मनमोहन सरकार के तख्तापलट का सच क्या है?

By: | Last Updated: Sunday, 10 January 2016 4:04 PM
What is reality about coup of Mamohan Government?

नई दिल्ली: क्या 2012 में मनमोहन सिंह की सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने की थी? ऐसा दावा किया है कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने. हालांकि मनीष तिवारी के इस दावे को कांग्रेस और जनरल वी के सिंह ने खारिज कर दिया है, जबकि ये खबर छापने वाला अखबार इंडियन एक्सप्रेस अब भी अपने दावे पर कायम है.

मनीष तिवारी जिस घटना को सच बताने का दावा कर रहे हैं वो घटना है 2012 की. 4 अप्रैल 2012 को अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर छापकर दावा किया था कि सरकार की बिना इजाजत के सेना की दो टुकड़ियों ने दिल्ली की ओर कूच किया था. जिसका मकसद मनमोहन सिंह की सरकार का तख्तापलट करना था.

रिपोर्ट में क्या था?

अखबार ने तब जो रिपोर्ट छापी थी उसके मुताबिक 16-17 जनवरी की रात हरियाणा के हिसार से सेना की 33वीं आर्म्ड डिविजन की यूनिट ने दिल्ली की ओर कूच किया था. यूनिट के साथ 48 टैंक ट्रांसपोर्टर्स थे. इस पर आर्म्ड फाइटर व्हीकल (एएफवी) लदे थे. यूनिट को नजफगढ़ के पास रोक कर वापस भेजा गया था.

वहीं आगरा में 50वीं पैरा ब्रिगेड की एक दूसरी टुकड़ी पालम तक पहुंची गई थी. उसे वहीं रोक कर वापस भेजा गया था. खुफिया एजेंसियों ने सरकार को अलर्ट किया था. दिल्ली की ओर आने वाले ट्रैफिक की चेकिंग शुरू हुई थी.

तत्कालीन रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा ने उसी रात डीजी (मिलिट्री ऑपरेशंस) लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाया था और रूटीन मूवमेंट की जानकारी ली थी.

मनीष तिवारी अप्रैल 2012 में तो मंत्री नहीं थे लेकिन वो रक्षा मंत्रालय की एक समिति में जरूर शामिल थे. 2012 में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने एबीपी न्यूज से कहा है कि सेना के मार्च का उन्होंने 2012 में भी खंडन किया था और अब भी उसका खडंन कर रहे हैं.

मनीष तिवारी के आरोपों को तत्कालीन सेनाध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह ने भी झूठा करार दिया है.

मनीष तिवारी के बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है. मनीष तिवारी के दावे को कांग्रेस ने खारिज करते हुए आगे ऐसे बयान न देने को कहा है.

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा कि न पहले सच था और न ही आज ये सच है. ये बिल्कुल बेबुनियाद खबर है.

बीजेपी ने भी बयान झूठा बताया है. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने मनीष तिवारी को ऐसे बयान नहीं देने की नसीहत दी है.

हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस अभी भी अपने दावे पर कायम है. तब इंडियन एक्सप्रेस के संपादक रहे शेखर गुप्ता ने एबीपी न्यूज से कहा है कि उनकी खबर पर अब मुहर लगी है.

ऐसे में सवाल खड़ा होता कि जब कांग्रेस, तत्कालीन रक्षा मंत्री और तत्कालीन सेनाध्यक्ष तीनों इस बात को खारिज कर रहे हैं कि कोई तख्तापलट की कोशिश नहीं हुई थी, तो आखिर मनीष तिवारी के दावे का सच क्या है और अगर मनीष तिवारी सच कह रहे हैं तो 4 सालों तक इसे क्यों छिपाया गया है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: What is reality about coup of Mamohan Government?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017