योगेंद्र-प्रशांत के खिलाफ विधायकों के भी बागी सुर, पार्टी से निकालने की तैयारी?

By: | Last Updated: Wednesday, 11 March 2015 3:48 AM
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नई दिल्ली: आप के भीतर जारी घमासान के बीच पार्टी के एक विधायक ने शांतिभूषण और प्रशांत भूषण के साथ ही योगेंद्र यादव को पार्टी से निकालने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है.

 

करावल नगर से आप विधायक कपिल मिश्रा ने यह अभियान चलाया है. उनका कहना है कि पार्टी के विधायकों से उन्हें इस पर सकारात्मक ‘प्रतिक्रिया’ मिली है. मिश्रा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने वालों के खिलाफ मिसाली कार्रवाई की मांग की है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने विधायकों के समर्थन से यह आवेदन, वापस आने पर अरविंद (केजरीवाल) जी को दूंगा. मैंने अपने सभी विधायकों से कहा है और वे आवेदन पर हस्ताक्षर के लिए राजी हैं.’’

 

आम आदमी पार्टी  प्रमुख केजरीवाल फिलहाल, बेंगलूरू में प्राकृतिक चिकित्सा करा रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल खेमा इस महीने के अंत में आप की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के पहले भूषण पिता-पुत्र और योगेंद्र यादव के खिलाफ हर तरीके से मोर्चा खोलना चाहता है.

 

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त शुरू हुआ है जब आप के आला नेताओं ने कल भूषण पिता-पुत्र और यादव पर हमला बोलते हुए उनपर हालिया दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी को हराने और उसकी छवि धूमिल करने के लिए काम करने का आरोप लगाया था. इत्तेफाक है कि इस आवेदन में भी उसी तरह के आरोप है, जैसा कि कल आप के नेताओं ने लगाया था.

 

मिश्रा ने आरोप लगाया, ‘‘विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी दो मोर्चे पर लड़ रही थी. एक तरफ हम बाहरी ताकतों (कांग्रेस और भाजपा) से मुकाबला कर रहे थे, और दूसरी ओर हम अपने ही लोगों से लड़ रहे थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों (भूषण पिता-पुत्र और यादव) ने प्रचार के लिए कार्यकर्ताओं को दिल्ली नहीं आने के लिए कहकर पार्टी की संभावनाओं पर पानी फेरने की कोशिश की और पार्टी को मिलने वाले फंड को भी रोकने की कोशिश की.’’

 

 मिश्रा ने कहा, ‘‘उन लोगों ने हमारी पार्टी और हमारे नेतृत्व की छवि खराब करने की कोशिश की.’’ प्रशांत और यादव पर आरोप है कि वे दोनों केजरीवाल को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाना चाहते थे. पार्टी के सदस्यों ने इन दोनों को पिछले सप्ताह आप की पीएसी से हटाने के लिए वोट किया था.

 

इससे पहले आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी तीनों पर उंगली उठाते हुए कहा था कि पार्टी से जुड़े मुद्दे की पार्टी के बाहर चर्चा गलत है. पार्टी नेताओं के लिए निजी महत्वाकांक्षा के कोई मायने नहीं है.

 

इन सभी आरोपों पर बीते दिन आम आदमी पार्टी के बड़े नेता प्रशांत भूषण ने कहा था कि जल्द सच सबके सामने आएगा. अब वो वक्त आ गया है.

 

एक तरफ प्रशांत-योगेंद्र तो दूसरी तरफ संजय सिंह के बीच बढ़ती तकरार पर आप नेता आशुतोष ने भी खुलकर अपनी बात रखी. आशुतोष ने कहा, अनुशासन के बगैर संगठन का बना रहना मुश्किल है. व्यक्ति बड़ा नहीं बल्कि संस्था बड़ी होती है.

 

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