शिक्षा बचाओ आंदोलन तय कर रहा गुजरात का सिलेबल!

By: | Last Updated: Friday, 25 July 2014 6:59 AM

नई दिल्ली: गुजरात राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल ने शिक्षा बचाओ आंदोलन के दीनानाथ बत्रा ने 9 किताबों का सेट राज्य के तमाम सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का निर्देश दिया है. तीस जून 2014 को निगम की तरफ से भेजे गए सर्कुलर में लिखा गया है कि ये किताबें सप्लिमेंट्री (सहायक पाठ्य सामग्री) के तौर पर इस्तेमाल की जाएं.

 

निगम इन किताबों के सेट को राज्य के तमाम पुस्तकालयों में भी भेजने जा रहा है. बत्रा की 9 किताबों के हिन्दी सेट का अनुवाद गुजराती में हुआ है, जिसे राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन सिंह चूडास्मा ने मार्च महीने में विमोचित किया था.

 

बत्रा की किताबों में कई सारे पहलू ऐसे हैं जिन को लेकर विवाद होने की संभावना है. मसलन 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस के तौर पर मनाने का सुझाव या फिर अखंड भारत की कल्पना करते वक्त पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत सार्क देशों को ध्यान में रखा जाए.

 

शिक्षा बचाओ आंदोलन के संस्थापक दीनानाथ बत्रा पहले आरएसएस यानि संघ परिवार का हिस्सा रह चुके हैं और उन्होंने आरएसएस की शिक्षण संस्था विधा भारती के महासचिव के पद पर काम किया हैं.

 

बत्रा पिछले दिनों ख़बर में तब आया जब उन्होंने अमेरिकी लेखिका वेंडी डॉनिगर की किताब ‘द हिंदू: एन ऑलटरनेटिव हिस्ट्री’ को बैन करवाने की कवायद की थी. दीनानाथ ने कोर्ट में किताब के खिलाफ जो पिटीशन डाली थी उसपर फैसला आने के पहले ही पब्लिकेशन ने ‘द हिंदू: एन ऑलटरनेटिव हिस्ट्री’ की सभी कॉपियां हटा लीं.

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