सिवनी: गुडिया को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

By: | Last Updated: Tuesday, 30 April 2013 9:09 PM

भोपाल:
एमपी के सिवनी में दरिंदगी का
शिकार बनी गुड़िया आखिरकार
मौत के आगे हार गई और मंगलवार
को गमजदा लोगों ने नम आंखों
से उसे अंतिम विदाई दी. सिवनी
जिले के घंसोर में इसी माह 17
अप्रैल को फिरोज ने चार
वर्षीया गुड़िया को अपनी
दरिंदगी का शिकार बनाया था.

आरोपी
ने रेप के बाद उसे जान से
मारने की कोशिश की थी.
गुड़िया को गंभीर हालत में
पहले जबलपुर और फिर नागपुर के
अस्पताल में भर्ती कराया गया
था. नागपुर में गुड़िया की
सोमवार की रात को मौत हो गई.
पिछले नौ दिनों से नागपुर के
एक निजी अस्पताल में उसका
इलाज चल रहा था.

गुड़िया
के परिजन मंगलवार को उसका शव
लेकर घंसोर गांव पहुंचे तो हर
किसी की आंखें नम हो गई.
परिजनों के क्रंदन से पूरा
गांव हिल गया. बाद में गांव
वालों, जनप्रतिनिधियों,
प्रशासनिक व पुलिस
अधिकारियों की मौजूदगी में
उसका अंतिम संस्कार कर दिया
गया. गुड़िया की अंतिम यात्रा
में पूरा गांव ही उमड़ आया.

ज्ञात
हो कि गुड़िया को गंभीर हालत
में नागपुर के अस्पताल में 21
अप्रैल को भर्ती कराया गया
था. उसके बाद गुड़िया कोमा
में थी और उसके मस्तिष्क ने
काम करना बंद कर दिया था. इसके
बाद उसके अंगों ने एक-एक कर
काम करना बंद कर दिया था.

चिकित्सकों
ने गुड़िया को बचाने के
हरसंभव प्रयास किया, मगर
सफलता नहीं मिली. सिवनी के
पुलिस अधीक्षक मिथिलेश
शुक्ला ने आईएएनएस को बताया
कि गुड़िया की सोमवार की रात
नागपुर में उपचार के दौरान
मौत हो गई.

ज्ञात हो कि
गुड़िया बलात्कार प्रकरण
में मुख्य आरोपी फिरोज को
बिहार से गिरफ्तार किया. वह
नेपाल भागने की फिराक में था.
वहीं उसके एक साथी राकेश
चौधरी को सिवनी से पहले ही
गिरफ्तार किया जा चुका है.

गुड़िया
की मौत के विरोध में युवक
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने
मंगलवार को सिवनी में
प्रदर्शन कर आरोपी फिरोज को
फांसी दिए जाने की मांग की.
प्रदेश सरकार के मंत्री अनूप
मिश्रा ने ग्वालियर में
संवाददाताओं से चर्चा में
कहा कि बलात्कार के ओरापियों
को फांसी और इससे भी कड़ी सजा
हो तो उसे दी जानी चाहिए.

नेता
प्रतिपक्ष अजय सिंह ने
गुड़िया की मौत पर गहरा दुख
व्यक्त करते हुए कहा है कि
कहा है कि गुड़िया के इलाज
में बरती गई लापरवाही से
सरकार की नारियों के
प्रतिसंवदेनशीलता और
मुख्यमंत्री के ढोंग की पोल
खुल गई है. उन्होंने आरोप
लगाया कि बच्ची की मौत के लिए
सरकार जिम्मेवार है. उसने
बेहद लापरवाही बरती.

नेता
प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि एक
हादसा उस नन्हीं बालिका के
साथ दरिंदों ने किया और दूसरा
हादसा उसके साथ भाजपा सरकार
ने इलाज में लापरवाही बरतकर
किया. उन्होंने कहा पिछले 15-20
दिनों से जीवन मौत के बीच
संघर्ष कर रही बालिका की
हालात में जब कोई सुधार नहीं
हो रहा था तो उसे किसी अच्छे
अस्पताल में भर्ती कराना था.

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Web Title: सिवनी: गुडिया को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
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