सोनिया गांधी ने जारी किया 21 करोड़वां आधार कार्ड

सोनिया गांधी ने जारी किया 21 करोड़वां आधार कार्ड

By: | Updated: 20 Oct 2012 02:18 AM


जयपुर:
आधार कार्ड के जरिए अब
सब्सिडी का पैसा सीधे खाते
में आने का रास्ता तैयार हो
रहा है. राजस्थान के दूदू में
आज सोनिया गांधी ने 21
करोड़वां आधार कार्ड जारी
किया.

इसी के साथ अब दूदू
में पेंशन, गैस सिलेंडर,
स्कॉलरशिप, राशन जैसी छह
योजनाओं से जुड़ी सब्सिडी
आधार कार्ड के आधार पर ही दी
जाएगी. सब्सिडी का पैसा सीधे
सब्सिडी पाने वालों के बैंक
खाते में चला जाएगा.

इस
मौके पर प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने कहा कि दुनिया
भर के तमाम देश यह जानने और
समझने के लिए भारत की ओर गौर
से देख रहे हैं कि आधार नंबर
किस तरह से भारत के निवासियों
को लाभ पहुंचाएगा.

उन्‍होंने
कहा कि देशभर में 24 करोड़ से
भी ज्यादा लोगों का नाम आधार
में दर्ज है. इसके तहत हर
भारतवासी को एक खास पहचान
नंबर दिया जाएगा जो पूरी
दुनिया में अपनी तरह की सबसे
बड़ी परियोजना है.

पीएम ने
कहा कि ऐसी शिकायतें मिलती
हैं कि रियायती दर पर मुहैया
कराए जाने वाले गैस के
कनेक्शन, डीज़ल और खाद उन सभी
लोगों तक नहीं पहुंच जो
जरूरतमंद हैं. उन्‍होंने कहा
कि आधार प्रोजेक्ट हमने इसी
मकसद से शुरू किया है ताकि उन
करोड़ों लोगों को खास फायदा
हो जो आज भी गरीबी, बेरोजगारी
और बीमारी से परेशान हैं.

सोनिया
गांधी ने कहा कि आधार
स्‍वर्गीय प्रधानमंत्री
राजीव गांधी की सोच का अगला
चरण है और इसके आ जाने से अब
कोई किसी का अधिकार नहीं मार
पाएगा.

इस खास मौके पर
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह,
सोनिया गांधी, वित्त मंत्री
पी चिदंबरम और यूआईडीएआई के
अध्यक्ष नंदन नीलेकणी के साथ
राजस्थान के मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत भी मौजूद थे.
 
सब्सिडी
का बोझ

मनरेगा पर सालाना
खर्च 36 हजार करोड़, राशन पर 65
हजार करोड़, खाद पर 60 हजार
करोड़, कैरोसीन और गैस
सिलेंडर पर करीब 40 हजार
करोड़  तथा स्वास्थ्य, आवास
आदि पर 40 हजार करोड़ खर्च हो
रहे हैं. कुल मिलाकर सरकार हर
साल 2.5 लाख करोड़ रुपये की
सब्सिडी देती है.

ये बिल
हर साल बढ़ता जा रहा है और
गरीबों का भला भी नहीं हो रहा
है. राहुल गांधी तक इस पर
चिंता जता चुके हैं कि दिल्ली
से एक रुपया जाता है लेकिन
गरीब तक सिर्फ पांच पैसे ही
पहुंच पाते हैं.

राहुल
गांधी के मुताबिक, 'मेरे
पिताजी राजीव गांधी कहते थे
कि दिल्ली से चले एक रुपये
में से 15 पैसे ही गरीब को मिल
पाते हैं. मैं तो कहता हुं कि
पांच पैसे ही गरीब तक पहुंचते
हैं.'

अब बीच में गायब होने
वाले इस 95 पैसे का हिसाब आधार
कार्ड रखेगा. इस कार्ड के
आधार पर ही तय होगा कि कौन
बीपीएल हैं और कौन वास्तव में
सब्सिडी का हकदार है. हकदारों
के बैंक खातों में सीधे
सब्सिडी ट्रांसफर हो जाएगी.

सरकार
ने कैश ट्रांसफर के लिए देश
के 11 राज्यों के 50 जिलों में
पायलट प्रोजेक्ट भी चलाए.

