व्यापम घोटाला | अक्षय सिंह के आखिरी 36 घंटो की पड़ताल

By: | Last Updated: Thursday, 9 July 2015 3:44 PM
36 hours of journalist Akshay Singh

नई दिल्ली: व्यापम घोटाले की पड़ताल कर रहे आज तक के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं. घोटाला तो कई साल पुराना है लेकिन पत्रकार अक्षय सिंह की मौत के बाद ही सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई थी. चौतरफा दबाव पर पहले सीएम शिवराज झुके और फिर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच कै फैसला सुनाया. लेकिन अक्षय की मौत का सच सामने नहीं आया है. इसलिए आज हम पत्रकार अक्षय सिंह के आखिरी 36 घंटों की पड़ताल करने जा रहे हैं.

 

आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि ‘वे पूरे विश्वास बात कर रहे थे कि सोमवार को कई सारे लोगों को बेनकाब कर देंगे. उन्होंने ये बताया था कि उनके पास कुछ ऐसी जानकारियां आई हैं जो सनसनीखेज खुलासे कर देंगी.’ किसको बेनकाब करने वाले थे पत्रकार अक्षय सिंह? कौन सा सनसनीखेज खुलासा करने वाले थे अक्षय सिंह जिसके पहले उनकी मौत हो गई?

 

व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले और आखिरी वक्त में अक्षय के साथ रहे आशीष चुतर्वेदी ने दावा किया है कि अक्षय सिंह के पास  कुछ अहम जानकारियां मौजूद थीं जिसमें कई हाईप्रोफाइल लोगों के नाम शामिल थे.

सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या व्यापम घोटाले से जुड़ा कोई सुराग अक्षय के हाथ लग गया था जो उसकी मौत का कारण बना.. इस सवाल का जवाब मिलने में वक्त लगेगा लेकिन हम आपको दिखा रहे हैं घोटाले की पड़ताल में जुटे अक्षय सिंह की कुछ आखिरी तस्वीरें.

 

सीसीटीवी कैमरे की ये तस्वीरें 2 जुलाई की रात 2 बजे की हैं जब आज तक के रिपोर्टर अक्षय सिंह कैमरामैन किशन के साथ ब्यावरा के होटल रेडियंट पहुंचे थे. सफेद रंग की इनोवा से होटल पहुंचे अक्षय पहले गाड़ी से उतरते हैं अक्षय होटल की तरफ बढ़कर घंटी बजाते हैं. तस्वीरों में अक्षय बालों में हाथ फेरते हुए नजर आ रहे हैं.. होटल का मैनेजर अक्षय को ऊपर ले जाता है. अक्षय सिंह और कैमरामैन होटल रेडियंड के इसी कमरा नंबर 103 में ठहरते हैं. सुबह करीब 9 बजे दोनों होटल से चेकआउट करते हैं. अक्षय रिसेप्शन पर बिल साइन करते हैं और कैमरामैन सामान के साथ नीचे चला जाता है.

 

घोटाले की पड़ताल में जुटे अक्षय को इंदौर निकलना था. सुबह होटल में सिर्फ दो कप चाय मंगवाने के बाद वो वहां से इंदौर के लिए निकल गए थे. 3 जुलाई को दोपहर 2 बजे इंदौर पहुंचने के बाद अक्षय ने स्ट्रिंगर राहुल को बुलाया। अक्षय इंदौर के होटल अमृत रेसीडेंसी में ठहरे हुए थे.

आज तक के स्ट्रिंगर राहुल के मुताबिक ‘हम लोग शाम को पांच बजे मिले थे अक्षय का फोन आया था और हम लोग एमजीएम कॉलेज के पीछे मिले थे वहां चाय पीते पीते हम लोगों की बात हुई और उन्हें एक एडवोकेट से मिलना था जिन्होंने नम्रता डामोर मामले में कोर्ट में पिटीशन दायर की थी उनसे 1 घंटे मिलने के बाद हम लोग वापस होटल आए होटल में कुछ डॉक्यूमेंट्स उन्होंने चेक किए डिनर के लिए उनके एक परिचित थे आनंद राय उनको साथ में लेकर वो हम लोगों को साथ में लेकर डिनर के लिए गए थे.

 

ये है वो स्काई लॉन्ज जहां रात 9 बजकर 17 मिनट पर अक्षय सबके साथ डिनर के लिए पहुंचे थे. अक्षय के साथ कैमरामैन किशन, स्ट्रिंगर राहुल और घोटाले को उजागर करने वालों में से एक आनंद राय चारों इसी सोफे पर बैठे थे. सबने नॉनवेज खाया था लेकिन अक्षय ने सिर्फ दाल रोटी खाई थी. कुर्ता पहने हुए शख्स आनंद राय हैं और टी शर्ट पहने हुए अक्षय सिंह इन तस्वीरों में नजर आ रहे हैं.

 

3 जुलाई का दिन खत्म हो चुका था अगले दिन यानि 4 जुलाई की सुबह अक्षय को इंदौर से झाबुआ के लिए रवाना होना था. 4 जुलाई को ही अक्षय की मौत हो गई थी। अक्षय झाबुआ नम्रता के परिवार से मिलने गए थे जिसकी तीन साल पहले उज्जैन के पास रेलवे ट्रैक पर लाश मिली थी लेकिन पुलिस मौत की वजह आत्महत्या या दुर्घटना बताते हुए फाइल बंद कर दी थी.

