17 दिन से पानी में हैं आंदोलनकारी, शासन खामोश

17 दिन से पानी में हैं आंदोलनकारी, शासन खामोश

By: | Updated: 09 Sep 2012 10:23 PM


भोपाल:
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के
ओंकारेश्वर में नर्मदा बचाओ
आंदोलन से जुड़े लोग 17 दिन
पानी में खड़े होकर जल
सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन
इन लोगों की मांगों पर कोई
फैसला नहीं हो रहा है.




तस्वीरों
में: जल सत्याग्रह






मध्यप्रदेश सरकार ने दो
मंत्री आंदोलनकारियों से
मिलने भेजे थे, आज केंद्रीय
टीम भी ओंकारेश्वर का दौरा
करने पहुंचेगी.

जमीन के
लिए जंग लड़ रहे 51 लोगों के
पानी में खड़े हो कर आंदोलन
करने का आज 17वां दिन है. मध्य
प्रदेश के खंडवा में ये लोग
अपनी जान जोखिम में डालकर
आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन
मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक
इनकी मांगों पर कोई फैसला
नहीं किया है.

केंद्र
सरकार की टीम आज खंडवा का
दौरा करने वाली है. जमीन के
बदले जमीन और उचित मुआवजे की
मांग को लेकर ये लोग पिछले 17
दिन से पानी में गर्दन तक
डूबे हुए खड़े हैं.

लगातार
पानी में खड़े रहने से इनके
हाथ-पैर खराब हो रहे हैं.
शनिवार को मध्यप्रदेश सरकार
के उद्योग मंत्री कैलाश विजय
वर्गीय और आदिवासी कल्याण
मंत्री विजय शाह
आंदोलनकारियों से मिलने
पहुंचे थे.

लेकिन नर्मदा
बचाओ आंदोलन की नेता और जल
सत्याग्रह में शामिल
चितरूपा पाली और मंत्री
कैलाश विजय वर्गीय के बीच
तीखी बहस हो गई थी.
आंदोलनकारी मध्य प्रदेश
सरकार की अपील ठुकरा चुके
हैं.

ओंकारेश्वर बांध की
ऊंचाई बढ़ाने से यहां के गांव
के बेघर हुए लोग मध्यप्रदेश
सरकार से जमीन के बदले जमीन
और उचित मुआवजे की मांग कर
रहे हैं. इंदिरा सागर और
ओंकारेश्वर हाइड्रोपावर
प्रोजेक्ट नर्मदा नदी पर ही
बना है.

2011 में सुप्रीम
कोर्ट ने विस्थापितों को
जमीन के बदले जमीन देने का
आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट
ने कहा था कि जिन लोगों की
जमीन डूब प्रभावित इलाके में
आई है, उनको कम से कम पांच एकड़
जमीन मिलनी चाहिए साथ ही उनको
बाजार भाव के हिसाब से मुआवजा
मिलना चाहिए, लेकिन ये काम अब
तक पूरा नहीं हुआ है.




फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story सरकार और राजनीतिक पार्टियों को कोर्ट के मौजूदा संकट से दूर रहना चाहिए: पीएम मोदी