सत्ता में आते ही बदले बीजेपी के तेवर, अब आलोचना करना भी देशद्रोह!

By: | Last Updated: Saturday, 5 September 2015 2:27 AM
A speech against politicians does not invite sedition charges: Maharashtra government

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने सर्कुलर जारी करके कहा है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ टिप्पणी करने पर देशद्रोह का केस दर्ज होगा. महाराष्ट्र सरकार की ओर से पुलिस को जारी किये गए नये दिशा निर्देश में कहा गया है कि सरकार में विधिक तरीके से बदलाव लाने का प्रयास करने वाले लोग देशद्रोह के आरोप का सामना नहीं करेंगे लेकिन जो लोग ऐसा केंद्र या राज्य सरकार के खिलाफ ‘घृणा या अवमानना, असंतोष और हिंसा’ भड़काने के लिए करेंगे उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप लगाये जाएंगे.

 

बड़ा सवाल ये है कि क्या बीजेपी सरकार भी अभिव्यक्ति का गला घोंटने वाली है. सवाल ये भी कि क्या आलोचना करना देशद्रोह है.

तीन साल पुरानी ये तस्वीरें कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की हैं जिन पर देशद्रोह का मुकदमा तत्कालीन महाराष्ट्र की कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने लगाया था. लेकिन भारी विरोध के बाद सरकार ने देशद्रोह का केस हटा दिया था. असीम ने दिसंबर 2011 में मुंबई में अन्ना आंदोलन के वक्त आपत्तिजनक कार्टून बनाए थे.

 

अब महाराष्ट्र सरकार ने इसी केस में हाईकोर्ट के निर्देश का हवाला सर्कुलर जारी किया है जिसके मुताबिक अगर कोई व्यक्ति लिखकर, बोलकर, संकेतों के जरिये या चित्रों के माध्यम से या किसी भी और तरीके से सरकार के प्रतिनिधि या जन प्रतिनिधि के खिलाफ नफरत, अपमान, अलगाव, दुश्मनी, असंतोष, विद्रोह या हिंसा का भाव पैदा करता है या ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए के तहत कार्रवाई हो सकती है.

 

किनके खिलाफ ‘बोलने’ पर सजा ?

महाराष्ट्र सरकार के इस आदेश में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के अलावा ज़िला परिषद अध्यक्षों और पार्षदों को भी जन-प्रतिनिधि माना गया है. यानी इन सभी के खिलाफ की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी देशद्रोह के दायरे में मानी जा सकती है. आदेश में आईपीसी की जिस धारा 124ए का जिक्र किया गया है, वो देशद्रोह के मामले में लागू होती है.

 

देशद्रोह का कानून क्या है ?

भारतीय कानून संहिता के अनुच्छेद 124 A के मुताबिक अगर कोई अपने भाषण या लेख या दूसरे तरीकों से सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश करता है तो उसे तीन साल तक की कैद हो सकती है. कुछ मामलों में ये सजा उम्रकैद तक हो सकती है.

अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए इसी साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66ए के लगातार हो रहे बेजा इस्तेमाल पर उसे तो निरस्त कर दिया था लेकिन ये साफ कर दिया थ कि इसका मतलब ये नहीं है कि किसी को कुछ भी कहने या लिखने की आजादी है. संविधान भले ही हर नागरिक को अभिवय्कित की आजादी देता लेकिन उसकी सीमाएं भी संविधान ने तय कर रखी है. उन सीमाओं से परे जाकर कही या लिखी गई बातों के लिए कानून की उचित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है.

 

कोर्ट के इस फैसले से सोशल मीडिया पर लिखने-बोलने वालों ने राहत की सांस ली थी लेकिन तब भी ये साफ था कि कुछ भी लिखने की छूट नहीं है. लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार कोर्ट के दिशानिर्देश के जरिये बोलने वालों की आजादी पर लगाम लगाना चाहता है.

