ABP News EXCLUSIVE: 39 भारतीय कहां हैं ?

By: | Last Updated: Friday, 28 November 2014 2:41 PM

नई दिल्ली : इराक के मोसूल में जून महीने में ISIS के आतंकियों ने 40 भारतीयों को अगवा कर लिया था. एबीपी न्यूज ने कुर्दिस्तान के इरबिल में इन भारतीयों का सुराग देने वालों की खोजबीन की. इरबिल में दो बांग्लादेशी नागरिकों ने अगवा हुए 40 भारतीयों के बारे में सनसनीखेज खुलासे किए हैं. ये बांग्लादेशी नागरिक भी 40 भारतीयों के साथ बंधक बनाए गए थे लेकिन बाद में इन्हें छोड़ दिया गया था.

 

इन बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि 40 भारतीयों में एक भारतीय आतंकियों के कब्जे से भाग निकला था और उनके साथ इरबिल आया था. दोनों बांग्लादेशी नागरिकों ने इस भारतीय के हवाले से अगवा भारतीयों के बारे में बड़ा खुलासा किया है. ABP न्यूज इनके दावे की पुष्टि नहीं करता है लेकिन अगवा भारतीयों के बारे में पहली बार चश्मदीदों के हवाले से हुआ खुलासा हम आपको बता रहे हैं.

 

ABP News EXCLUSIVE खौफनाक दास्तान: चश्मदीदों ने बताई झकझोर देने वाली सच्चाई ! 

 

देश की राजधानी दिल्ली से 3700 किलोमीटर दूर उत्तरी इराक का कुर्दिस्तान. इराक के मोसूल से सिर्फ 88 किलोमीटर दूर कुर्दिस्तान की राजधानी इरबिल में एबीपी न्यूज पहुंचा . वो ही मोसुल जहां 10 जून को आतंकी संगठन ISIS ने कब्जा कर लिया था. सुन्नी चरमपंथी आतंकी संगठन ISIS जिसकी दहशतगर्दी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था.

 

बेरहमी से निर्दोषों को मौत के घाट उतारने वाले इसी आतंकी संगठन ISIS ने 40 भारतीय मजदूरों को अगवा किया था. 11 जून को अगवा किए गए 40 भारतीय मजदूरों का पिछले 165 दिनों से कोई अता-पता नहीं है. ज्यादातर मजदूर पंजाब के रहने वाले हैं. पंजाब से 3700 दूर रोजी की तलाश में मोसूल पहुंचे थे लेकिन आतंकवादियों के कब्जे में पहुंच गए.

 

165 दिन के बाद पहली बार दो चश्मदीद सामने आए जिन्होंने आखिरी बार उन भारतीय मजदूरों को देखा था. बांग्लादेश के इन दो चश्मदीदों से एबीपी न्यूज की मुलाकात इराक के इरबिल शहर में हुई .

 

दरअसल एबीपी न्यूज भारत के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविंशकर के साथ इराक की राजधानी बगदाद से करीब 400 किमी दूर कुर्दिस्तान पहुंचा था. श्री श्री रविशंकर इस इरादे के साथ इराक पहुंचे थे कि वो ISIS के मुखिया अल बगदादी से बातचीत करके इस दहशतगर्दी को बंद करने का कोई रास्ता निकाल सके. हालांकि श्री श्री रविशंकर की आतंकियों से कोई बातचीत नहीं हो पाई.

 

श्रीश्री रविशंकर के साथ ही एबीपी न्यूज भी इराक के कुर्दिस्तान इलाके में मौजूद था. एबीपी न्यूज ने 40 भारतीय मजदूरों की ढूंढने की कोशिश की. और इस कोशिश के दौरान ही एबीपी न्यूज संवाददाता जगविंदर पटियाल की मुलाकात शफी कुल इस्लाम और हसन नाम के दो बांग्लादेशी नागरिकों से हुई जो भारतीय मजदूरों के अगवा होने के बाद उनके साथ थे. इन दोनों चश्मदीदों ने बताई है झकझोर देने वाली सच्चाई.

 

चश्मदीदों ने बताया कि 10 बजे दिन में एक रोटी देते बस. खाना नहीं मिलता था. शफी कुल इस्लाम और हसन ने बताया कि एक भारतीय ने कहा हम मुसलमान बन जाएंगे छोड़ दो हमें. लेकिन उसको नहीं छोड़ा.

 

हरजीत मसीह जिंदा है तो दुनिया के सामने क्यों नहीं लाया जा रहा है ?

 आतंक का दूसरा नाम बन चुका है ISIS 

 

शफी और हसन का दावा है कि 40 अगवा भारतीयों में से सिर्फ एक ही जिंदा लौटा – वो है हरजीत . शफीकुल और हसन का दावा है कि अगवा हुए 40 भारतीयों में एक हरजीत बचकर भाग आया था और उनके पास पहुंचा था. शफी और हसन का दावा है कि हरजीत ने उन्हें बताया कि अब कोई नहीं बचा. शफी और हसन का दावा है कि हरजीत इरबिल में ही कहीं पर है.