85% भारतीयों को है अपनी सरकार पर भरोसा, 27% चाहते हैं ताकतवर नेता

85% भारतीयों को है अपनी सरकार पर भरोसा, 27% चाहते हैं ताकतवर नेता

भारत में करीब 85 फीसदी जनता अपनी चुनी हुई सरकार में यकीन रखती है हालांकि भारत में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो मिलेटरी या तानाशाही के शासन में विश्वास रखते हैं. पीयू रिसर्च के सर्वे में ये बात सामने आई है. पीयू रिसर्च का यह सर्वे दुनिया भर के कई बड़े देशों में शासन और उनमें जनता के विश्वास के आधार किया गया था.

By: | Updated: 17 Oct 2017 02:30 PM

ऩई दिल्ली : भारत में करीब 85 फीसदी जनता अपनी चुनी हुई सरकार में यकीन रखती है, हालांकि भारत में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो मिलेटरी या तानाशाही के शासन में विश्वास रखते हैं. पीयू रिसर्च के सर्वे में ये बात सामने आई है. पीयू रिसर्च का यह सर्वे दुनिया भर के कई बड़े देशों में शासन और उनमें जनता के विश्वास के आधार किया गया है.


पीयू ने अपनी रिपोर्ट में भारत के बारे में कहा,"  2012 से लगातार 6.9 फीसदी की विकास दर से आगे बढ़ रहे इस देश के 85 फीसदी लोग अपनी सरकार में विश्वास रखते हैं."


हालांकि, पीयू की रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि भारत में करीब 55 फीसदी लोग ऐसे भी हैं जो किसी न किसी तरह से तानाशाही का समर्थन भी करते हैं. भारत जैसा एक लोकतांत्रिक देश, जहां लोकतंत्र इतना मजबूत रहा हो  वहां इस तरह की बात होना वाकई आश्चर्यजनक है.


भारत में करीब 27 फीसदी लोग वो हैं जिनका मानना है कि देश में एक मजबूत नेता का शासन होना चाहिए. भारत दुनिया में एशिया पैसिफिक के उन 3 देशों में भी शामिल है जहां लोग टेक्नोक्रेसी का समर्थन करते हैं. पीयू ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "वियतनाम (67 फीसदी),  इंडिया (65 फीसदी) और फिलीपीन्स (करीब 62 फीसदी) लोग अलग अलग मामलों में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों के शासन का समर्थन करते हैं.


भारत  (53 फीसदी) और साउथ अफ्रीका (52 फीसदी ) के साथ दुनिया के वो देश हैं जहां के लोग डेमोक्रेसी में रहकर भी उसका समर्थन नहीं करते. उनका मानना है कि मिलेटरी शासन उनके देश के लिए बेहतर विकल्प है. हालांकि इन देशों में 50 साल से ज्यादा की उम्र के लोग वो भी हैं जो मिलेटरी शासन का समर्थन नहीं करते हैं. दरअसल ये वो लोग हैं जिन्होंने देश में डेमोक्रेसी स्थापित करने में या तो कभी मदद की है या किसी न किसी तरह से जुड़े रहे हैं.


अन्य देशों की स्थिति -


अगर बात दुनिया के कुछ अन्य देशों के बारे में की जाए तो रूस के करीब 48 फीसदी लोग ऐसे हैं जो एक मजबूत नेता के नेतृत्व में सरकार चाहते हैं लेकिन रिसर्च में ये भी सामने आया है कि रूस में ऐसी सरकारें लोकप्रिय नहीं रही हैं.


रूस की 26 फीसदी जनता का मानना है कि संसद और कोर्ट के बगैर किसी हस्तक्षेप से चलने वाली सरकार एक मजबूत सरकार होगी जबकि 10 फीसदी लोगों का मानना है शासन करने का ये बेहद ही घटिया तरीका होगा.


यूरोप में हर 10 लोगों में से एक करता है तानाशाही का समर्थन - 


यूरोप के 38 देशों में से किए गए सर्वे में ये बात सामने आई है कि यूरोप के हर 10 में से एक आदमी तानाशाही का समर्थन करता है.


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