ऑपरेशन दामाद जी: सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर बड़ा खुलासा!

By: | Last Updated: Tuesday, 3 November 2015 1:22 AM
ABP NEWS reveals fake company which bought land from Robert Vadra

नई दिल्ली: यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा के बारे में आपके चैनल एबीपी न्यूज का यह खुलासा चौंकाने वाला है. ‘ऑपरेशन दामाद’ जी में हर उन आरोपों की पड़ताल हुई है जो पिछले दिनों में वाड्रा पर लगते रहे हैं.

 

एबीपी न्यूज को जानकारी मिली है कि रॉबर्ट वाड्रा ने कौड़ियों के भाव में खरीदी गई जमीन जिस कंपनी को करोड़ों में बेची उस कंपनी का सच क्या है? और उस कंपनी ने आखिर किसके पैसों से खरीदी दामाद जी की जमीन.

 

प्रधानमंत्री बनने से पहले की बात हो या फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद. मौका कोई भी हो नरेंद्र मोदी सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर हमला करने से नहीं चूकते. बीजेपी रॉबर्ट वाड्रा पर ये हमले उनके जमीन सौदों को लेकर करती रही है.

 

इनमें से रॉबर्ट वाड्रा की जमीन का एक विवादित सौदा हुआ है राजस्थान के बीकानेर में. आरोप ये है कि बीकानेर में रॉबर्ट वाड्रा ने 79 लाख की जो जमीन 5 करोड़ 44 लाख में बेची थी. उसमें पारदर्शिता नहीं बरती गई.

 

दरअसल एक सरकारी जमीन साल 2008 में फर्जी तरीके से एक फर्जी नाम पर दर्ज कराई गई और कई हाथों से गुजरते हुए वो रॉबर्ट वाड्रा तक पहुंची. महज चार साल में 2012 में रॉबर्ट वाड्रा ने ये जमीन कई गुना मुनाफे पर एलीजनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी.

 

बाद में ये जमीन सरकार ने 2014 में फिर से अपने कब्जे में ले ली है लेकिन एबीपी न्यूज आज खुलासा करके बता रहा है कि कौड़ियों की जमीन को वाड्रा ने जिस कंपनी को करोड़ो में बेचा वो सिर्फ कागजों पर है.

 

आपके संवाददाता ओम प्रकाश तिवारी ने लगातार 15 दिनों तक रॉबर्ट वाड्रा की जमीन से जुड़े इस सौदे की पड़ताल की. दिल्ली से लेकर हरियाणा तक और जयपुर की उन गलियों की खाक छानी जहां कागजी कंपनी के शेयर धारकों के पते दिए गए थे लेकिन जो मिला वो चौंकाने वाला था.

 

पड़ताल में सामने आया है कि कागजी कंपनी के ज्यादातर शेयरधारकों का कोई अता-पता नहीं है. रॉबर्ट वाड्रा को करोड़ों का मुनाफा पहुंचाने वाली एलीजनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड अपने रजिस्टर्ड पते पर भी मौजूद नहीं है वहां सिर्फ एक सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट का दफ्तर है.

 

इतना ही नहीं रॉबर्ट वाड्रा से जमीन खरीदने वाली कंपनी एलीजनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड ने भूषण पॉवर एंड स्टील से 5 करोड़ 64 लाख रुपए का कर्ज लिया था और उसके रॉबर्ट वाड्रा से जमीन खरीदी थी. कंपनी ने भूषण पॉवर एंड स्टील को वो कर्ज आजतक नहीं चुकाया है.

 

आपका चैनल एबीपी न्यूज आज एलीजिनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी बड़ा खुलासा करने जा रहा है. ये वही कंपनी है जिसने राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाईट प्राइवेट लिमिटेड से 79 लाख रुपये की जमीन साढ़े पांच करोड रुपये में खरीदी.

