क्या बांग्लादेशियों को हिंदू बनाया गया? ABP न्यूज के खुलासे पर लगी मुहर

By: | Last Updated: Sunday, 14 December 2014 12:02 PM
abp news exclusive on conversions

आगरा/नई दिल्ली:  आगरा धर्म परिवर्तन विवाद सामने आने के बाद एबीपी न्यूज की उस पड़ताल पर मुहर लगी है कि आगरा में बांग्लादेशी मुसलमानों को हिंदू बनाया गया. आगरा के वेदनगर के रहने वाले लोगों ने दबी जुबान से मान लिया है कि वो लोग बांग्लादेश से ही भारत आये थे.

 

आगरा के वेदनगर के रहने वाले मिट्ठू,  मसूद रहमान, रमजान ने माना है कि वो अपने पिता के साथ बांग्लादेश से भारत आए थे.

ABP की पड़ताल: क्या आगरा में बांग्लादेशियों को हिंदू बनाया?  

आपको बता दें कि शुक्रवार को एबीपी न्यूज़ ने अपनी पड़ताल पेश की थी जिसमें पाया था कि आगरा के वेदनगर में जिन लोगों का धर्मांतरण किया गया था, भारत के नागरिक नहीं बल्कि बांग्लादेश के नागरिक हो सकते हैं.

 

क्या थी एबीपी न्यूज़ की पड़ताल?

 

क्या आगरा में जिन लोगों का धर्मांतरण कराया गया है वो बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं?

आगरा में धर्म परिवर्तन करने वालों के बारे में एडीएम राजेश श्रीवास्तव ने एबीपी न्यूज़ ने कहा, “हमारी टीम जांच कर रही है. प्रत्येक घरों की डीटेल ली गई है, वे जहां के बता रहे हैं उनकी जांच हो रही  है और उसका सत्यापन किया जा रहा है. अगर ये बांग्लादेशी निकले तो कानून के हिसाब से उनके देश भेजा जाएगा.”

 

ABP न्यूज़ ने भी इन लोगों की नागरिकता की जांच की है. आगरा के वेदनगर में ABP संवाददाता नीरज राजपूत को इस्माइल से जो सूत्र मिले हैं, उसकी पड़ताल ABP न्यूज़ संवाददाता सौमित्र सेन ने चौबीस परगना के तेतुलिया गांव में की.

 

ABP न्यूज की जांच रिपोर्ट का खुलासा करने से पहले आपको बता दें कि दैनिक जागरण अखबार ने इन लोगों की नागरिकता के बारे में लिखा है. दैनिक जागरण लिखता है, “प्रशासन को खबर मिली है कि 185 लोग बांग्लादेश के हैं.”

 

जनसत्ता अखबार भी इन लोगों की नागरिकता पर सवालिया निशान लगाते हुए लिखता है, “बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को धर्मांतरण की हकीकत पता है. प्रदेश के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता कहते हैं, आगरा में जिनको मुसलमान बताकर धर्मांतरण कराया गया है वो सभी बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं. उसके बाद भी वो खामोश हैं.”

 

बीजेपी की इस खामोशी की वजह क्या है?

 

बड़ा सवाल, बीजेपी की इस खामोशी की वजह क्या है?  क्या पीएम मोदी के वो बयान जो उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर अलग-अलग समय पर दिया है?

 

नरेंद्र मोदी ने कहा था, “लेफ्ट हो, कांग्रेस हो और टीएमसी हो, तीनों को देश के जवान को रोजगार मिले इसकी चिंता नहीं है, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठिय की रोजी रोटी चले इसकी चिंता है. ताकि उनके वोट की पेटी चलती रहे.”

 

पश्चिम बंगाल में एक दूसरी सभा में मोदी ने कहा था, “उडीशा से यहां आ जाए, मरवाड़ी आ जाए तो दिक्कत है और अगर कोई बांग्लादेशी आए जाए तो उनके चेहरे पर चमक आ जाती है.”

 

पीएम मोदी के साथ-साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी बांग्लादेश से घुसपैठ के मुद्दे को जोरशोर से उठाते रहे हैं.

 

मोहन भागवत कहते हैं, “घुसपैठिए घुसते हैं और यहां आकर घुल मिल जाते हैं. राशन कार्ड और मतदाता सूची में नाम दर्ज होता है. उनको मदद किसकी मिलती है. हमारे अपने समाज के लोगों से ही मिलती है.”

 

लेकिन इस बार हिंदू संगठनों पर ही आरोप लग रहा है कि उन्होंने फर्जी वोटर कार्ड और राशन कार्ड का वादा करके लोगों का धर्मांतरण कराया है.