 

इस सर्कुलर की विपक्षी दलों ने आलोचना की है. विधानपरिषद में विपक्ष के नेता राकांपा के धनंजय मुंडे ने कहा कि यह कदम ‘‘आपातकाल जैसी’’ स्थिति का संकेत देता है. वहीं कांग्रेस नेता नारायण राणे ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ विधिक सलाह ले रही है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: A speech against politicians does not invite sedition charges: Maharashtra government
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

RSS ने तब तक तिरंगे को नहीं अपनाया, जब तक सत्ता नहीं मिली: राहुल गांधी
RSS ने तब तक तिरंगे को नहीं अपनाया, जब तक सत्ता नहीं मिली: राहुल गांधी

आरएसएस की देशभक्ति पर कड़ा हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस संगठन ने तब तक तिरंगे को नहीं...

चीन की खूनी साजिश: तिब्बत में शिफ्ट किए गए ‘ब्लड बैंक’, भारत को फिर धमकी दी
चीन की खूनी साजिश: तिब्बत में शिफ्ट किए गए ‘ब्लड बैंक’, भारत को फिर धमकी दी

नई दिल्ली: डोकलाम विवाद पर भारत और चीन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. चीन ने अब भारत के खिलाफ खूनी...

सृजन घोटाला: लालू का नीतीश पर वार, बोले- घोटाले से बचने के लिए BJP की शरण में गए
सृजन घोटाला: लालू का नीतीश पर वार, बोले- घोटाले से बचने के लिए BJP की शरण में गए

पटना: सृजन घोटाले को लेकर बिहार की राजनीति में संग्राम छिड़ गया है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद...

यूपी: बहराइच में बाढ़ में फंस गई बारात, ट्रैक्टर पर मंडप पहुंचा दूल्हा
यूपी: बहराइच में बाढ़ में फंस गई बारात, ट्रैक्टर पर मंडप पहुंचा दूल्हा

बहराइच: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ आने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. इस बीच बहराइच में...

बेनामी संपत्ति: लालू के बेटा-बेटी, दामाद और पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगा आयकर
बेनामी संपत्ति: लालू के बेटा-बेटी, दामाद और पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल...

नई दिल्ली:  लालू परिवार के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली है. एबीपी न्यूज को जानकारी मिली है कि...

अनुप्रिया की पार्टी अपना दल की मंडल अध्यक्ष संतोषी वर्मा और उनके पति की हत्या
अनुप्रिया की पार्टी अपना दल की मंडल अध्यक्ष संतोषी वर्मा और उनके पति की...

इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की...

गोरखपुर ट्रेजडी: डीएम की रिपोर्ट में डॉक्टर सतीश, डॉक्टर राजीव ठहरा गए जिम्मेदार
गोरखपुर ट्रेजडी: डीएम की रिपोर्ट में डॉक्टर सतीश, डॉक्टर राजीव ठहरा गए...

गोरखपुर: बीते हफ्ते गोरखपुर अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से हुई 36 बच्चों की मौत के मामले...

अगर हम सड़कों पर नमाज़ नहीं रोक सकते, तो थानों में जन्माष्टमी भी नहीं रोक सकते: CM योगी
अगर हम सड़कों पर नमाज़ नहीं रोक सकते, तो थानों में जन्माष्टमी भी नहीं रोक...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों और कांवड़ यात्रा के दौरान...

बच्चे की बलि देने वाले दंपत्ति की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
बच्चे की बलि देने वाले दंपत्ति की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली: तंत्र साधना के लिए 2 साल के बच्चे की बलि देने वाले दंपत्ति की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट...

जब बेंगलुरू में इंदिरा कैन्टीन की जगह राहुल गांधी बोल गए ‘अम्मा कैन्टीन’
जब बेंगलुरू में इंदिरा कैन्टीन की जगह राहुल गांधी बोल गए ‘अम्मा कैन्टीन’

बेंगलूरू: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार की सस्ती खानपान सुविधा का उद्घाटन...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017