 

एलीजिनी फिनलेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक साल 1996 में ऋषि वैद्य और राकेश बोथरा नाम के दो लोगों ने ये कंपनी खोली. इसके बाद इस कंपनी में धीरे-धीरे 44 शेयर होल्डर्स आ गए. इतना ही नहीं ऋषि वैद्य खुद अपने तीन भाइयों के साथ शेयर होल्डर बना गया.

 

अब जरा इस दस्तावेज को ध्यान से देख लीजिए. ये दस्तावेज है मार्च 2015 का जिस पर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का पता और कंपनी का पता दिया हुआ है. एच 1555 बेसमेंट चितरंजन पार्क दिल्ली.

 

एलीजिनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड का यही पता दस्तावेजों में दर्ज है लेकिन यहां इस पते पर एक सीए का दफ्तर है औऱ एलीजिनी का कोई कर्मचारी भी इस दफ्तर में नहीं रहता.

 

ये तो बात हुई कंपनी के पते की लेकिन जब एबीपी न्यूज ने पते पर मौजूद सीए से इस बारे में बात करने की कोशिश की तो एबीपी न्यूज के माइक पर तो बोलने को तैयार नहीं हुए. सीए एलीगिनी-एलीगिनी का कोई आदमी नहीं है यहां पर ये मत कहिए कि यहां के स्टाफ ने बताया है कंपनी पेपर पर है बस कागजों में मैने खुद डाक्यूमेंट साइन किया है मैं खुद बोलूंगा तो गलत है.

 

ये खुद मान रहे हैं कि कंपनी का जो पता दिया गया है वो गलत है. हालांकि ये भी बताते हैं कि 24 घंटे पहले आते तो एलीजिनी कंपनी बोर्ड भी मिल जाता. हालांकि ये मानते हैं कि कंपनी क्या करती है उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता है और न ही उससे लेना देना है.

 

सीए- एड्रेस यही दिया हुआ है चेंज करना होता है सीए के एड्रेस पर लोग दे देते हैं. हम ऑडीटर हैं शेयर्स का काम करती है कंपनी दस बीस एंट्री होती है हमारा लेना देना नहीं होता. सीए ने ये भी कबूला है कि उन्हें कंपनी की सच्चाई के बारे में पता है लेकिन वो इस पर कुछ बोल नहीं सकते हैं क्योंकि इससे वो परेशानी में आ सकते हैं.

 

सीए- कहानी मुझे मालूम है राबर्ट वाड्रा के चक्कर में सब हो रहा है लेकिन कोई ना कोई तो ऑडिटर होगा ना कंपनी का मैं नहीं बोल सकता अपने क्लाइंट के अगेंस्ट आप चाहते है कि मैं परेशानी में आ जाऊं. सीए ने ये भी माना कि राबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने के लिए भूषण पॉवर एंड स्टील से लोन लिया गया था. सीए ने कहा कि भूषण पॉवर एंड स्टील से लोन लिया था प्राइवेट लोन है इट इज फैक्ट भूषण के पैसे से ही जमीन खरीदी गई.

 

सीए साहब ये मान रहे हैं कि लोग सीए के एड्रेस पर कंपनी का पता दे देते है जो गलत है और यही हमारी जांच एजेसिंयो का स्वार्थ सामने आता है. सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां चाहे वो पुलिस हो इनकम टैक्स हो या ईडी यानि प्रवर्तन निदेशालय हो उसके लोग जब ऐसी जगहों पर पहुंचते हैं तो अपने निजी स्वार्थ के लिए नोटिस पते पर तामील करा देते हैं औऱ कंपनियों का फर्जीवाड़ा सामने नहीं आ पाता.

 

कंपनी के डायरेक्टर फैक्ट्री में मैनेजर

 

अब तक आपने जाना कि रॉबर्ट वाड्रा की जमीन को करीब सात गुना कीमत देकर खरीदने वाली एलीजनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर तक उसके रजिस्टर्ड पते पर नहीं है. इस कंपनी के एक डायरेक्टर कंपनी बनाने वाले परिवार की फैक्ट्री में मैनेजर हैं. दूसरे डायरेक्टर कैमरे से बचते नजर आए और तीसरे डायरेक्टर ने घर से निकलने से मना कर दिया. सच कोई नहीं बोलना चाहता.

