महाराष्ट्र आप में भी बागी सुर, राज्य अध्यक्ष ने विवादों पर केजरीवाल को ई-मेल भेजकर कहा- सॉर्ट आउट एंड गेट आउट, एडमिरल रामदास ने उठाए सवाल

By: | Last Updated: Wednesday, 1 April 2015 5:41 AM

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल भले कह रहे हों कि पार्टी ठीक चल रही है लेकिन क्या यही सच है? महाराष्ट्र में मयंक गांधी और अंजलि दमानिया के बाद महाराष्ट्र ‘आप’ के अध्यक्ष सुभाष वारे के भी सुर बागी हो गए हैं.

 

पुणे में  बैठक के बाद महाराष्ट्र आप अध्यक्ष ने केजरीवाल को ईमेल भेजा है और लिखा है कि,  पार्टी की विश्वसनीयता औऱ विश्वास पर और दाग लगने से पहले सॉर्ट आउट और गेट आउट कीजिए.”

 

राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. इस बारे में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. दावा ये किया गया है कि सदस्य इस बात पर सहमत हैं कि जो हो रहा है वो पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ है. पार्टी ने अगर नहीं सुनी तो बाकी पार्टियों और आप में कोई फर्क नहीं रह जाएगा.

 

पार्टी के बड़े नेताओं ने जानबूझकर विवाद पैदा किया है. प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, रामदास जैसे नेताओं को निकालने को लेकर महाराष्ट्र आप में नाराजगी है.  जिस बैठक में इतने कड़े सुर उभरे हैं उसमें मयंक गांधी तो थे ही, मीरा सान्याल भी मौजूद थीं. ज्यादातर वो लोग बैठक में शामिल थे जो आप की राष्ट्रीय परिषद की उस बैठक में मौजूद थे जिसमें प्रशांत-योगेंद्र को कार्यकारिणी से निकालने का फैसला हुआ था.

 

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में चुनाव लड़ने की मांग उठ रही है लेकिन पार्टी ने कोई फैसला न लेते हुए ये फैसला लिया है कि कुमार विश्वास महाराष्ट्र के मामले देखेंगे. कहीं ये इसी का असर तो नहीं है?

 

एडमिरल रामदास ने उठाए सवाल

‘आप’ के पूर्व आंतरिक लोकपाल रामदास ने आप सचिव पंकज गुप्ता को फिर लिखी चिट्ठी. पूछा कि बतौर आंतरिक लोकपाल उनका कार्यकाल आखिर कब खत्म हुआ.चिट्ठी लिखकर रामदास ने कहा है कि पार्टी के संविधान के मुताबिक मेरा कार्यकाल नवंबर 2016 तक था.

 

मुझे अपने उत्तराधिकारी का नाम सुझाना था.चिट्ठी में रामदास ने ये भी लिखा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नई लोकपाल समिति बनाने का फैसला हुआ औऱ इसके लिए मुझसे पूछा तक नहीं गया, इसकी जानकारी मुझे मीडिया से मिली.

एडमिरल रामदास ने फिर पूछे ‘आप’ से कड़े सवाल 

पूर्व विधायक ने लगाए केजरीवाल पर बंधक बनाने के आरोप

आम आदमी पार्टी में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. आरोप- प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. पूर्व आप विधायक राजेश गर्ग के बाद अब आप के ही पूर्व विधायक हरीश खन्ना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाया है.

 

हरीश खन्ना का आरोप है कि पिछले साल 49 दिन की सरकार के बाद जोड़तोड़ में लगे केजरीवाल ने उन्हें दिन भर बंधक बनाया.

हरीश खन्ना का आरोप है कि पिछले साल 49 दिन की सरकार के बाद जोड़तोड़ में लगे केजरीवाल ने उन्हें दिन भर बंधक बनाया. हरीश खन्ना का कहना है कि 8 सितंबर 2013 को संगम विहार के विधायक दिनेश मोहनिया का एक स्टिंग केजरीवाल ने सार्वजनिक किया था. इसके जरिए उन्होंने बीजेपी पर खरीद-फरोत का आरोप लगाया था. उसी दिन केजरीवाल ने सभी विधायकों को अकेले अपने घर बुलाया. मौके पर पहुंचने पर सभी विधायकों को बताया गया कि उप-राज्यपाल से मिलकर बीजेपी सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है लिहाजा सभी विधायक उनके घर पर रहेंगे.

 

हरीश का कहना है, ”हमारे लिए खाना मंगाया गया और किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया.”

 

हरीश खन्ना के आरोप पर अभी तक आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई  प्रतिक्रिया नहीं आई है.

 

दिल्ली में केजरीवाल और उपराज्यपाल में टकराव

 

दिल्ली में सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी नजीब जंग के बीच टकराव की खबर आई है. केजरीवाल चाहते हैं कि पुलिस, कानून-व्यवस्था और जमीन से जुड़ी फाइलें पहले उनके पास आएं. इन मुद्दों पर फैसले का अधिकार दिल्ली के एलजी के पास ही है.

 

शपथ लेने के 11 दिन बाद ही केजरीवाल ने 25 फरवरी को एलजी को चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने समझाया कि दिल्ली सरकार के ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रुल्स 1993 के मुताबिक एलजी को दिल्ली के सीएम की सहमति से फैसले लेने चाहिए.केजरीवाल ने एलजी से कोई मांग नहीं की बल्कि उन्हें बताया कि मैंने नियम के तहत गृह विभाग से कहा है कि वो पुलिस, कानून व्यवस्था, जमीन से संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री के कार्यालय के पास भेजें.

 

सामान्य प्रशासन विभाग एक दिन पहले ही इसका आदेश प्रमुख सचिवों को भेज चुका था. इसका मतलब ये है कि दिल्ली पुलिस,डीडीए के मामले सीधे केजरीवाल देखेंगे. कानून के जानकार मान रहे हैं कि केजरीवाल ऐसा नहीं कर सकते, वो इसके लिए अधिकृत नहीं हैं. जब संसद उन्हें अधिकार नहीं देती वो ऐसा नहीं कर सकते. एलजी इस मामले में गृह मंत्रालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.

 

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