एबीपी न्यूज-नील्सन सर्वे: मोदी का जलवा बरकरार लेकिन महंगाई और भ्रष्टाचार पर लोगों में टूटा भरोसा

By: | Last Updated: Saturday, 15 August 2015 1:16 AM
ABP NEWS-Nielsen survey: pm narendra modi’s popularity

नई दिल्ली: एबीपी न्यूज-नील्सन के सर्वे में अभी भी देश का मूड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिख रहा है. हालांकि महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी सरकार पर जनता का भरोसा टूटता नजर आ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू अभी भी बरकरार है. मोदी के प्रधानमंत्री बनने से क्या देश में लोगों की जिंदगी में बदलाव हुआ या नहीं. इस राय में कांटे की टक्कर दिख रही है. 41 फीसदी ने माना कि उनकी जिंदगी बदली है जबकि 42 फीसदी लोगों की राय है कि उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला से वायदों का पिटारा खोल दिया था और केंद्र में मोदी सरकार के सवा साल पूरे होने वाले हैं. मोदी सरकार सवा साल में अपने वायदे पर खड़े उतरे या नहीं इस पर एबीपी न्यूज-नीलसन ने देश की जनता का मूड जानने की कोशिश की है. एबीपी न्यूज- नीलसन सर्वे के मुताबिक मोदी सरकार का जलवा बरकरार है.

 

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या आपका जीवन बेहतर हो गया?

 

इसके जवाब में 41 फीसदी ने कहा कि हां उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है. 15 फिसदी ने कहा कि खराब हुआ है. 42 फीसदी लोगों का मानना है कि कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.

 

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र के एक वायदों में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार भी था. क्या मोदी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपना वायदा निभाया? मोदी सरकार में भ्रष्टाचार मुक्त देश का वायदा पूरा हुआ ?

 

37 फीसदी लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार पर मोदी ने वायदा निभाया तो 59 फीसदी इस पर एतराज जताते हैं. करीब चार फीसदी लोगों ने कुछ नहीं कहा.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के दौरान वायदा किए थे कि यदि एनडीए की सरकार बनी तो आवश्यक सामग्रियों की कीमतों में कमी आएगी. मतलब महंगाई कम होगी. क्या पिछले एक साल में कम हुई?

 

महंगाई के मुद्दे पर 67 फीसदी लोगों का कहना है कि मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी नहीं आई है जबकि 31 फीसदी बताते हैं कि कमी आई है.

 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफा नहीं मांगकर क्या प्रधानमंत्री मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर हुई है?

 

इसके जवाब में 43 फीसदी का मानना है कि हां, लड़ाई कमजोर हुई है तो 40 फीसदी इससे सहमत नहीं हैं. 17 फीसदी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से बचे हैं.

 

जैसा की आप जानते हैं 2014 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में जीत हासिलकर बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने केंद्र में सरकार बनाई. यदि कल्पना करें कि कल चुनाव हो तो केंद्र में आप किस दल के सरकार को मत देने का इरादा रखते हैं?

इसके जवाब में 52 फीसदी लोगों की पहली पसंद अभी भी एनडीए ही है. 17 फीसदी लोगों का इरादा यूपीए तो 21 फीसदी अन्य की तरफ हैं. लेफ्ट की तरफ महज 2 फीसदी लोगों का इरादा है.

 

2014 के लोकसभा चुनाव में आपने किस दल को वोट किया था? इसके जवाब में 58 फीसदी लोगों ने एनडीए को वोट देने की बात बताई तो 15 फीसदी ने यूपीए के पक्ष में बताया. 20 फीसदी लोगों ने अन्य के झोले में अपना मत दिया था. दो फीसदी ने लेफ्ट को चुना तो 3 ने इनकार कर दिया.

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कैसे हुआ सर्वे?

अहमदाबाद, बंगलुरू, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, लुधियाना, मुंबई, पटना के लोगों से सर्वे हुआ. एबीपी न्यूज-नीलसन ने देश के 10 बड़े शहरों में सर्वे कराया है जिसमें 3944 लोगों की राय ली है. ये सर्वे 8 अगस्त से 10 अगस्त के बीच करवाया गया है.

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