सबूत के तौर पर अपना पासपोर्ट दिखाएं सोनिया गांधी: अमेरिकी अदालत

सबूत के तौर पर अपना पासपोर्ट दिखाएं सोनिया गांधी: अमेरिकी अदालत

By: | Updated: 21 Mar 2014 06:26 AM

न्यूयार्क: अमेरिका की एक अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनके पासपोर्ट की प्रति मुहैया कराने के लिए कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पिछले साल दो सितंबर से नौ सितंबर के बीच वह अमेरिका में नहीं थीं. सोनिया ने न्यूयार्क की ब्रूकलिन स्थित अदालत में 10 जनवरी को एक याचिका दायर कर नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगे से संबंधित मामले में अपने खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन का मुकदमा खारिज करने का अनुरोध किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई सम्मन नहीं मिला, क्योंकि उस वक्त वह अमेरिका में नहीं थीं.

 

ब्रूकलिन की अदालत के न्यायाधीश ब्रियन एम. कोगन ने हालांकि अमेरिका में नहीं रहने को लेकर सोनिया के उक्त बयान को साक्ष्य की दृष्टि से अपर्याप्त माना और गुरुवार को उनसे अपने पासपोर्ट की प्रति मुहैया कराने के लिए कहा, जिसमें उनकी हाल की अमेरिका यात्रा के बारे में दिखाया गया हो कि वह कब यहां पहुंचीं और कब यहां से गईं. जज ने सोनिया से सात अप्रैल तक ये दस्तावेज मुहैया कराने को कहा है.

 

सोनिया के खिलाफ सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन की याचिका पर मानवाधिकार उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है. एसएफजे ने सोनिया पर सिख विरोधी दंगों में कथित तौर पर शामिल कमलनाथ, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर जैसे कांग्रेस नेताओं को बचाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कठोर और दंडात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

 

एसएफजे का दावा है कि पिछले साल नौ सितंबर को उसने न्यूयार्क स्थित मेमोरियल स्लोन-केटरिंग कैंसर सेंटर अस्पताल तथा वहां के सुरक्षा कर्मियों को सम्मन जारी किया था और शिकायत भेजी थी. माना जाता है कि सोनिया उस वक्त वहां इलाज के सिलसिले में थीं. एसएफजे और सिख विरोधी दंगे के कुछ पीड़ितों की शिकायत पर ही ब्रूकलिन की अदालत ने सितंबर 2013 में सोनिया गांधी के खिलाफ सम्मन जारी किया था.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story जानिए- सीएम से विधायकों की अजब-गजब मांग, योगी का दिलचस्प जवाब