23 घंटे बाद शुरू होगी खजाने की खोज

By: | Last Updated: Thursday, 17 October 2013 1:33 AM

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<b>नई
दिल्ली: </b>यूपी के उन्नाव के
डौड़ियाखेड़ा किले में
खजाने की खोज के लिए खुदाई  23
घंटे बाद कल से शुरू होगी.
पुरातत्व विभाग की टीम आज भी
इलाके में साफ-सफाई करेगी.
राजा राव राम बक्श सिंह के
महल में एक हजार टन सोना होने
की भविष्यवाणी संत शोभन
सरकार ने की है. <br /><br />इस खजाने
की जिसकी खोज में
आर्कियोलॉजिल सर्वे ऑफ
इंडिया कानपुर के पास उन्नाव
के एक महल में खुदाई शुरू
करने जा रही है. <br /><br />दिलचस्प
बात ये है कि खजाने की पहली
जानकारी कानपुर के मशहूर एक
संत के सपने से मिली जिसके
बाद समूचा सरकारी अमला खजाने
की खोज में जुट गया. शोभन
सरकार नाम के संत का दावा है
उनके सपने के मुताबिक महल में
1000 टन सोना मिल सकता है. खुदाई 18
अक्टूबर से शुरू होनी है. <br /><br /><b>साधु,
सपना और सरकार-</b><br />साधु ने
सपना देखा कि किले के खंडहर
में एक हजार टन सोना दबा हुआ
है. साधु ने अपना सपना
केंद्रीय मंत्री चरण दास
महंत को बताया और फिर केंद्र
सरकार के कहने पर पुरातत्व
विभाग की टीम उन्नाव के इस
गांव में खुदाई के लिए पहुंची
है.<br /><br />अगर यह भविष्यवाणी सच
निकली और खजाना मिला तो देश
का वित्तीय घाटा मिट सकता है<br /><br />उन्नाव
के डौंडियाखेड़ा गांव में
राजा राव रामबक्स सिंह का ये
महल बरसों से वीरान पड़ा था
लेकिन एक संत को आए सपने ने इस
महल को ना सिर्फ चर्चा में ला
दिया है बल्कि सरकारी तंत्र
को ये भरोसा भी दिला दिया कि
इस महल की जमीन में कई टन सोना
गड़ा है. <br /><br /><b>ये ख्वाब का
खजाना है-</b><br />उन्नाव के
डौंडियाखेड़ा के राजा
रामबक्स सिंह के इस वीरान महल
में अचानक चहल पहल शुरू हो गई
है. जहां लोग दिन में भी नहीं
आने से डरते थे वहां मेला लग
गया है. ये क्यों कैसे और कब
हुआ इसके लिए पहले आपको उस
सपने के बारे में बताते हैं
जिससे मिली है इस जमीन में
दफ्न खजाने की खबर. कानपुर के
मशहूर संत शोभन सरकार कैमरे
पर नहीं आते इसलिए उनकी
तस्वीर नहीं मिलती लेकिन
अंग्रेजी अखबार मेल टुडे को
तीन महीने पहले आए अपने सपने
के बारे में बताया.
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http://www.youtube.com/watch?v=xOcaA8ex_Ko<br /><br /><b>मेल
टुडे को शोभन सरकार ने बताया-</b><br />मैं
तब से रो रहा हूं जब से मुझे
लगने लगा कि आर्थिक रूप से
भारत बर्बाद हो रहा है. मैंने
अपने गुरु स्वर्गीय
भाष्करानंदजी और स्वर्गीय
सत्सगानंदजी महाराज से अपने
सपने में बात की. मैंने
उन्हें बताया कि राजा की
आत्मा अब भी महल में भटक रही
है और मुझसे विनती कर रही है
कि महल में दबे हुए 1000 टन सोने
को निकालकर मुझे मुक्त करो.
मेरे गुरु मुझ पर हंसे. मैंने
तर्क दिया कि ये उनके लिए भले
ही कुछ ना हो लेकिन ये देश का
खजाना है. वो अंत में मान गए और
मैंने प्रधानमंत्री को खत
लिखा. (शोभन सरकार, मेल टुडे से
बातचीत के मुताबिक)<br /><br />शोभन
सरकार ने अपने इस सपने के
बारे में छत्तीसगढ़ से नाता
रखने वाले उनके करीबी और कृषि
मंत्री चरणदास महंत को भी
चिट्ठी लिखी थी. चरण दास महंत
ने खुद इस खजाने के बारे में
शोभन सरकार से मुलाकात की.
चरण दास महंत ने इसके बाद
उन्नाव के डौंडियाखेड़ा के
इस महल में दो बार दौरा भी
किया और देश के प्रधानमंत्री
से लेकर पुरातत्व और भूगर्भ
विभाग को भी चिट्ठी लिखी.
शासन के निर्देश पर आखिरकार
एएसआई की एक टीम जांच के लिए
इन खंडहरों में जा पहुंची.
