दिल्ली चुनाव: सत्ता में 'आम आदमी' की धमाकेदार वापसी

By: | Last Updated: Tuesday, 10 February 2015 8:50 AM

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश के लिए सत्ता संघर्ष में ‘‘आम आदमी की ताकत’’ ने छह दशक से अधिक समय तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी का जहां सूपड़ा साफ कर दिया तो वहीं आम चुनाव में मिली जीत से इठला रही बीजेपी को यह बड़ा सबक सिखाया कि ‘‘आम आदमी की ताकत’’ को कमतर मत समझो.

 

70 सदस्यीय विधानसभा के अब तक प्राप्त परिणामों एवं रूझानों में ‘आप’ 12 सीटें जीत चुकी है और 54 सीटों पर आगे चल रही है. आप का दिल्ली विधानसभा की 90 प्रतिशत से अधिक सीटों पर जीतना तय है और इससे पहले ऐसा देश में केवल दो बार सिक्किम और बिहार में हुआ है.

 

भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आप ने शानदार जीत दर्ज की है. प्रतिष्ठित नयी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने वाले केजरीवाल ने बीजेपी की नुपूर शर्मा को पराजित किया. शर्मा दूसरे स्थान पर रहीं जबकि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण वालिया तीसरे स्थान पर रहीं.

 

बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को भी पार्टी के गढ माने जाने वाले कृष्णा नगर सीट से पराजय का सामना करना पड़ा जहां वरिष्ठ बीजेपी नेता हषर्वर्धन की कई दशकों से मजबूत पकड़ रही थी.

 

अब तक प्राप्त परिणामों एवं रूझानों में बीजेपी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है और केवल एक सीट पर आगे चल रही है. बीजेपी के सभी दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा और उनके किले ध्वस्त हो गए. पार्टी ने बेदी को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने का दांव खेला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को आगे बढ़ाया लेकिन पार्टी को इसका फायदा नहीं मिला.

 

दिसंबर 2013 तक दिल्ली पर लगातार 15 वषरे तक शासन करने वाली कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है.

 

चुनाव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर रायशुमारी के रूप में पेश किए जाने को बीजेपी ने खारिज कर दिया. आप के अभियान का नेतृत्व अरविंद केजरीवाल ने किया था और इनके नेतृत्व में आप के हाथों बीजेपी और कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा .

 

पिछले वर्ष मई में हुए लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत के बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड जैसे कई राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी थी जबकि जम्मू कश्मीर में बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविन्द केजरीवाल को फोन कर उन्हें जीत की बधाई दी और दिल्ली के विकास में केजरीवाल को केंद्र के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया .

 

बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने भी अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा कि ‘‘पूरा श्रेय अरविंद को जाता है .’’ चुनाव में कांग्रेस की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ नेता और पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अजय माकन को सदर बाजार सीट पर हार का सामना करना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर चले गए.

 

चुनाव में पराजय की जिम्मेदारी लेते हुए माकन ने कांग्रेस के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया.

 

राष्ट्रीय राजधानी में आप की लहर का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पार्टी को 54 प्रतिशत मत प्राप्त हुए जबकि बीजेपी को 32.4 प्रतिशत और कांग्रेस को 9.4 प्रतिशत मत मिले.

 

साल 2013 के चुनाव में आप को 28 सीटें मिली थी जबकि बीजेपी को 31 और कांग्रेस के खाते में आठ सीट गई थी. केजरीवाल ने तब कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनायी थी लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं चली और लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया.

 

केजरीवाल 14 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे. यहीं से ‘इंडिया एगेंस्ट करप्शन ’ आंदोलन के दिनों में वह सुखिर्यों में आए थे.

 

राष्ट्रीय राजधानी में आप की जबर्दस्त जीत सिक्किम संग्राम परिषद :एसएसपी: की जीत की याद ताजा करती है जब पार्टी ने सभी 32 सीटें जीती थी जबकि 2010 के विधानसभा चुनाव में बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा में जदयू.बीजेपी गठबंधन ने 206 सीटें जीती थी.

 

1991 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक.कांग्रेस गठबंधन ने 234 सीटों में से 225 पर जीत दर्ज की थी जबकि इसके बाद हुए राज्य विधानसभा चुनाव में द्रमुक.कांग्रेस गठबंधन ने 234 में से 221 सीटें जीती थी. बहरहाल, शानदार जीत के लिए दिल्ली की जनता को सलाम करते हुए आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने आज अपनी पार्टी के सभी लोगों को आगाह किया कि वे इस जनादेश से ‘‘अहंकार’’ में नहीं आएं वरना पांच साल बाद हमारा वही हश्र होगा जो आज इन चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी का हुआ है.

 

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली की जनता ने कमाल कर दिखाया है और मैं उन्हें सलाम करता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप सचाई के रास्ते पर हों तो दुनिया की तमाम ताकतें आपकी मदद के लिए आ जाती हैं. यह सचाई की जीत है.’’ शानदार जीत की घड़ी में केजरीवाल ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों, पार्टी सदस्यों और कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि उनमें अहंकार नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी से आग्रह करना चाहता हूं कि अहंकार में नहीं आना वरना पांच साल बाद हमारा भी वही हश्र होगा. हमें दिल्ली की जनता की सेवा करनी है, जिन्होंने हमें विशाल जनादेश दिया और इसके लिए हम उनके आभारी हैं.’’ केजरीवाल ने बधाई के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा के लिए उनसे शीघ्र ही मिलेंगे.

 

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें केन्द्र की मदद की जरूरत होगी.पार्टी के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आप नेता योगेन्द्र यादव ने कहा, ‘‘ निचले तबके के लोगों ने ही नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों ने आप के पक्ष में वोट दिया. नरेन्द्र मोदी का रथ रूकता दिख रहा है.’’

 

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