सोनिया के खिलाफ लड़ने से जस्टिस फखरुद्दीन का इनकार

सोनिया के खिलाफ लड़ने से जस्टिस फखरुद्दीन का इनकार

By: | Updated: 08 Apr 2014 05:05 AM

नई दिल्ली:  आम आदमी पार्टी में टिकट लौटाने का सिलसिला रुका नहीं है. राय़बरेली से सोनिया गाँधी के खिलाफ आप उम्मीदवार जस्टिस फखरुद्दीन ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है.

 

आप के नेताओं ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके फकरुद्दीन ने खुद को चुनाव से अलग कर लिया है.

 

गौरतलब है आप में एक के बाद एक पार्टी के कई उम्मीदवार टिकट लौटा चुके हैं. अब आप ने सोनिया गांधी के खिलाफ स्थानीय आप नेता अर्चना श्रीवास्तव को टिकट दिया है.

 

कुछ दिनों  पहले भी यूपी के कौशांबी और पंजाब के जालंधर में उम्मीदवारों ने टिकट लौटा दिए थे. आम आदमी पार्टी के नेताओं के रवैये पर उंगली उठाते हुए यूपी की कौशांबी सीट से उम्मीदवार रहे डॉ. शीतला प्रसाद ने टिकट लौटा दिया था.

 

जालंधर से भी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रहे राजेश पदम ने भी टिकट लौटाया. हालांकि इसकी वजह पारिवारिक बताई गई थी.

 

इससे पहले सोमवार को फरुर्खाबाद से आप के उम्मीदवार रहे मुकुल त्रिपाठी ने पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए टिकट लौटा दिया था. मुकुल ने पार्टी पर सहयोग न करने का आरोप भी लगाया था.

 

गौरतलब है इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के कई उम्मीदवार पार्टी से सहयोग न कहने की बात कहकर टिकट लौटा चुके हैं. नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से आप ने पहले महेंद्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन उन्होंने भी पार्टी से सहयोग न मिलने की बात कहकर टिकट लौटा दिया था. इसके बाद आप ने राखी बिड़लान को टिकट दिया था.

 

वहीं आम आदमी पार्टी के पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के सदस्य इलियास आजमी ने भी लखीमपुर खीरी से टिकट लौटा दिया था. इलियास लखनऊ से टिकट चाहते थे. अयोध्या से इकबाल मुस्तफा ने भी यही बात कहकर आप का टिकट लौटा दिया था.

 

अब मुकुल त्रिपाठी के टिकट लौटाने से एक बार फिर यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्यों एक के बाद एक आम आदमी प्रत्याशी टिकट लौटा रहे हैं, क्या वाकई आम आदमी पार्टी अपने प्रत्याशियों को सहयोग नहीं कर रही?