हड़ताल के कारण जनता की परेशानी का जिम्‍मेदार कौन?

By: | Last Updated: Wednesday, 20 February 2013 7:03 AM

नई
दिल्‍ली/नोएडा:
तमाम ट्रेड
यूनियनों की ओर से बुलाए गए
बंद की वजह से देश के लोगों को
काफी परेशानियों का सामना
करना पड़ा.

दिल्ली में
ऑटो-टैक्सी नहीं चले, कई
राज्यों में सरकारी बसें
नहीं चली, सरकारी बैंक बंद
रहे और कुछ जगहों पर तोड़फोड़
भी हुई. दिल्ली से सटे नोएडा
के सेक्टर 82-83 में आग की लपटें
भारत बंद की गवाह बनीं.

मजदूर
संघों की बुलाई हड़ताल के
दौरान हिंसा में नोएडा के
होजरी कॉम्पेल्क्स में
मजदूरों ने तोड़फोड़ की. इस
कैंपस में सौ से ज्यादा
कंपनियों की फैक्ट्री है और
मजदूरों ने वेतन बढ़ाने को
लेकर बवाल किया.

हड़ताल का
असर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे
देश पर दिखा. दिल्ली में
मेट्रो-बसें तो चलीं लेकिन
ऑटो-टैक्सियां नहीं चल पाने
की वजह से लोग दिन भर परेशान
रहे. हड़ताल की वजह से ऑटो में
तोड़फोड़ न हो जाए इसलिए ऑटो
वालों ने स्टेशन के बाहर ही
ऑटो छोड़ दिए.

प्रदर्शनकारी
सड़कों पर भी उतरे और जगह-जगह
रास्ता भी जाम किया. अंबाला
में तो हड़ताल को लेकर हुए
झगड़े में बड़ा हादसा हो गया.
बस चलाने को लेकर हुई झड़प के
दौरान हुए हादसे में रोडवेज
के कर्मचारी की जान चली गई.

बिहार
के भागलपुर में तो हड़ताल के
समर्थकों ने बच्चों से भरी
स्कूल बस को भी नहीं बख्शा.
बच्चे विनती करते रहे लेकिन
हड़ताल समर्थक नहीं माने और
बस में तोड़फोड़ कर दी.

आज
क्या-क्या बंद रहा ?

दो
दिनों के बंद में पहले दिन
देश भर में बैंक और
ट्रांसपोर्ट पर सबसे ज्यादा
असर दिखा. कोलकाता में शेयर
बाजार के अलावा कोई भी बाजार
नहीं खुला. दिल्ली में 70 हजार
ऑटो और करीब 15 हजार टैक्सी
हड़ताल में शामिल थे.

मुंबई
में एलआईसी, आरबीआई, बैंकिंग
के कुछ संगठन, सरकारी
कर्मचारी और इंडस्ट्रियल
सेक्टर के कर्मचारी हड़ताल
में शामिल थे, जबकि
ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा असर
नहीं पड़ा क्योंकि
ऑटो-टैक्सी इससे अलग रहे.

लखनऊ,
भोपाल, अहमदाबाद समेत
करीब-करीब पूरे देश में
सरकारी बैंकों का कामकाज ठप
रहा. वहीं, कई शहरों में निजी
बैंकों को जबरन बंद कराया
गया. चंडीगढ़, जयपुर में
ट्रांसपोर्ट ठप रहे और जनता
परेशान रही.

हड़ताल में
रेलवे और एयरलाइंस शामिल
नहीं हैं, लेकिन सरकारी
बैंकों की नौ यूनियन के करीब 10
लाख कर्मचारी भी हड़ताल में
शामिल हैं.

बंद के समर्थन
में मारुति, हीरो और सुजुकी
जैसी कंपनियों के कर्मचारी
भी गुरुवार को शामिल होंगे.
सरकार से बातचीत असफल रही थी
और मजदूर संगठन सड़कों पर उतर
आए.

गौरतलब है कि
केंद्रीय मजदूर यूनियनों ने
सरकार के साथ बातचीत किसी
निष्कर्ष पर न पहुंच पाने के
बाद दो दिवसीय महाबंद का
आह्वान किया है. हड़ताल
भारतीय मजदूर संघ और ऑल
इंडिया ट्रेड यूनियन
कांग्रेस ने मिलकर बुलाई है.
इस हड़ताल में 11 ट्रेड
यूनियनों के करीब ढ़ाई करोड़
कर्मचारी शामिल हैं. वहीं,
सरकारी बैंकों की नौ यूनियन
के करीब 10 लाख कर्मचारी भी
हड़ताल में शामिल हैं.

ट्रेड
यूनियन महंगाई पर सरकार की
नीतियों का विरोध कर रही हैं.
इन 11 यूनियन का सरकार पर श्रम
कानून के उल्लंघन का भी आरोप
है. सवाल ये है कि इस परेशान की
जिम्मेदार कौन है?

संबंधित ख़बरें

नोएडा
में तोड़फोड़ और आगजनी

दिल्‍ली
में नहीं चले ऑटो-टैक्‍सी

बैंकों
में दिन भर नहीं हुआ काम

हड़ताल
पर राजनीति भी शुरू

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: हड़ताल के कारण जनता की परेशानी का जिम्‍मेदार कौन?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017