उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू, केंद्र ने कहा नहीं बचा था कोई विकल्प

By: | Last Updated: Sunday, 27 March 2016 8:12 PM
President’s Rule imposed in Uttarakhand after Governor’s report

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड में पल पल बदलते सियासी समीकरणों के बीच अब उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है.18 मार्च को उत्तराखंड में कांग्रेस वाली हरीश रावत सरकार से 9 विधायकों ने बगावत कर दी थी. इसी के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की अटकलें तेज हो गई थीं. राष्ट्रपति शासन के फैसले को कांग्रेस लोकतंत्र की हत्या बता रही है.

राष्ट्रपति शासन का फैसला सामने आने के बाद हरीश रावत ने ट्विट कर कहा, ”क्या ये राज्य अब जनसेवा से, पॉलिसी और प्लानिंग से चलेगा ? / या इस राज्य का भाग्य निर्धारण स्टिंग और डिफेक्सन करेंगे? मैं ये सवाल हर उत्तराखंडी से पूछना चाहूंगा.”

हालांकि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद उत्तराखंड विधानसभा को भंग ना करते हुए निलंबित किया गया है. इस कदम को बीजेपी अपने लिए उम्मीद के तौर पर देख रही है.

बीजेपी का दावा है अपने 27 विधायकों के अलावा कांग्रेस के 9 बागी विधायक भी उसके साथ हैं. इस तरह राज्य में सरकार बनाने के लिए जरूरी 36 विधायकों का समर्थन पत्र देकर वो राज्यपाल से सरकार बनाने का दावा कर सकते हैं.

वहीं वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि उत्तराखंड में जो कुछ भी हुआ है वो संविधान के दाय़रे में ही हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था.

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा हमारे पास 36 विधायकों का समर्थन मौजूद हैं और वो चुनाव के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं.

पीटीआई के हवाले से मिली खबर के मुताबिक उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज सुबह संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत इस उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए.

modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कल रात हुई केंद्रीय केैबिनेट की आपात बैठक में असम में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की गई . इस बैठक के लिए प्रधानमंत्री अपने असम दौरे को बीच में छोड़कर यहां आए थे. सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कल देर रात राष्ट्रपति को इस बारे में जानकारी दी.

1903 harish rawat 2

बागियों ने किया राष्ट्रपति शासन का स्वागत
कांग्रेस के बागी नेता विजय बहुगुणा ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने का आज स्वागत करते हुए कहा कि हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार को बख्रास्त किया जाना चाहिए क्योंकि वह ‘भ्रष्टाचार’ में लिप्त है. पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने उम्मीद जतायी कि राष्ट्रपति शासन ज्यादा दिन नहीं रहेगा और राज्य में नये चुनाव होंगे.

harish rawat sting topup

अब राज्यपाल के पाले में गेंद

उत्तराखंड के संवैधानिक हालात को लेकर अब राज्यपाल को आग का फैसला करना है. मौजूदा हालात में तीन संभावनाएं नजर आ रही हैं जिसे राज्यपाल अपना सकते हैं.

पहली संभावना- चूंकि विधानसभा निलंबित है…इसलिए दूसरी बड़ी पार्टी यानी बीजेपी को बहुमत साबित कर सरकार बनाने का मौका राज्यपाल दे सकते हैं.

दूसरी संभावना- विधानसभा को भंग कर अगले चुनाव का रास्ता साफ किया जा सकता है.

तीसरी संभावना- इस विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक यानी अगले साल भर तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रखा जाए और उसके बाद अगले चुनाव पर फैसला लिया जाए. 70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा में सरकार बनाने के लिए कम से कम 36 विधायकों का समर्थन जरूरी है.

इन खबरों से पहले कल ही उस वक्त माहौल और गर्मा गया जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आ गया. पहली बार किसी राज्य के मुख्यमंत्री स्टिंग ऑपरेशन में फंसे है. कांग्रेस के बागी विधायकों ने दावा किया है कि हरीश रावत ने पत्रकार उमेश शर्मा के जरिए बागी विधायकों को खरीदने की कोशिश की. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बागी कांग्रेस विधायकों ने स्टिंग का वीडियो जारी किया. सीएम हरीश रावत ने स्टिंग को फर्जी करार दिया है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: President’s Rule imposed in Uttarakhand after Governor’s report
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017