सतीश उपाध्याय के खिलाफ आज सबूत पेश करेंगे केजरीवाल

By: | Last Updated: Thursday, 15 January 2015 1:24 AM
AAP’s Arvind Kejriwal alleges nexus between BJP’s Satish Upadhyay & power discoms

नई दिल्ली: दिल्ली में चुनाव की तारीख के एलान के साथ ही सियासी पारा गरम हो चला है. आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सतीश उपाध्याय को चुनौती दी है. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि वे सतीश उपाध्याय के खिलाफ सबूत देंगे.

केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा है, ‘कल सतीश उपाध्याय ने कहा था कि अगर हम सबूत पेश करेंगे तो वे राजनीति छोड़ देंगे. आज हम सबूत पेश करेंगे. मुझे उम्मीद है कि वे अपनी बात पर कायम रहेंगे.’

 

आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी ट्वीट कर कहा है, ‘एक कम बिजली खर्च करने वाला बल्ब दे रहें हैं दूसरा तेज़ चलने वाला मीटर लगा रहा है. BTWये विकास 4 बच्चों में किस नॉ पर पैदा होगा?’

 

केजरीवाल ने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय पर बिजली कंपनियों से सांठगांठ के आरोप लगाए थे. इसके बाद सतीश उपाध्याय ने केजरीवाल के आरोपों को गलत बताया था.

 

केजरीवाल ने दस्तावेज़ों को पेश करते हुए आरोप लगाया है कि सतीश उपाध्याय के उन कंपनियों में शेयर हैं जो दिल्ली में मीटर लगाने और हटाने का काम करती हैं.

 

केजरीवाल ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 30 फीसदी सस्ती बिजली देने का वादा करने वाली बीजेपी ने दिल्ली में दो बार बिजली के दाम बढाए. केजरीवाल के मुताबिक दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली बीएसईएस को सतीश उपाध्याय की कंपनी सेवा देती हैं.

 

सतीश का इनकार

लेकिन बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय का कहना है कि जिन कंपनियों का नाम केजरीवाल ले रहे हैं उन कंपनियों से उनका लेना देना नहीं है.

अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कल  प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ‘अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए व्यवसाय करना गुनाह नहीं है. केजरीवाल के आरोप पूरी तरह झूठे हैं और मैं उनपर मानहानि का केस करूंगा.’

 

सतीश उपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा, ‘केजरीवाल ने जिन 6 कंपनियों के नाम लिए हैं, उनमें से दो कंपनिया जिनमें हमने काम किया है ‘एनसीएनएल पॉवर प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘एनसीएनएल ट्रांसको मीडिया प्राइवेट’ नाम की कोई कंपनी ना तो हमने बनाई ना ही ये कंपनिया इंटरनेट पर उपलब्ध हैं.’

 

सतीश उपाध्याय ने कहा, ‘केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं. अगर ये कंपनियां कहीं है तो केजरीवाल 24 घंटे के अंदर सबूत पेश करें तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा. अगर आरोप झूठे हैं तो केजरीवाल को सक्रिय राजनीति छोड़ना होगा.’

 

सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘केजरीवाल सिर्फ गलत आरोप लगाने की राजनीति करते हैं. केजरीवाल 24 घंटे में आरोप साबित करें या फिर राजनीति छोड़ें.’

 

केजरीवाल ने तथ्यों के आधार पर आरोप लगाया- सोमनाथ

आप नेता सोमनाथ भारती ने कहा है कि केजरीवाल ने जो कहा है वो तथ्यों पर कहा है. सतीश उपाध्याय को कोर्ट जाना है तो जाएं.

 

क्या हैं केजरीवाल के आरोप-

केजरीवाल ने बीजेपी को बिजली के मुद्दे पर घेरते हुए कहा, ‘बीजेपी ने चुनाव के पहले दिल्ली के लोगों को वादा किया था कि वे 30 प्रतिशत बिजली के दाम कम करेंगे. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पिछले सात महीनों में बिजली के दाम कम करने के बजाय बीजेपी ने दो बार बिजली के दाम बढ़ा दिए हैं. बीजेपी ने ऐसा क्यों किया?

 

इसके बाद केजरीवाल ने बताया, ‘आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की बिजली कंपनियों का ऑडिट शुरू करवाया था. अभी बीजेपी की सरकार के दौरान ये बिजली कंपनियां ऑडिट करने के लिए अपने बही-खाते ही नहीं दे रहीं. कई बार बीजेपी सरकार से अपील कर चुका है कि बिजली कंपनियों पर दबाव डालकर उनके बही-खाते दिलवाए जाएं. लेकिन बीजेपी सरकार ने बिजली कंपनियों के ऑडिट के पूरे मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. आखिर बीजेपी बिजली कंपनियों को इतनी मदद क्यों कर रही है?’

 

केजरीवाल ने बीजेपी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘अभी कुछ दस्तावेज सामने आए हैं उनके मुताबिक दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय जी की छे कंपनियां हैं. इनमें से एक कंपनी दिल्ली में बिजली की कंपनी के लिए मीटर लगाने और बदलने का काम करती रही है. बीजेपी के उपाध्यक्ष आशीष सूद इस कंपनी में निदेशक रह चुके हैं. दिल्ली में लगभग सभी लोग लगातार इन मीटरों की शिकायत करते रहे हैं. लोगों की शिकायत है कि मीटर तेज चलते हैं और अनाप-शनाप बिल आ रहे हैं. यह वाकई चौकाने वाली बात है कि ये मीटर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष की कंपनियां ने लगाए हैं.’

 

केजरीवाल ने दिल्ली की जनता की तरफ से बीजेपी से ये सवाल पूछे-

 

1. बिजली कंपनियों को माल सप्लाई करने वाले लोगों को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष क्यों बनाया गया है? क्या ये सीधे Conflict of interest नहीं है.

 

2. सतीश उपाध्याय और आशीष सूद की बिजली घरानों के साथ जानकारी होते हुए भी बीजेपी ने उन्हें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाया. दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि बीजेपी के बिजली कंपनियों के साथ क्या संबंध हैं?

 

3. बीजेपी ने बिजली कंपनियों के मालिक अनिल अंबानी को स्वच्छता अभियान का एम्बेसडर भी बनाया है. दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि बीजेपी के बिजली कंपनियों से कितने गहरे रिश्ते हैं?

 

4. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कंपनियों ने आज तक कितने बिजली के मीटर सप्लाई किए? ये मीटर उन्होंने किससे खरीदे और कितने में खरीदे? ये मीटर आगे बीएसइस को कितने में बेचे?

 

5. सतीश उपाध्याय जी की पांच और कंपनियां हैं. क्या इन पांचों कंपनियों के भी बिजली कंपनियों से संबंध हैं? यदि हां तो वो क्या हैं?

 

 

6. चुनाव के बाद सतीश उपाध्याय और आशीष सूद विपक्ष के नेता बनेंगे तो हमारी सरकार को बिजली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहयोग करेंगे या बाधा डालेंगे?

 

आपको बता दें कि  दिल्ली में चुनाव की तारीख के साथ चुनाव का शंखनाद हो चुका है. 7 फरवरी को वोटिंग और 10 फऱवरी को नतीजे आएंगे. चुनाव के एलान के साथ दिल्ली की तीनों बड़ी पार्टियां जीत का दावा करने लगी हैं.

 

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