आप में गृह युद्ध जारी, केजरीवाल पर तानाशाही का आरोप

By: | Last Updated: Friday, 27 March 2015 12:07 PM
aam adami party controversy

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में गृहयुद्ध जारी है. योगेंद्र और प्रशांत ने अरविंद केजरीवाल पर तानाशाही का आरोप लगाया. आम आदमी पार्टी के संजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बोले कि सभी आरोप गलत हैं, उनकी सभी मांगें मानी गईं. योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के आरोपों पर आप के केजरीवाल खेमे के संजय सिंह, आशुतोष और आशीष खेतान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पलटवार किया.

 

राष्ट्रीय परिषद की बैठक से ठीक पहले प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल गुट का झगड़ा सड़क पर आ गया है. आपस में बातचीत सुलझाने की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद दोनों ही पक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये आरोप लगा रहे हैं. शुरुआत गुरुवार रात से हुई जब योगेंद्र-प्रशांत की चिट्ठी के हवाले से केजरीवाल गुट ने कह दिया कि दोनों का इस्तीफा कबूल हो गया. उस चिट्ठी में योगेंद्र-प्रशांत की मांगों का जिक्र था. लेकिन प्रशांत-योगेंद्र ने पलटवार कर दिया कि अभी तो मांगें नहीं मानी गई तो इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता.

 

‘आप’ के चार संस्थापक सदस्य योगेंद्र, प्रशांत, आनंद कुमार और अजीत झा ने केजरीवाल और उनके साथी सदस्यों पर बड़े आरोप लगाए हैं. योगेंद्र यादव ने कहा है कि केजरीवाल लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के समर्थन से दोबारा सरकरा बनाना चाहते थे. प्रशांत भूषण के मुताबिक केजरीवाल उन लोगों के साथ काम करने को तैयार नहीं हुए और उनसे बार-बार इस्तीफा मांगा जाता था.

 

अब केजरीवाल गुट फिर कह रहा है कि कुछ शर्तों के साथ मांगें तो मान ली गई हैं. गुरुवार को समझौता भी हो गया था. संयुक्त माफीनामा भी तैयार कर लिया गया था लेकिन योगेंद्र-प्रशांत को केजरीवाल पर भरोसा नहीं रह गया है. केजरीवाल गुट ने दावा किया है कि योगेंद्र की लिखी लिस्ट है जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल करने के लिए नेताओँ के नाम दिए गए थे. एक-एक करके आप नेताओं ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के सवाल के जवाब दिए. आप नेता ने कहा कि एनई ने बहुमत से कांग्रेस के समर्थन के साथ सरकार बनाने का फैसला किया था. आप नेता आशीष खेतान ने कहा कि योगेंद्र और प्रशांत ने पहले पार्टी विरोधी काम किया और अब बहाने बनाकर अपना काम कर रहे हैं. संजय सिंह ने कहा कि कल शाम 6 बजे योगेंद्र यादव ने फोन करके मुझे कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल पर भरोसा नहीं है. संजय सिंह ने कहा कि योगेंद्र यादव बाहर कहते हैं कि राष्ट्रीय परिषद राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य चुनें. लेकिन 10 नामों की लिस्ट दी.

 

प्रशांत भूषण का दावा है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस से समर्थन लेने के फैसले पर अड़े केजरीवाल ने क्षेत्रीय पार्टी बनाने की धमकी दी थी.

 

योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने कभी किसी व्यक्ति या पद को मुद्दा नहीं बनाया, वो सिर्फ इतना चाहते हैं कि पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता न करे. इस विवाद के बीच सबकी नजरें आप की कल दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक पर टिकी हुई हैं.

 

झगड़े सुलझे नहीं और आरोपों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है. सवाल-जवाब के बीच इंतजार शनिवार की राष्ट्रीय परिषद की बैठक का है. सूत्र बता रहे हैं कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को निकालने का प्रस्ताव आ जाएगा. अगर दोनों निकाले गए तो आरोपों का सिलसिला बढ़ता ही जाएगा.

 

आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद में फिलहाल 295 सदस्य हैं जबकि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 23 सदस्य हैं. और पीएसी से योगेंद्र-प्रशांत को निकालने के बाद के बाद 7 सदस्य हैं.

 

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