अलवर
में कैरोसीन की सीधे सब्सिडी
दी गई तो छह महीनों के अंदर ही
खपत 80 फीसदी  तक कम हो गयी.
इससे साफ हो गया कि 80 फीसदी
तेल गलत हाथों में जा रहा था.

इसी
तरह मैसूर में पता चला कि 40
फीसदी गैस कनेक्शन फर्जी थे.
सरकार को उम्मीद है कि देश भर
में इसे लागू करने पर गैस
कनेक्शन 14 करोड़ से घटकर 10
करोड़ ही रह जाएंगे .
आन्ध्र
प्रदेश में राशन की दुकानों
का डिजीटिलाइजेशन किया गया
तो 15 फीसदी की बचत हुई. सरकार
को लगता है कि देश भर में राशन
कार्ड का डिजीटिलाटइजेशन
होने पर 6.52 करोड़ राशन कार्ड
में से बोगस और डुप्लीकेट कम
हो जाएंगे.

हाल ही में
यूरिया और अन्य खाद की
सब्सिडी भी किसानों के बैंक
खातों में जमा करने की योजना
शुरू की गई है .

फिलहाल देश
में सिर्फ 21 करोड़ आधार ही
बने  हैं. सरकार का अगले साल
एक जुलाई तक करीब 60 करोड़ आधार
कार्ड बनाकर देश भर में सीधे
सब्सीडी का कैश ट्रांसफर का
इरादा है. लेकिन बड़ा सवाल है
कि क्या तब तक 60 करोड़ आधार
बनाने का काम पूरा हो सकेगा?

वैसे
देश भर में योजना लागू हो गई
तो इससे सब्सिडी का बोझ कुछ
कम हो सकेगा. बचे पैसों से
सरकार शिक्षा, स्वास्थय और
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी
योजनाएं शुरू कर सकेगी. सरकार
को उम्मीद है कि इससे उसे
सियासी फायदा भी होगा.

क्या
है 'आधार'?

यूं समझिए कि
केंद्र सरकार की ओर से हर
आदमी को दिया जाने वाला आई
कार्ड यानी पहचान पत्र है.
यानी कि किसी भी काम के लिए
जिसमें पहचान की जरूरत है
वहां आधार काम आएगा. आधार
कार्ड पर 12 अंकों का एक यूनिक
नंबर लिखा होता है.

अब तक 21
करोड़ आधार कार्ड बनाए जा
चुके हैं. आधार कार्ड बनवाने
में आपको कोई शुल्क नहीं लगता
है. यानी आधार कार्ड मुफ्त
में बनता है. आधार कार्ड में
आपकी तमाम जानकारियों के
साथ-साथ आपकी तस्वीर, आपके
फिंगर प्रिंट्स और आपकी
आंखों की पहचान भी दर्ज होती
है.

'आधार' का फायदा क्या
होगा?

इसमें मौजूद
जानकारी की वजह से किसी भी
काम के लिए बाकी दस्तावेजों
की कॉपी देने की परेशानी से
भी निजात मिल जाएगी. यानी
इसके जरिए पासपोर्ट से लेकर
राशन कार्ड और ड्राइविंग
लाइसेंस तक बन जाएंगे.

यही
नहीं इसके जरिए बैंक खाते भी
आसानी से खुल सकेंगे. सब्सिडी
से लेकर योजना का लाभ उठाने
के लिए भी ये कार्ड काम आएगा.

वैसे
लोग जो काम के लिए दूसरे
शहरों में जाते हैं और जिनके
पास पहचान का जरिया नहीं होता
है उनको इस कार्ड का बड़ा
फायदा होगा. रोजगार के लिए भी
आधार कार्ड के जरिए रजिस्टर
करवा सकते हैं.

आधार कार्ड
में लोगों का बैंक अकाउंट भी
दर्ज होगा, जिससे सब्सिडी
पाने के हकदार लोगों को सरकार
सीधे बैंक एकाउंट में पैसा
डाल सकती है.

इस योजना की
शुरुआत सितंबर 2010 में हुई थी.
देश भर में आधार कार्ड बनाने
का काम जारी है.




http://www.youtube.com/watch?v=6R2NX95I47w




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