सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, मुस्लिम चाहें तो गैर-हिंदू बच्चे को ले सकते हैं गोद

By: | Last Updated: Wednesday, 19 February 2014 6:39 AM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि देश का प्रत्येक नागरिक चाहे उनके पर्सनल लॉ के प्रावधान कुछ भी हों, बच्चे को गोद ले सकता है.

 

सुप्रीम कोर्ट के इस ताज़ा फैसले के बाद अब मुसलमान, ईसाई और पारसी भी गोद ले सकते हैं. हालांकि उनके पर्सनल लॉ में में गोद लेने का प्रावधान नहीं है.

 

देश की सर्वौच्च अदालत ने कहा कि एक मुसलमान भी बाल न्याय अधिनियम के तहत बच्चे को गोद ले सकता है और इसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ रुकावट नहीं बन सकता.

 

चीफ जस्टिस पी सताशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच ने बाल न्याय अधिनियम के तहत आदेश दिया है कि यह कानून हर धर्म के लोगों पर लागू होगा और उन्हें  अपने पर्सनल लॉ के मानयताओं से घबराने की जरूरत नहीं है.

 

अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी की याचिका पर यह आदेश दिया जिन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि तमाम धार्मिक समुदायों के लिए गोद लेने को लेकर वे एक दिशानिर्देश जारी करें.

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Web Title: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, मुस्लिम चाहें तो गैर-हिंदू बच्चे को ले सकते हैं गोद
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