सरकार सचिन के मनोनयन का आधार बताए: हाईकोर्ट

सरकार सचिन के मनोनयन का आधार बताए: हाईकोर्ट

By: | Updated: 16 May 2012 01:37 AM


नई दिल्ली: दिल्ली
हाईकोर्ट ने मास्टर
ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के
बतौर राज्यसभा सदस्य के
मनोनयन पर सरकार से जवाब तलब
किया है.




अदालत ने बुधवार को सरकार से
पूछा कि आखिर किस आधार पर
उसने क्रिकेटर सचिन
तेंडुलकर को राज्यसभा सदस्य
के तौर पर मनोनीत किया है.




दिल्ली हाईकोर्ट के इसे आदेश
के बाद सरकार को अब सचिन के
मनोनयन से जुड़ी सारी
जानकारी अदालत को देनी होगी.




दिल्ली हाईकोर्ट ने पेशे से
वकील आर के कपूर की एक याचिका
पर सुनवाई करते हुए सरकार से
चार जुलाई तक जवाब मांगा है
कि आखिर मनोनयन का आधार क्या
रहा है.




हालांकि, कोर्ट ने सचिन के
शपथ लेने पर कोई रोक नहीं है,
सूत्र बता रहे हैं कि सचिन 18
मई को राज्य सभा के सदस्यता
की शपथ ले सकते हैं.




आर के कपूर  ने अपनी अर्जी में
सचिन के प्रस्तावित शपथ पर भी
रोक लगाने की भी मांग की थी,
जिससे हाईकोर्ट ने खारिज कर
दिया.




याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि
संविधान की धारा 80(सी) के तहत
राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए
उन्ही लोगों का मनोनयन कर
सकते हैं, जिनका साहित्य,
विज्ञान, कला और सामाजिक
सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा
काम हो.




याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी
है कि संविधान में ऐसा कोई
प्रावधान नहीं जिसमें किसी
शख्स को खेल के मैदान से
राज्यसभा में मनोनित किया जा
सके.




दिलचस्प बात यह है कि कला
क्षेत्र से जितनी बड़ी
हस्तियों को राज्यसभा का
सदस्य बनाया गया, उन्होंने
ऐसा कुछ भी काम नहीं किया,
जिससे याद किया जा सके.




इससे पहले स्वर कोकिला लता
मंगेशकर और हिन्दी फिल्मों
के प्रसिद्ध और लोकप्रिय
अभिनेता दिलीप कुमार जैसी
हस्तियां भी राज्यसभा की
सदस्य बनाई गई, लेकिन वे भी
जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं
उतरे.





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