 

शेयरधारकों के पते भी फर्जी

 

एबीपी न्यूज जब रॉबर्ट वाड्रा को करोड़ों का मुनाफा देने वाली एलिजनी फिनलीज कंपनी के शेयरधारकों की तलाश में निकला तो हमें पता चला कि बड़े शेयरधारकों में से 11 के पते पूरी तरह फर्जी निकले और बाकी चार पतों पर शेयरधारक 4 से 12 साल पहले तक किराएदार के तौर रहते थे. हम जिन शेयरधारकों की तलाश कर रहे थे वो कागजी कंपनी एलीजनी फिनलीज के कुल 7 लाख 97 हजार शेयरों में करीब आधे हिस्से के मालिक हैं.

 

रॉबर्ट वाड्रा का जवाब

रॉबर्ट वाड्रा के खुलासे पर जब हमने उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने आरोप लगाया कि आपके द्वारा प्रेषित ईमेल से स्पष्ट है कि आपकी खबर का एकमात्र लक्ष्य मोदी सरकार के इशारे पर श्री रॉबर्ट वाड्रा को जानबूझकर बदनाम करना व सनसनी फैलाना है.

 

ABP न्यूज ने रॉबर्ट वाड्रा से पहला सवाल पूछा कि क्या आपको पता है कि एलीजिनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के ज्यादातर शेयरधारको के पते गलत हैं औऱ ऐसा लगता है कि ये कागजी कंपनी है क्योंकि कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस भी अपने पते पर मौजूद नहीं है.

 

इस पर रॉबर्ट वाड्रा ने जवाब दिया है कि आपके द्वारा लिखी ईमेल में आपने एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों के पते ठीक या गलत होने की जानकारी के बारे में चालाकी तथा बदनीयती से इशारा किया है.

 

क्या आप यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि हर व्यक्ति जो देश की किसी भी कंपनी को कोई भी जमीन या वस्तु बेचेगा तो उसे बेचने से पहले उस व्यक्ति को खरीदने वाली कंपनी के हर शेयरहोल्डर का नाम व पता की जानकारी करना अनिवार्य होगा. आपकी ईमेल से यह भी साफ है कि आपको स्वयं भी मालूम नहीं कि एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के कितने शेयरधारकों के पते सही हैं और कितने पते बदल गए हैं..

 

क्या यह तथ्य कंपनी मंत्रालय के द्वारा की गई जांच पर आधारित हैं या वित्त मंत्रालय या प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा ? वैसे भी एबीपी न्यूज का यह आरोप कि श्री रॉबर्ट वाड्रा या स्काईलाइट द्वारा जमीन बेचने से पहले खरीदने वाली कंपनी के शेयरधारकों के नाम और पते की संपूर्ण जांच करवानी चाहिए, अपने आप में अजीबोगरीब और दुर्भावनापूर्ण है.

 

यह पहले से निर्धारित आपके एजेंडे को दर्शाता है. इसी प्रकार से जमीन खरीदने वाली कंपनी किस व्यक्ति से क्या व कितना ऋण लेती है इसकी जवाबदेही न तो श्री रॉबर्ट वाड्रा की हो सकती है और न स्काईलाइट हॉस्पिटलिटी प्राइवेट लिमिटेड की और यह सवाल ही एबीपी न्यूज के प्रायोजित व दुर्भावनापूर्ण एजेंडे को साबित करता है.

 

ABP न्यूज ने सवाल पूछा था कि क्या आपको पता था कि एलीजिनी कंपनी ने आपकी जमीन खरीदने के लिए भूषण पॉवर एंड स्टील से पाँच करोड 64 लाख का लोन लिया था.

