विजय के 50 साल: आखिर क्यों हुआ था 1965 का युद्ध?

By: | Last Updated: Thursday, 10 September 2015 3:57 PM
50 years of 1965 war

नई दिल्ली: वैसे तो युद्ध विनाश की लीला लिखता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे शांति का जरिया भी कहते हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक अघोषित तीन बड़े युद्ध हो चुके हैं और तीनों में भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी.

 

हर वक्त भारत सहृदयता का परिचय देता रहता है और पाकिस्तान बॉर्डर से लेकर देश के अंदर अपनी नापाक हरकत से भारत को दंश देता है. तारीख गवाह है भारतीय फौज ने कैसे पाकिस्तान को नाकों चने चबवाते हुए उसके घर में घुसकर अपना जौहर दिखाया था. पाकिस्तान की एक गलती ने पूरी दुनिया के सामने उसकी कायरता की दास्तां को बयां कर दिया. इस साल देश ऐतिहासिक जीत की स्वर्णिम जयंती मना रहा है.

 

शहीदों की वीरता को सलाम करने वाला यह जश्न 22 सितंबर तक चलेगा. एबीपी न्यूज़ भी 1965 युद्ध में शहीद हुए जवानों को सलाम करता है. हम आपके लिए इस ऐतिहासिक युद्द से जुड़े ऐसे रोचक और जाबांजी से भरे किस्से लेकर आए हैं जो आपका सीना गर्व से चौड़ा कर देंगे.

 

आखिर क्यों हुआ था युद्द?

ये वो सवाल है जिसे हर कोई जानना चाहते है. दरअसल यह युद्ध पाकिस्तान की हिमाकत का नतीजा था. जानकार कहते हैं कि युद्ध भारत ने नहीं छेड़ा. युद्ध के लिए भारत को पाकिस्तान ने उकसाया. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी ने एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने भारत को युद्ध के लिए उकसाया.

 

दरअसल 5 अगस्त 1965 को करीब 30 हजार पाकिस्तानी सैनिक एलओसी पार करके कश्मीर में घुस आए थे. सभी ने स्थानीय लोगों की वेशभूषा बना ली थी. पाकिस्तान कश्मीर की जनता को अपने घुसपैठियों की मदद से भड़का कर भारत के खिलाफ विद्रोह करवाना चाहता था.

 

भारतीय सेना को पाक की इस नापाक हरकत की जानकारी तो उसी दिन मिल गई थी लेकिन 15 अगस्त का दिन भारत के लिए अहम था. इस दिन पाक सेना का सामना कर रहीं भारतीय सेना को कुछ अन्य भारतीय सैनिक टुकड़ियों का समर्थन मिल गया. इसी दिन भारत ने अपनी फतह का पहला परचम लहराया. भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आठ किलोमीटर घुसकर हाजी पीर दर्रे पर तिरंगा फहरा दिया.

 

दूसरी ओर पाकिस्तान की सेना ने ‘ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम’ शुरू किया. इसका मकसद जम्मू के अखनूर जिले पर कब्जा करना था. इस हमले के बाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने तय किया था कि कश्मीर पर हमले के जवाब में भारतीय सेना लाहौर की तरफ़ मार्च करेगी. लेकिन उस समय तक उन्होंने ये बात किसी से साझा नहीं की. अगले दिन यानी तीन सितंबर को दोबारा उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई और पाकिस्तान पर हमला करने की योजना को अंतिम रूप दिया.

 

इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान के 1840 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्ज़े का दावा किया जबकि पाकिस्तान ने भारत 540 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्ज़े का दावा किया. कहा जाता है कि 1965 युद्ध के भारत की फौज पाकिस्तान के लहौर इंटर नेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच गई थी.

 

इस युद्ध के आखिर में पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल अयूब खाँ इतने हतोत्साहित हुए कि उन्होंने एक मंत्रिमंडल की बैठक में कहा, “मैं चाहता हूँ कि यह समझ लिया जाए कि पाकिस्तान 50 लाख कश्मीरियों के लिए 10 करोड़ पाकिस्तानियों की ज़िंदगी कभी नहीं ख़तरे में डालेगा…कभी नहीं.”

 

अब अगली कड़ी में पढ़िए इसके बाद क्या हुआ? किन वीर शहीदों ने भारत का मान बढ़ाया? कितनी थी भारत के पास हथियारों की ताकत? कैसे टूट गया था पाकिस्तान? 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: 50 years of 1965 war
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: 1965 WAR 50 years of 1965 war
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017