72 साल के चंद्रशेखर का जज्बा, रिटायर होने के बाद भी नहीं रुके

By: | Last Updated: Friday, 5 September 2014 7:18 AM

नई दिल्ली: अक्सर देखा गया है कि सरकारी नौकरियों से रिटायर होने के बाद लोग अपने परिवार के साथ वक्त गुजारते हैं- लेकिन वाराणसी के एक स्कूल से रिटायर होने के बाद भी 72 साल के शिक्षक चंद्रशेखर सिंह ने ऐसा नहीं किया. 72 साल का ये बुजुर्ग शख्स वाराणसी के शिवाजी मिशन स्कूल में पढ़ने वाले तमाम बच्चों का हीरो है.

 

वाराणसी के इस स्कूल से सुनाई दे रहा बच्चों का ये शोर स्कूल के संस्थापक और प्रिंसिपल चंद्रशेखर सिंह की वजह से ही है. चंद्रशेखर सिंह 2002 में सरकारी जूनियर हाई स्कूल से रिटायर हो गए थे, लेकिन दूसरों की तरह घर पर बैठना इन्हें मंजूर नहीं था.

 

चंद्रशेखर सिंह के पास वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में साढ़े तीन बीघा जमीन थी….गुरुजी ने इसी जमीन पर दीवार बनवाई, टीन सेड डलवाया और नौ क्लास रूम का बनाकर स्कूल शुरू कर दिया….इस स्कूल में गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देते हैं चंद्रशेखर सिंह….अपने खर्चे पर इस स्कूल में एल.के.जी.से लेकर आठवीं क्लास तक के बच्चों को पढ़ाते हैं. पेंशन से मिलने वाले ग्यारह हजार रुपये चंद्रशेखर सिंह अपने विद्यालय के रखरखाव,  आठ शिक्षकों और स्कूल स्टाफ पर खर्च करते हैं.

 

अपने पिता की इस नेक कोशिश में उनका साथ देते हैं उनका बेटा और बहू. चंद्रशेखर सिंह के बेटे चेतनारायण और उनकी बहू प्रमिला. परिवार चलाने के लिए चेतनारायण हैंडीक्राफ्ट बनाते हैं लेकिन समय निकाल कर स्कूल में बच्चों को पढ़ाना कभी नहीं भूलते.

 

चंद्रशेखर सिंह न सिर्फ यहां बच्चों को किताब की शिक्षा दे रहे हैं बल्कि उन्हें पर्यावरण का भी ज्ञान दे रहे हैं…स्कूल और उसके आसपास इन्होंने सैकड़ों पेड़ भी लगवाए हैं. चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि सभी पढ़े-लिखे लोगों को कम से कम एक से दो घंटे स्कूलों में जाकर पढ़ाना चाहिए. वाराणसी के शिवपुर के लोगों को अपने इस गुरु पर बहुत नाज है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: 72 yr old Chandrashekhar Singh runs his own school in Varanasi, donates pension to school
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ?????? ?? Teachers' Day
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017