सातवें चरण में 9 राज्यों की 89 सीटों पर मतदान शुरू, मोदी और सोनिया समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर

सातवें चरण में 9 राज्यों की 89 सीटों पर मतदान शुरू, मोदी और सोनिया समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर

By: | Updated: 30 Apr 2014 01:10 AM

नई दिल्ली: सातवें चरण में पोलिंग शुरू हो गई है. इस चरण में गुजरात और पंजाब की सभी सीटों समेत 89 सीटों पर वोटिंग है.

 

खास बात ये है कि मतदाता आज वडोदरा से नरेंद्र मोदी और रायबरेली से सोनिया गांधी की किस्मत का फैसला भी करेंगे.

 

आज जिन 89 सीटों पर वोट डाले जाए रहे हैं उनमें 2009 में यूपीए ने 44 सीटें, एनडीए ने 30 सीटें और 15 सीटें अन्य ने जीती थीं. इन 89 सीटों पर वोटिंग के साथ ही 438 सीटों पर मतदान पूरा हो जाएगा.

 

साल 2009 में इन 438 सीटों में से यूपीए ने 209, एनडीए ने 142 और अन्य ने 87 सीटें जीती थीं.

 

आज गुजरात की सभी 26, पंजाब की सभी 13 सीटों और तेलंगाना की सभी 17 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 9,  बिहार की 7, जम्मू-कश्मीर, दादरा नगर हवेली और दमन दीव की 1-1 सीटों पर वोटिंग हो रही है.

 

गुजरात में क्यों अहम है चुनाव?

 

इस चरण के चुनाव में मोदी की साख सबसे ज्यादा दांव पर लगी है. आज मोदी की सीट वडोदरा पर भी वोटिंग है. साल 2009 में गुजरात की 26 सीटों में 15 बीजेपी और 11 कांग्रेस को मिली थी. गांधीनगर से एलके आडवाणी मैदान में हैं जिनकी जीत और अच्छे फासले से जीत मोदी के लिए बेहद जरूरी है. वैसे बीजेपी मिशन 26 का दावा कर रही है.

 

पंजाब में क्यों अहम है चुनाव?

 

पंजाब की सभी 13 सीटों पर आज मतदान है. 2009 मे यूपीए के खाते में आठ और एनडीए के खाते में पांच सीटें मिली थीं. राज्य की सबसे हाईवोल्टेज सीट अमृतसर है जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली पहली बार चुनाव मैदान में हैं जिनका मुकाबला पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से है.

 

इस बार पंजाब में एनडीए, यूपीए के अलावा आप भी कई सीटों पर जोरदार टक्कर दे रही है. कांग्रेस के अमरिंदर सिंह और अकाली दल के विक्रम मजीठिया के विवादित बयानों से चुनाव प्रचार काफी गर्म रहा है. 

 

बिहार में क्यों अहम है चुनाव?

 

बिहार के मिथिलांचल इलाके की सात सीटों पर आज वोटिंग हो रही है. जहां राज्य के सीएम नीतीश कुमार की साख दांव पर लगी है.

 

2009 चुनाव में सभी सात सीटें एनडीए के खाते में गई थी. तब बीजेपी-जेडीयू ने साथ चुनाव लड़ा था. जेडीयू सात सीटें जीतकर लाई थी और बीजेपी को दो सीटें मिली थीं.

 

इस बार अकेले चुनाव लड़ रहे नीतीश के सामने चुनौती सीटों को बचाने की है तो बीजेपी सभी सीटों को हासिल करने के लिए उतरी है. इसी में मधेपुरा सीट से जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का मुकाबला आरजेडी के बाहुबली पप्पू यादव से है.

 

यूपी में क्यों अहम है चुनाव?

 

यूपी में जिन चौदह सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनमें सात कांग्रेस को मिली थी. इसी में एक सीट यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की रायबरेली है जबकि लखनऊ से बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को कांग्रेस और आप से कड़ी टक्कर मिल रही है.

 

बनारस छोड़कर कानपुर आए बीजेपी के दिग्गज मुरली मनोहर जोशी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो सीट बचाने की चुनौती कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल पर भी है. झांसी सीट पर उमा भारती केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को कडी टक्कर दे रही हैं.

 

तेलंगाना में अहम क्यों है चुनाव ?

 

अलग राज्य बनने के बाद पहली बार तेलंगाना में चुनाव हो रहे हैं. यहां चुनाव में सभी पार्टियों की तेलंगाना राज्य बनने का श्रेय लेने की होड़ है. के चंद्रशेखर राव बिना किसी तालमेल के मैदान में है तो कांग्रेस भी अकेले चुनाव लड़ रही है. 

 

पिछली बार कांग्रेस को 17 में 12 सीटें मिली थीं और तेलंगाना बनने का क्रेडिट कांग्रेस लेना चाहती है. देश के 29वें राज्य के रूप में मंजूरी पा चुके तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर भी बुधवार को ही वोट डाले जाएंगे और आज की वोटिंग से ही राज्य को नया सीएम भी मिलेगा.

 

पश्चिम बंगाल में क्यों अहम है चुनाव ?

 

वोटिंग से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में मोदी बनाम ममता युद्ध जारी है. 2009 चुनाव में टीएमसी के खाते में पांच और लेफ्ट को चार सीटें मिली थीं लेकिन बीजेपी को इस बार राज्य से खास उम्मीद है. श्रीरामपुर सीट से संगीतकार बप्पी लाहिड़ी चुनाव मैदान में हैं.

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