 

कैमरामैन किशन के मुताबिक ‘हम होटल से बिना कुछ खाए पिए निकले थे लेकिन बीच रास्ते में हमने कुछ फल ले लिए थे केले लिए थे फिर उनके घर जाकर हमने चाय पी पानी पिया और एक घंटे तक अक्षय उसके पिता जी से बात करता रहा. घर में नम्रता का भाई था वहां पर वो चाय लेकर आया उसने चाय रख दी हमने चाय पी उसके पिता जी थे हमारा स्ट्रिंगर राहुल था और उसका भाई था. अक्षय पूरी फाइलें पढ़ता जा रहा था एक घंटे तक तो वो बात करता रहा फिर उसने कहा कि किशन मेरी जांच पड़ताल हो गई है. अब इनका इंटरव्यू करना है आप फ्रेम बनवा लीजिए फिर मैंने उनकी लड़की की फोटो के साथ फ्रेम बना दिया. फिर 2 मिनट बाद ही वो अपने पेट से मुंह से सांस तेज तेज बाहर करने लगा उसके होंठ कांपने लगे अंदर का थूक बाहर आने लगा पहले हमें लगा कि इसको कुछ बलगम है फिर जब ज्यादा देर तक करने लगा फिर उसका उल्टा हाथ एकदम से मुड़ गया चेहरा का रंग बदल गया। फिर हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है मैंने उसे पकड़ा कहा पानी लेकर आओ राहुल भी था मेरे साथ हमने पानी पिलाने की कोशिश की पर वो नहीं पी पाया इतनी देर में वो सोफे से नीचे गिर गया गिरते ही वो बेहोश हो गया.’

 

अक्षय से बात कर रहे नम्रता के पिता ने भी कुछ ऐसी ही कहानी बताई थी. नम्रता के पिता ने बताया, ‘हम दोनों साथ में कुर्सी पर बैठे थे बात कर रहे थे और दो मिनट के अंदर ही उनको थूक आया और बेहोश हो गए फिर हम उठाकर अस्पताल ले गए पानी भी पिलाया लेकिन नहीं पिया. सरकारी अस्पताल में बोला कि नब्ज नहीं चल रही है उन्होंने कहा हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है. आप जीवन ज्योति ले जाओ हम वहां ले गए लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी फिर हम दाहोद ले गए. ये सब कुछ 25 मिनट में हुआ.

 

अक्षय को अस्पताल ले जाया गया पहले पास के अस्पताल और फिर जीवन ज्योति अस्पताल लेकिन वहां से भी जवाब मिलने के बाद कैमरामैन और स्ट्रिंगर अक्षय को 35 मिनट के भीतर वहां से 33 किलोमीटर दूर दाहोद ले गए. स्ट्रिंगर राहुल के मुताबिक डॉक्टर ने उनसे कहा कि अक्षय की तो एक घंटे पहले ही मौत हो चुकी है.

 

आशीष चतुर्वेदी का कहना है कि उन्हें अक्षय की मौत स्वाभाविक नहीं लगती. आशीष ने कहा, ‘जिन दिन उनकी मौत हुई उस दिन घटना से दो घंटे पहले आखिरी बार मेरी उनसे बात हुई थी उनके तीन दिन के काम और व्यवहार को देखते हुए बिल्कुल ऐसा नहीं लगता कि उनकी मौत स्वाभाविक है उनकी मौत के पीछे जरूर कोई रहस्य है जिसे सामने लाया जाना चाहिए.’

 

आशीष चतुर्वेदी का दावा है कि अक्षय की मौत के दो घंटे पहले तक दोनों की बातचीत हो रही थी. फोन पर हुई बातचीत में अक्षय ने बड़े खुलासे के इशारे के साथ-साथ लेजर से लोगों को मारे जाने का जिक्र भी किया था.

 

इस पूरे मामले को लेकर अक्षय सिंह जो काम कर रहे थे तो उन्होंने एक मामला और बताया कि इन मौतों के पीछे एक बात सामने आ रही है कि कहीं ना कहीं कुछ लोगों को कि भारत में कहीं ऐसा कोई जहर या केमिकल आ गया हो जिससे लोगों को मारा जा रहा है. लगातार हार्ट अटैक हो रहे हैं. दूसरी बात उन्होंने बताई कि लेजर से लोगों को मारे जाने की बात भी सामने आ रही थी. जिसको वो इन्वेस्टीगेट कर रहे थे. लेकिन क्या था किस तरह से मारा जा रहा था उसकी इन्वेस्टीगेशन से पहले ही उनकी दुखद मौत हो गई. उन्होंने बस इतना बताया था कि उसमें एक प्रकार की जानकारी दी जा रही है कि जो रहस्यमय और नए तरीके से मौतें हो रही हैं उसमें लेजर तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है.

 

आशीष की बातों से इतना तो साफ है कि अक्षय के पास घोटाले से जुड़े कुछ अहम सुराग मौजूद थे. आशीष अक्षय की मौत की जांच की बात कर रहे हैं अक्षय का विसरा जांच के लिए एम्स भेजा गया है.

पत्रकार अक्षय सिंह के आखिरी 36 घंटो की पड़ताल 

अक्षय के परिवार ने कहा है कि उसकी मौत सामान्य नहीं है. अक्षय को कोई बीमारी नहीं थी. परिवार के मुताबिक जब अक्षय के घरवालों ने उसके शव को देखा तो शव नीला पड़ा था। और यही उनके शक की वजह है.

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