ABP DEBATE: क्या मोदी प्रधानमंत्री बन पाएंगे?

By: | Last Updated: Thursday, 12 September 2013 11:54 PM

नई दिल्ली: आरएसएस से
निर्देश मिलने के बाद बीजेपी
गुजरात के मुख्यमंत्री
नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की
तैयारी में जुट गई है और
सूत्रों से यही खबरें आ रही
हैं कि आज शाम पार्टी की तरफ
से पीएम पद के उम्मीदार के
तौर पर मोदी के नाम का एलान कर
दिया जाएगा.

लेकिन सवाल है कि क्या मोदी
प्रधानमंत्री बन पाएंगे?
एबीपी न्यूज़ डॉट इन पर आज
बहस का मुद्दा यही है. नीचे
दिए गए कॉमेंट बॉ्कस के जरिए
आप अपनी राय भेजकर इस बहस का
हिस्सा बन सकते हैं.

मोदी
के पीएम पद की उम्मीदारी पर
आरएसएस की हरि झंडी मिलने के
बाद हर कोई के जेहन में यही
सवाल है कि क्या मोदी पीएम भी
बन पाएंगे…. सवाल जिनता सीधा
है शायद जवाब इतना आसान नहीं.

अभी तो औपचारिक एलान होना
बाकी है, लेकिन जिस तरह उनकी
उम्मीदवारी पर पार्टी में ही
फूट पड़ी, रस्साकशी दिखी…
उससे उनके आगे के सफर पर सौ
सवाल खड़े होते हैं…

मोदी के सामने चुनौतियां

पहले एनडीए के नेता बनने की…
और फिर देश के नेता बनने की…
एनडीए अब बचा भी है.. कहना
मुश्किल है.. क्यों शिवसेना
और अकाली के बाद उसमें कोई
नहीं है.

सवाल है कि कौन पार्टी उनके
साथ जुड़ना चाहेगी.. जब उनके
नेता बनने का सवाल आएगा तो
उनका अतीत सामने आ जाएगा और
ऐसे में उनकी राह काफी
मुश्किल होगी.

अब मोदी के सामने चुनौतियां
है सुस्त पड़े संगठन में जान
फूंकना, गठबंधन का दायरा
बढ़ाना..

मोदी को ये भी ध्यान रखना
होगा कि बीजेपी की राजनीतिक
जमीन सिर्फ 71 फीसदी उपजाऊ है
तो 29 फीसदी जमीन पार्टी के लिए
बंजर की तरह है यानि लोकसभा
की 156 सीटों पर पार्टी का वजूद
तक नहीं है.

मोदी को 71 फीसदी लोकसभा सीटों
पर ही अपना करिश्मा दिखाना
होगा. उनके लिए दिल्ली का ताज
तभी संभव है जब पार्टी के
ग्राफ को वो 200 सीटों से ऊपर ले
जाने में कामयाब हो पाते हैं
यानि इन सीटों पर 60 फीसदी
सफलता  की जरूरत होगी.  जो
चुनावी इतिहास में इतना आसान
नहीं होता.

बीजेपी की मौजूदगी 543 लोकसभा
सीटों में से करीब 387 सीटों पर
है. ये राज्य हैं असम, बिहार,
छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात,
हरियाणा, हिमाचल प्रदेश,
जम्मू-कश्मीर, झारखंड,
कर्नाटक, मध्यप्रदेश, दिल्ली,
उड़ीसा,पंजाब, राजस्थान,
उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड.

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़
में बीजेपी सरकार को सत्ता
विरोधी लहर का सामना है.
बिहार में पार्टी का गठबंधन
टूट चुका है. हिमाच की सत्ता
खो चुके हैं. कर्नाटक हाथ से
निकल चुका है.

2009 के चुनाव में बीजेपी 110
सीटों पर दूसरे नंबर पर थी.
क्या मोदी इन सीटों के नतीजे
बदलने में कायमाब होंगे.

दूसरी ओर बीजेपी का मुकाबला
कांग्रेस से है… पिछले
लोकसभा चुनाव से तुलना की जाए
तो जहां कांग्रेस को देश के 12
करोड़ मतदाताओं ने अपना मत
दिया था तो वहीं बीजेपी को
महज़ 8 करोड़ वोटरों ने अपना
समर्थन दिया था.

मोदी के पक्ष में हवा

यह सच है कि हाल में जितेने भी
सर्वे आए हैं मोदी को मनमोहन
और राहुल से काफी आगे दिखाया
गया है, लेकिन वह पार्टी को
सत्ता के करीब ला पाने में
नाकाम दिख रहे हैं.

लेकिन सर्वे का क्या..यह तो
मायाजाल है… और इतिहास भी है…

सर्वे के नतीजे की वजह से ही
इंडिया शाइनिंग की चकाचौंध
में चकराकर बीजेपी का सपना
चकनाचूर हो गया था वैसे ही
कहीं मोदी शाइनिंग के
मुगालते में कहीं पार्टी की
दुर्गति 2004 जैसी न हो जाए. यह
आशंका मोदी समर्थकों और
प्रशंसको के बीच भी खूब है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ABP DEBATE: क्या मोदी प्रधानमंत्री बन पाएंगे?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017