सोनिया से मिलने वाले शाही इमाम को दिग्विजय ने बताया सांप्रदायिक

By: | Last Updated: Monday, 2 June 2014 5:13 AM
सोनिया से मिलने वाले शाही इमाम को दिग्विजय ने बताया सांप्रदायिक

नई दिल्ली: चुनाव में करारी हार के बाद गांधी परिवार पर पार्टी के अंदर से हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है. राहुल गांधी पर पार्टी के कई नेताओं के हमले के बाद अब तो कांग्रेस के एक सांसद ने सोनिया गांधी पर सवाल उठाए हैं.

 

इकनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक बिहार के किशनगंज से जीते कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुल हक ने कहा है कि सोनिया गांधी को चुनाव के पहले दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम से नहीं मिलना चाहिए था. इसका मतदाताओं में गलत संदेश गया. कांग्रेस के सांसद मौलाना असरारुल हक के मुताबिक अगर आप कोई अपील जारी करना चाहते थे तो सबके लिए करते, एक खास वर्ग के लिए नहीं करना चाहिए था.

 

जब असरारुल हक ने कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर जुबान खोली तो कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने लगे हाथों शाही इमाम अहमद बुखारी को निशाने पर ले लिया.

 

दिग्विजय ने कहा, “मैं शाही इमाम को स्कुलर शख्स नहीं मानता, वे सांप्रदायिक हैं. इन्होंने 2004 में वाजपेयी के समर्थन में एलान किया था.”

 

दिग्विजय के इस बयान पर शाही इमाम की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.

 

असरारुल हक का बयान

असरारुल हक मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य हैं. हक ने ET से कहा जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद ये कोशिश हमारे खिलाफ गई जिसमें उम्मीद की गई थी कि सेक्युलर वोट बंटने न पाए.

 

असरारुल हक ने इकनॉमिक टाइम्स से कहा, ‘कि पार्टी को सेक्युलरिज्म के बजाय विकास पर चुनाव लड़ना चाहिए था. हक ने कहा कि अगर मोदी देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाते हैं तो उनकी पार्टी सकारात्मक सहयोग देगी. लेकिन हम धारा 370 और समान नागरिक संहिता पर पीएम मोदी की नीतियों का समर्थन नहीं कर सकते.’

 

असरारुल हक चौथे बड़े नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं. इसके पहले मिलिंद देवड़ा, केरल कांग्रेस के नेता टीएच मुस्तफा और राजस्थान के विधायक भंवरलाल शर्मा ने राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं. मिलिंद देवड़ा ने तो अपनी बात पर सफाई दे दी थी लेकिन भंवरलाल शर्मा और मुस्तफा को कांग्रेस से सस्पेंड किए जा चुके हैं.