स्मृति ईरानी को लेकर नया विवाद, क्या इन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर झूठ बोला है?

स्मृति ईरानी को लेकर नया विवाद, क्या इन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर झूठ बोला है?

By: | Updated: 28 May 2014 11:57 AM

नई दिल्ली. शिक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आईं शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को लेकर अब नया विवाद पैदा हो गया है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब इनके द्वारा चुनाव में दिए गये एफडेविट पर सवाल उठने लगा है.


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शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी के बचाव में उतरी मोदी सरकार ने सोनिया गांधी पर हमला बोल दिया है. मोदी सरकार के मंत्रियों ने पूछा है कहां तक पढ़ी हैं सोनिया ? स्मृति ने अपने हलफनामे में भी पढाई को लेकर झूठ बोला है लेकिन बडा सवाल ये है कि क्या ओछी राजनीति करना सही है?

 

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कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि हम लोग किसी के उपर व्यक्तिगत आरोप या कमेंट नहीं कर रहे हैं. और ना ही ऐसी हमारी मंशा है. मुद्दा यह है कि पहली बार जो एफडेविट में उन्होंने जानकारी दी है उसमें और बाद के चुनाव में दी गई जानकारी में अंतर है.

 

शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी की एजुकेशन को लेकर राजनीति गरमाई 

 

अब वह ही जानती होंगी कि 2004 वाली जानकारी सही है या 2014 वाली. यह गलत जानकारी देने का क्रीमीनल केस है. कांग्रेस की तरफ से 2004 में खुद को ग्रैजुएट बताने और 2014 में बारहवीं पास बताने का आरोप लग रहा है.

 

स्मृति की योग्यता पर सवाल क्यों ?

चुनाव आयोग में स्मृति ईरानी ने जो हलफनामा दिया था उसको लेकर विरोधाभाष है. 2004 के चुनाव के दौरान दिए हलफनामे के मुताबिक 1993 में बारहवीं करने के बाद स्मृति ईरानी ने 1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया.  जबकि 2014 में दिए हलफनामे के मुताबिक 1993 में बारहवीं करने के बाद 1994 में बी कॉम फर्स्ट ईयर पास किया . इस हलफनामे में इस बात का ब्योरा नहीं है कि उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री ली है या नहीं.

 

वैसे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की राय बाकी नेताओं से अलग है. उमर का मानना है कि HRD मिनिस्टर का पढ़ा लिखा होना जरूरी है, ये कहना तो वैसी ही बात हुई कि विमान मंत्री का पायलट होना जरूरी है.

 

स्मृति ईरानी कभी लोकसभा का चुनाव नहीं जीती हैं . इस बार राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से लड़कर वो हार गईं हैं . कांग्रेस ने फैसला किया है कि वो बतौर मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का विरोध करेगी .

 

कांग्रेस को एतराज क्यों?

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के जिम्मे देश के तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अलावा आईआईटी और आईआईएम जैसे तमाम बड़े संस्थान हैं.

 

कांग्रेस को इसी बात पर एतराज है कि महज बारहवीं पास को कैसे इतना बड़ा विभाग दिया जा सकता है . लेकिन बीजेपी और सरकार के मंत्री अब कांग्रेसियों से ही पूछ रहे हैं कि सोनिया कहां तक पढ़ी लिखी हैं.

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