 

इसका जवाब रॉबर्ट वाड्रा ने नहीं दिया लेकिन जवाब के पैरा नंबर 3 में लिखा है. आपके द्वारा प्रेषित ईमेल में एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्काईलाइट हॉस्पिटलिटी प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ 44 लाख रुपये में जमीन खरीदने की बात तो लिख दी गई ताकि सनसनी फैलाकर श्री रॉबर्ट वाड्रा पर दोषारोपण किया जा सके.

 

पर, आप जानबूझकर यह लिखना भूल गए कि बेची गई कुल जमीन 69.55 हेक्टेयर थी जो 7 लाख 41 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से बेची गई. आप बदनीयती से केवल कुल जमीन के मूल्य को दर्शाकर सनसनी फैलाना तथा हेडलाइन बटोरना चाहते हैं.

 

ABP न्यूज ने तीसरा सवाल पूछा कि क्या आपको पता था कि एलीजिनी कंपनी के मुख्य कर्ता धर्ता जयपुर का वैद परिवार है जो कांग्रेस से जुडा हुआ है औऱ इस परिवार के लोग कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुके है.

 

रॉबर्ट वाड्रा ने जवाब में लिखा है कि आपके द्वारा भेजे ईमेल का तीसरा प्रश्न तो एबीपी न्यूज के पूर्वाग्रह और झूठ को संपूर्ण तौर से उजागर कर देता है. स्वर्गीय चंदनमल वैद्य आठ बार राजस्थान में विधायक रहे. वह 18 फरवरी 2000 तक राजस्थान में वित्त मंत्री थे तथा साल 2003 तक विधायक. 20 फरवरी 2010 को उनका स्वर्गवास हो गया. उनके एकमात्र पुत्र श्री सीएस वैद्य साल 2003 से 2008 तक विधायक रहे.

 

जहां तक मेरे मुवक्किल को जानकारी है, स्वर्गीय श्री चंदनमल वैद्य या उनके पुत्र सी एस वैद्य की एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड में किसी प्रकार की हिस्सेदारी नहीं है. स्वर्गीय चंदनमल वैद्य के मंत्रीपद से हटने के 15 साल बाद, विधायक से हटने के 12 साल बाद और उनकी मृत्यु के 5 साल बाद इस तरह के अनर्गल और दुर्भावना भरे इल्जाम एबीपी न्यूज चैनल के पूर्व निर्धारित प्रायोजित एजेंडा को साबित करते हैं.

 

एबीपी न्यूज चैनल का झूठ इससे भी साबित होता है कि एक तरफ तो आपकी ईमेल के पैरा नंबर 1 में आप एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों के पते गलत बताते हैं और दूसरी तरफ पैरा नंबर 3 में अपनी स्वयं की बात को काटते हुए एलीगनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को स्वर्गीय चंदनमल वैद्य की कंपनी होने की तरफ इशारा करते हैं

 

भूषण कंपनी का पक्ष

एबीपी न्यूज ने आपको बताया कि एलिजनी फिनलीज को रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने के लिए  भूषण पावर और स्टील लिमिटेड से लोन लिया गया है – ये रकम 5 करोड़ 64 लाख रुपये है. हमने भूषण पॉवर एंड स्टील एंड पावर से उनका पक्ष जानने के लिए तीन दिन पहले मेल भेजा था लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया है, हां भूषण पॉवर एंड स्टील की ओर से जवाब आया है.

 

खबर को दिखाने के बाद भूषण पॉवर एंड स्टील के सीएफओ नितिन जौहरी ने फोन करके बताया है कि उन्होंने एलिजनी फिनलीज को कोई लोन नहीं दिया है. भूषण पॉवर एंड स्टील के सीएफओ का दावा है कि वो एलिजनी फिनलीज नाम की किसी कंपनी को जानते तक नहीं हैं. कंपनी के सीएफओ का ये भी कहना है कि भूषण पॉवर एंड स्टील और भूषण पावर एंड स्टील दो अलग अलग कंपनियां हैं . हम भूषण पावर एंड स्टील का भी पक्ष जानने की कोशिश करेंगे.

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