हालांकि उन्नाव के डीएम संत
के दावे पर कोई प्रतिक्रिया
नहीं देते लेकिन वो भी खजाने
की खोज शुरू होने की बात कह
रहे हैं.<br /><br /><b>मेल टुडे को
शोभन सरकार ने बताया-</b><br />ASI और
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया
ने अक्टूबर के पहले हफ्ते में
ही यहां काम शुरू कर दिया था
लेकिन 60 एकड़ से बड़े इलाके
में वो सही जगह नहीं पहुंच
पाए. फिर मैं वहां उनके साथ
गया और उन्हें जगह बताई.<br /><br />सूत्रों
के मुताबिक महल की इस जमीन पर
ASI  और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ
इंडिया ने मशीनों से जांच की
और 40 एकड़ से भी ज्यादा बड़े
टीले में बदल चुके महल की
जमीन के 15 से 20 फुट नीचे किसी
भारी धातु के होने का अनुमान
लगाया. ये पत्थर बता रहे हैं
कि जमीन के भीतर ड्रिलिंग के
जरिए भी दबे हुए खजाने की खोज
की कोशिश की जा रही है. शोभन
सरकार के सपने से जो तस्वीर
उभर कर सामने आ रही है वो कुछ
ऐसी है.<br /><br /><b>महल की पूरी
कहानी-</b><br />खजाने की खोज को
लेकर सरकारी कोशिश भले ही अब
शुरु हुई हो लेकिन राजा राव
रामबक्स सिंह के इस महल के
खजाने की कहानी नई नहीं है.
राजा राव रामबक्स सिंह को
शहीद का दर्जा दिया जाता है. 1857
की क्रांति के दौरान रानी
लक्ष्मीबाई का साथ देने के
लिए अंग्रेजों ने उनके महल पर
हमला किया था और उन्हें महल
छोड़कर जाना पड़ा था. बाद में
वो वाराणसी में अंग्रेजों के
हाथों गिरफ्तार हुए और
उन्हें यहीं लाकर सामूहिक
फांसी दे दी गई.<br /><br />राजा राव
रामबक्स सिंह के जो किस्से
उन्नाव में मशहूर हैं उनके
मुताबिक राजाराम बक्स सिंह
को उन्नाव का शेर कहा जाता था.
किस्सा है कि इसी शिवमंदिर
में कुछ अंग्रेज सैनिकों ने
कब्जा कर लिया था और राजा ने
उन्हें जिंदा जला दिया. ये भी
कहा जाता है कानपुर में राजा
की गहनों की दुकानें थीं
लेकिन अंग्रेजों से जंग के
दौरान उन्होंने सारा सोना
इसी महल में दफ्न कर दिया था.
डौंडियाखेड़ा गांव का ये महल
वीरान हो गया लेकिन यहां रहने
वालों के किस्से कहानियों
में खजाने के किस्से एक बार
फिर तैर उठे हैं<br /><br />महल के
नीचे कोई खजाना है या नहीं ये
तो खुदाई के बाद पता चलेगा
लेकिन खजाने को लेकर खींचतान
अभी से शुरु हो गई है. संत के
जिस दावे पर अब सरकार भी यकीन
कर रही है उसके मुताबिक यहां
1000 टन सोना है जबकि देश के सबसे
बड़े बैंक यानी भारतीय
रिजर्व बैंक के पास करीब 550 टन
सोना ही मौजूद है. यानी सरकार
के पास मौजूद सोने से दोगुना
सोना निकल सकता है. इस पर पहला
दावा तो गांववाले ही कर रहे
हैं.<br /><br /><b>कौन हैं ये शोभन
सरकार-</b><br />अब आपको उस संत के
बारे में बताते हैं जिनका
दावा है कि उनके सपने में आया
था डौड़िया खेड़ा गांव का महल
और उसके नीचे गड़ा खजाना.
कानपुर के संत शोभन सरकार ना
तो कैमरे के सामने आते हैं और
ना ही मीडिया से बात करते हैं
लेकिन कानपुर इलाहाबाद जैसे
यूपी के कई शहरों में उनके
भक्तों की तादाद हजारों में
है.<br /><br />पहले उन्नाव के
डौड़िया खेड़ा गांव के महल
में सोना होने का दावा और अब
सोने का अकूत भंडार देश की
सरकार को देने का दावा. शोभन
सरकार को आज पूरा देश इन नए
दावों की वजह से जानता है
लेकिन यूपी के उत्तर प्रदेश
में कानपुर और इलाहाबाद समेत
कई शहरों में शोभन सरकार की
आस्था की पूरी दुनिया बसी हुई
है. <br /><br />कानपुर से 40 किलोमीटर
दूर कानपुर देहात का शिवली
इलाका जहां शोभन सरकार ने एक
भव्य मंदिर बनवाया है. वो इसी
मंदिर में रहते हैं और यहीं
हफ्ते में एक बार अपने भक्तों
को दर्शन देते हैं लेकिन शोभन
सरकार कैमरे पर नहीं आते
इसलिए उनकी कोई तस्वीर नहीं
मिलती. <br /><br />इस मंदिर की
स्थापना करीब 90 साल पहले
मंगली दास स्वामी ने की थी और
इसी मंदिर में शोभन सरकार
पहली बार 22 साल की उम्र में आए
और यहीं के होकर रह गए. <br /><br />संत
शोभन सरकार ने ही बाद में
शोभन के मंदिर को भव्य स्वरूप
दिया. राम जानकी का मंदिर
बनवाया और एक झील भी बनवाई. <br /><br /><br /><br />
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Web Title: 23 घंटे बाद शुरू होगी खजाने की खोज
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