गुजराती साहित्यकार रघुवीर चौधरी को 51वां ज्ञानपीठ पुरस्कार

By: | Last Updated: Tuesday, 29 December 2015 10:21 PM
Gujarati writer Raghuveer Chaudhari given Jnanpith Award for 2015

नई दिल्ली: साहित्य क्षेत्र का प्रतिष्ठित 51वां भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रख्यात गुजराती उपन्यासकार, कवि और आलोचक रघुवीर चौधरी को दिया जाएगा. हिंदी साहित्य के नामचीन समालोचक प्रो. नामवर सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में ज्ञानपीठ चयन समिति ने इसकी घोषणा की. वर्ष 1938 में जन्मे रघुवीर चौधरी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से गुजराती साहित्य में अपनी खास जगह बनाई है और उनके साहित्य पर गोवर्धनराम त्रिपाठी, काका कालेलकर, सुरेश जोशी, प्रो. रामदरश मिश्र और प्रो.जी.एन. डिकी का प्रभाव दिखता है.

Sahitya-Akademi-Award-for-raghuvir-chaudhary
गांधीवादी और आधुनिक गुजराती साहित्य जगत में विख्यात चौधरी का काव्य विचारों की गहराई का बोध कराता है. हालांकि उनकी पहली पसंद काव्य ही है, लेकिन उन्होंने उपन्यासों में भी लगातार गोते लगाए हैं. मानव जीवन की क्रियाशीलता में उनका विश्वास दिनोंदिन बलवती हुआ जो उनके तीन उपन्यासों ‘अमृता’, ‘वेणु वत्सला’ और ‘उप्रवास कथात्रयी’ में दिखाई देता है.

उनकी रचना ‘उप्रवास कथात्रयी’ के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा उन्हें कई अन्य पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है, जिनमें काव्य के लिए कुमार चंद्रक, उमा स्नेहरश्मि पुरस्कार और रचानात्मक लेखन के लिए रंजीतराम स्वर्ण पदक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से सौहार्द संस्थान आदि भी शामिल हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Gujarati writer Raghuveer Chaudhari given Jnanpith Award for 2015
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017