 

क्या है हकीकत?…एबीपी न्यूज़ की पड़ताल

 

इस मामले की जांच आगरा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने वाले इस्माइल और उसकी पत्नी मुनीरा से शुरू करत हैं.

 

इस्माइल और उसकी पत्नी मुनीरा ने बताया कि वो पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और कोलकाता से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर उत्तरी 24 परगना जिले में है उनका गांव…तेतुलिया…जो बांग्लादेश की सीमा के करीब पड़ता है.

 

इस्माइल ने एबीपी न्यूज़ से बताया, “मेरा घर कोलकाता के 24 परगना के तेतुलिया गांव में है.”

 

इस दावे की पड़ताल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि आगरा के वेदनगर की झुग्गी कॉलोनी में कबाड़ी का काम करनेवाले इस्माइल और मुनीरा के वोटर आईकार्ड भी बन चुके हैं.

 

आगरा धर्म परिवर्तन कांड की जांच आगे बढ़ने के साथ ABP न्यूज ने भी इस्माइल और मुनीरा के दावों की पड़ताल की कोशिश शुरू की.

 

इस्माइल के बताए पते की पड़ताल के सिलसिले में ABP न्यूज के कोलकाता संवाददाता ने आगरा में मौजूद इस्माइल से फोन पर बात की और उसके गांव तेतुलिया का पता ठिकाना मांगा.

 

ABP न्यूज के कोलकाता संवाददाता को इस्माइल ने गोल-मोल अंदाज में अपना पता बताया.

इस्माइल के दावे पर ABP न्यूज को भी पूरी तरह भरोसा नहीं हो पा रहा था. ऐसे में पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में तेतुलिया गांव जाकर पड़ताल की जरूरत महसूस हो रही थी.

 

ABP न्यूज के कोलकाता संवाददाता इस अभियान पर निकले…और तेतुलिया गांव तक जा पहुंचे.

 

इसके बाद इस्माइल और उसके बताए पते की खोजबीन शुरू हुई. इस्माइल के दावा तेतुलिया गांव में झूठा साबित हो रहा था. बुजर्ग से लेकर नौजवान तक…कई लोगों से इस्माइल के बारे में पूछा गया…लेकिन इस्माइल को पहचानने वाला कोई भी नहीं निकला.

 

ABP संवाददाता ने तेतुलिया के आसपास के गांवों में भी इस्माइल की खोज-खबर लेनी चाही. स्थानीय लोगों से इस्माइल और मुनीरा बेगम की तस्वीरें दिखाई गई, लेकिन वहां कोई भी उन्हें पहचानने वाला नहीं था.

 

इतनी जांच-पड़ताल के बाद ये तो साफ हो गया था कि इस्माइल के दावा सच नहीं है, क्योंकि इस्माइल के बताए पते पर उसकी शिनाख्त करने वाला कोई नहीं मिला. इस्माइल तो क्या…उसके पिता…उसके दादा के बारे में भी न तो किसी ने सुना था. ये भी साफ था कि इस्माइल जैसा बता रहा है. उस इलाके में वैसा कोई परिवार नहीं था.

 

आगरा में मौजूद ABP न्यूज संवाददाता ने इस्माइल से इस बारे सवाल किया…तो जवाब गोल-मोल मिला.

ABP न्यूज की जांच-पड़ताल में पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के तेतुलिया गांव से इस्माइल का रिश्ता अभी तक जुड़ता तो नहीं दिख रहा है. कुल मिलाकर तस्वीर साफ है. अब ABP न्यूज उन सबूतों की तलाश में है. इस्माइल, मुनीरा और आगरा में धर्म परिवर्तन कराए गए लोगों की बांग्लादेशी पहचान साफ हो सके. ये जिम्मेदारी आगरा प्रशासन की भी है…जिसके अधिकारियों ने बिना पुख्ता जांच-पड़ताल के इस्माइल और मुनीरा के हाथों वोटरआईकार्ड भी थमा दिया.

 

ABP न्यूज की ये पड़ताल आगरा में लगे धर्मांतरण के आरोपों पर आधारित है. ABP न्यूज साफ करना चाहता है कि हम तमाम कोशिशों के बावजूद ये साबित नहीं कर पाए कि इस रिपोर्ट में दिखाए जा रहे धर्मांतरण के शिकार इस्माइल और उनकी पत्नी मुनीरा बेगम भारत में कहां के रहने वाले हैं. हम उनके बताए पते पर कोलकाता से 150 किमी दूर उत्तर 24 परगना जिले में भी गए लेकिन वहां उनकी गवाही देने वाला कोई नहीं मिला. ये जरूर बता दें कि इन्होंने तेतुलिया नाम का जो इलाका बताया है वो भारत में बांग्लादेश की सीमा से लगा है. 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: abp news exclusive on conversions
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017