देशभर के अखबारों पर चढ़ा 'आम आदमी' अरविंद केजरीवाल का रंग

By: | Last Updated: Wednesday, 11 February 2015 3:36 AM

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कल आए विधानसभा चुनाव के परिणामों से देश के सारे अखबार रंगे हुए हैं. हिंदी हो या अंग्रेजी, सभी अखबारों में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल छाए  हुए हैं. किसी अखबार में केजरीवाल अपने जाने-पहचाने ‘मफलरमैन’, तो कहीं आप का चुनाव चिन्ह झाड़ू ‘आम आदमी’ शीर्षक के साथ अपनी शानदार जीत को बयां कर रहे हैं.

लगभग सभी अखबारों ने दिलचस्प हेडलाइंस के साथ आम आदमी पार्टी की जीत और बीजेपी, कांग्रेस की करारी हार का विश्लेषण करते हुए कार्टून्स और आंकड़ो के जरिए लोगों तक परिणाम पहुंचाए हैं.

 

जहां कुछ अखबारों में मात्र दो साल पुरानी पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) और दिल्ली के भावी सीएम केजरीवाल के चर्चे हैं, वहीं कुछ अखबारों में मोदी लहर के रुकने पर भी सवाल उठाए गए हैं. गौरतलब है बीजेपी की पिछले 14 महीनों में यह पहली हार है. 70 में से 67 सीटें जीत आश्चर्यचकित जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को ‘कांग्रेस मुक्त’ कर दिया, जबकि बीजेपी 3 सीटों पर सिमटकर विपक्ष के काबिल भी नहीं रही है.

 

ज्यादातर समाचार पत्रों ने अपने पहले से लेकर आखिरी पन्ने तक चुनाव परिणामों से संबंधित खबरों, फोटो, ग्राफिक्स, कार्टून्स को प्रमुखता दी है. वहीं विदेशी मीडिया में भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के इस ‘कारनामे’ को भ्रष्टाचार विरोधी पार्ठी के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी की जबरदस्त हार के रुप में पेश किया है.

 

दैनिक भास्कर ने आप की जीत पर हेडलाइन दी है- ‘आप ही आप’. गौरतलब है आप के 70 में से 67 सीटें जीतने के बाद दिल्ली में अब नाममात्र का ही विपक्ष बचा है जबकि कांग्रेस का तो पत्ता ही साफ हो गया है. एनबीटी ने इन नतीजों को बीजेपी-कांग्रेस की सबसे बड़ी हार और आप की सबसे बड़ी जीत के तौर पर पेश किया है. इसके साथ ही एनबीटी ने इन चुनाव पर विश्लेषण के साथ ही लेख, कार्टून और दिल्ली के नतीजों को भी खासी जगह दी है.

 

नवभारत टाइम्स ने लिखा है, ‘AK-67’ दिल्ली में झाड़ू बनी वैक्यूम क्लीनर, केजरी का क्लीन स्वीप.अखबार ने दिल्ली में नतीजों पर लिखा है- जीत का फॉर्मूला? बीजेपी बदलेगी रणनीति? मोदी का मुश्किल? क्या लौटेगा धरना? राजनीति बदलेगी?

 

अमर उजाला ने ‘दिल्ली में सिर्फ आप, बाकी सब साफ’ के नाम से पहली खबर दी है. इसके साथ ही अखबार ने लिखा कि केजरीवाल ने इतिहास रचा है, पहली बार 95 पआतिशत सीटें जीत कर नया रिकॉर्ड बनाया है. अखबार में केजरीवाल की पत्नी के साथ तस्वीर छापी है. गौरतलब है कल केजरीवाल ने नतीजों के बाद अपनी जीत का श्रेय अपनी पत्नी को दिया था. अखबार ने केजरीवाल के उस बयान को भी प्रमुखता दी है जिसमें केजरीवाल ने जीत के बाद कहा था कि जीत के बाद उन्हें डर लग रहा है.

 

दैनिक जागरण लिखता है, ‘5 साल केजरीवाल’. जागरण ने लिखा है कि बीजेपी के विजय अभियान पर झाड़ू फिर गई है और बीजेपी दिल्ली में सिर्फ 3 सीटों पर सिमट गई है.

 

दैनिक भास्कर ने लिखा है, ‘वहीं नई‍ दुनिया अखबार ने केजरीवाल को ‘महानायक’ बताया है. और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ‘चाणक्य’ बताते हुए फेल करार दिया है. इसके अलावा अखबार ने किरण बेदी के भविष्य पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि अब किरण बेदी का क्या होगा?

 

वहीं जनसत्ता लिखता है- भाजपा-कांग्रेस साफ, दिल्ली में आप आप आप. अखबार के संपादकीय में इस बुरी हार के लिए पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा गया है और बीजेपी की हार के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है.

 

हिंदुस्तान ने शार्षक दिया गया है- ‘केवल आप बाकी साफ’ के साथ केजरीवाल की अभिवादन करते एक तस्वीर छापी है. अखबार ने ग्राफिक्स के जरिए केजरीवाल की बंपर जीत को पाठकों को बताया है.

 

पंजाब केसरी अखबार ने लिखा है- ‘दिल्ली हो गई AAP की’. इसके साथ अखबार ने केजरीवाल को स्पाइडरमैन बनाकर छापा है. अखबार ने केजरीवाल के कार्टून को भी झाड़ू के साथ दिखाया है.

 

अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने ‘NEW AAM DELHI’ की हेडलाइन के साथ आम आदमी पार्टी के समर्थकों की तस्वीर छापी है. अखबार ने पीएम मोदी के केजरीवाल को फेन कर बधाई देने और मुलाकात की बात भी छापी है. अखबार ने जीत के बाद केजरीवाल के पहले शब्दों को छापा है जिसमें उन्होंने जीत के बाद डर लगने की बात कही थी.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया का शीर्षक है, ‘WALL TO WALL , KEJRIWAL’ . अखबार ने सवाल उठाते हुए लिखा है कि केजरीवाल ने ‘घर वापसी’ की ऐसी-तैसी कर दिल्ली में एक शानदार 70 में से 67 या 96 प्रतिशत सीटें जीती. आप ने न सिर्फ बीजेपी को साल की सबसे बुरी हार दिखाई बल्कि कांग्रेस को 0 पर लाकर खड़ा कर दिया. इन नतीजों का दिल्ली और देश के लिए क्या संदेश है?

 

हिंदुस्तान टाइम्स ने अरविंद केजरीवाल को जनता का सीएम बताते हुए शीर्षक दिया है, ‘AAP KA CM’.

 

वहीं इकनॉमिक टाइम्स ने इसे मोदी की हार बताते हुए लिखा है- ‘MODI LOSES CAPITAL’. अखबार ने लिखा है कि 2014 के आखिर तक सभी सर्वे में आम आदमी पार्टी को नुकसान दिखाया जा रहा था. लेकिन केजरीवाल के प्रचार अभियान के जोर पकड़ते ही बीजेपी ने अपने चॉप नेताओं को प्रचार में लगा दिया. लेकिन बीजेपी के इस प्रचार का आप पर कोई असर नहीं पड़ा. आप की इस जीत से लगता है कि कांग्रेस की बुरी स्थिति का फायदा उठा आप देशभर में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर सकेगी. बीजेपी के लिए यह मोदी-शाह की हार है और इससे बिहार और बंगाल के आने वाली तैयारियों पर भी असर पड़ेगा.

 

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