गुजारी रात, सुबह उठकर गृह मंत्री शिंदे पर हमला, कहा- चैन से सोने नहीं देंगे

By: | Last Updated: Tuesday, 21 January 2014 3:07 AM

नई दिल्ली: आज दूसरे दिन दिल्ली की सरकार का धरना जारी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रेल भवन के सामने सड़क पर सोकर रात गुजारी है.

 

आज सुबह उठते  ही केजरीवाल गृह मंत्री शिंदे पर बरस पड़े. केजरीवाल ने कहा कि वे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को चैन से सोने नहीं देंगे. केजरीवाल ने कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वो लाखों लोगों से पूरे राजपथ को भर देंगे.

 

जेल की तरह बना दिया है-

जब केजरीवाल से वहां की स्थित के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ इस तरह कहा-

इस छोटे से एरिया को जल की तरह बना दिया है. यहां कोई शौचालय नहीं है. कल रेल भवन का प्रयोग किया था आज उसे भी बंद कर दिया. आज मैंने खुद बैरिक्टस् हटाएं है तो एक शौचालय को अंदर आने दिया है.

 

ना खाना अंदर आने दे रहे हैं ना चाय आने दे रहे हैं. ये लोग जो प्रदर्शन कर रहे हैं ये पाकिस्तनी नहीं है अमेरिका के लोग नहीं है अपने ही लोग है. ये महिलाएं कहां जाएंगी ट्वायल के लिए. किसके लिए गणतंत्र दिवस मनाएंगे. शिंदे साहब अपने ही लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं.

 

कुछ महीने पहले शिंदे साहब के घर की खिड़की लोगों ने तोड़ दिया तो 12 लोगों को सस्पेंड कर दिया था. महिला का रेप हो गया तो सस्पेंड नहीं करेंगे इन्कवायरी कराएंगे. महिला को जला दिया तो इन्कवायरी कराएंगे.

 

धरने की जगह को बदलने के बारे में क्या कहते हैं केजरीवाल-

मुख्यमंत्री तो मैं हूं शिंदे कौन होता है मुझे बताने वाला कि मैं कहां बैठूंगा धरने पर. लोगों ने मुझे इलेक्ट किया था शिंदे साहब नहीं. शिंदे साहब अपने आपको दिल्ली का मुख्यमंत्री समझने लगे हैं. अब ऐसे ही राजनीति चलेगी. इसी को डेमोक्रेसी कहते हैं. जो जनता के मुद्दों की बात करते है उसी को डेमोक्रेसी कहते हैं. इन्हें एयरकंडीशन में बैठने की आदत होगई है इसलिए इतना दुख हो रहा है. अब इन्हें भी सड़को पर उतरना पड़ेगा.

 

दिल्ली पुलिस में हो जाएगी बगावत-

सेहत ठीक है ऊपर वाला साथ है. दिल्ली पुलिस में जो नीचे वाले हैं वो सारे हमारे साथ है. दिल्ली पुलिस का एक आदमी कल इस्तीफा देकर हमारे साथ आ गया उसकी आंखों में आंसू थे. इनमें बगावत हो जाएगी.

 

आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस के एसीपी समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ हैं. हालांकि पुलिस ने उन्हें घोषित धरना स्थल गृह मंत्रालय यानि नॉर्थ ब्लॉक तक नहीं जाने दिया, लिहाजा वो रेल भवन के बाहर धरने पर बैठे. 

 

ऐसा शायद पहली बार हुआ हो जब किसी राज्य सरकार का समूचा मंत्रिमंडल पार्टी विधायकों के साथ धरने पर बैठा हो. सत्ता पक्ष के ऐसे प्रदर्शन की तस्वीरें इससे पहले शायद ही देखी सुनी गई हों.

 

केजरीवाल सरकार के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने स्थानीय जनता की शिकायत पर कुछ दिनों पहले दिल्ली के मालवीय नगर में एक घर पर छापेमारी की थी. आरोप था की वो घर ड्रग रैकेट और वेश्यावृति की अड्डा है. इस दौरान सोमनाथ भारती की दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई थी. तभी से मुख्यमंत्री केजरीवाल एक एसीपी और तीन एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हैं.

 

दिल्ली पुलिस की दलील है कि केजरीवाल धारा-144 के बीच धरने पर बैठे हैं जो गैरकानूनी है. देखना ये है कि पुलिस सड़क से चलाई जा रही इस सरकार से अब कैसे पार पाती है.