हो रही थी गैस कांड पीड़ितों की जासूसी: विकीलीक्स

हो रही थी गैस कांड पीड़ितों की जासूसी: विकीलीक्स

By: | Updated: 27 Feb 2012 11:53 PM


भोपाल /
नई दिल्ली:
भोपाल गैस कांड
के पीड़ितों की इंसाफ की
लड़ाई की हो रही थी जासूसी.
विकिलीक्स के इस सनसनीखेज
खुलासे के बाद बवाल मच गया 
है.

विकिलीक्स के संपादक
जूलियन असांजे का नया खुलासा
कहता है कि यूनियन कार्बाइड
की नाइंसाफी के खिलाफ गैस
पीड़ितों के हर कदम की
निगरानी की जा रही थी.

आंदोलनकारी
क्या कर रहे हैं, कहां जमा हो
रहे हैं और वो कैसे सरकार पर
दबाव डाल रहे हैं इस सबकी
जानकारी डाउ केमिकल्स को दी
जा रही थी.

ये सारी
जानकारी स्ट्रैटफोर डाउ को
बेच रहा था ताकि वो इन
सूचनाओं को अपने बचाव की
तैयारी में इस्तेमाल कर सके.
डाउ केमिकल्स ने इसके लिए
अमेरिका की ग्लोबल
इंटेलिजेंस एजेंसी
स्ट्रैटफोर को इसका ठेका
दिया था.

विकीलीक्स के
मुताबिक ये निगरानी 2004 से 2011 के
बीच की गई.

हम आपको बता दें
कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन
कार्बाइड कारखाने से ऐसी गैस
रिसी कि करीब चार हजार लोगों
की जान उसी वक्त चली गई और
लाखों घायल हुए. हादसे में
मौत का गैर सरकारी आंकड़ा 25
हजार से ज्यादा है.





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