वाह रे अखिलेश सरकार: 10 महीने में 5 बच्चों की बनी मां?

By: | Last Updated: Monday, 3 August 2015 3:20 PM

नई दिल्ली: जिन सवालों का जवाब ना दे पाने की वजह से मायावती सत्ता से बाहर हो गयी थीं तीन साल बाद उन्हीं सवालों के घेरे में हैं अखिलेश यादव. जिस घोटाले की गूंज यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में खूब देखने सुनने को मिली थी उसी घोटाले की गूंज एक बार फिर सुनाई दे रही है यूपी में लेकिन इस बार सरकार अखिलेश यादव की है. यूपी की जननी सुरक्षा योजना में भारी घोटाला हुआ है. एबीपी न्यूज की पड़ताल में ऐसी महिला मिली जिसे 10 महीने में पांच बच्चों को जन्म देने वाली मां बता कर पैसे का बंदरबाट किया गया.

Special Report ‘मां’: 10 महीनों में ‘यूपी सरकार’ ने बनाया महिला को 5 बच्चों की मां!  

हर साल भारत में करीब चार लाख शिशुओं की जन्म  के चौबीस घंटे के दौरान ही मौत हो जाती है. हर साल 56000 महिलाओं की प्रसव के दौरान ही जान चली जाती है. जच्चा और बच्चा की मृत्यु पर अंकुश लगाने के लिए करीब दस साल पहले राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन के तहत शुरू हुई थी जननी सुरक्षा योजना.

 

इस योजना के तहत घर के बजाय सरकारी अस्पतालों में डिलिवरी कराने पर गर्भवती औरतों को 1400 रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान हुआ था लेकिन इस योजना के नाम पर मची है यूपी में लूट. एबीपी न्यूज की पड़ताल में जननी सुरक्षा योजना का चौंकाने वाला सच सामने आया है.

 

एबीपी न्यूज संवाददाता पंकज झा के मुताबिक बिहार और यूपी जैसे पिछड़े राज्यों के ग्रामीण इलाकों में मां बनने वाली औरतों को चौदह सौ रुपये और शहरी इलाकों में एक हज़ार रुपये मिलते हैं. शर्त ये है कि प्रसव सरकारी अस्पताल में हो. हॉस्पिटल तक गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाली आशा कार्यकर्ता को भी इस योजना में पैसे मिलते है. शहरी इलाकों के लिए ये रकम चार सौ और देहात के लिए छह सौ रुपये है.

 

उत्तर प्रदेश की जननी सुरक्षा योजना में हुआ है बड़ा घोटाला

कहीं किसी महिला को सिर्फ दस महीने में पांच बच्चों को जन्म देते हुए दिखा कर योजना के पैसों को लूटा गया तो  कहीं किसी महिला को आठ महीने में दो बार प्रेग्नेंट दिखा कर जननी सुरक्षा योजना की राशि लूटी गई. एबीपी न्यूज की पड़ताल में एक ऐसी महिला मिली जिसे 60 साल की उम्र में पांच बच्चों की मां बता कर योजना की राशि लूट ली गई.

 

पिछले वित्तीय वर्ष में यूपी में 23 लाख 52 हज़ार महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना में पैसे मिले . इनमे से करीब पंद्रह लाख महिलायें ग्रामीण इलाकों की हैं. करीब तीन सौ करोड़ रुपये जननी सुरक्षा योजना में बांटे गए.  सूत्रों के मुताबिक़ साढ़े तेईस लाख के आंकड़े में से करीब एक चौथाई फर्जी हैं. इसका मतलब हुआ कि यूपी की जननी सुरक्षा योजना में 75 करोड़ रुपये का घपला हुआ. ये आंकड़ा तो सिर्फ एक साल का है.

 

एबीपी न्यूज संवाददात पंकज झा के मुताबिक पहले बियरर चेक से पेमेंट होता था. फिर अकाउंट पेयी चेक से पैसे मिलने लगे.  अब भुगतान ऑनलाईन हो रहा है. लेकिन हर तरीक का तोड़ घोटालेबाज ढूंढ लेते हैं. बैंक के कर्मचारी से लेकर डाक्टर स्वास्थ विभाग के कर्मचारी सब इस घोटाले के खेल में शामिल है. पैसा ऊपर तक भी जाता है.

 

स्वास्थ्य विभाग के जिस घोटाले से उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार घिर गई है उस घोटाले का खेल मायावती सरकार में भी खेला गया था. अखिलेश सरकार से पहले जब मायावती मुख्यमंत्री थीं उस दौरान उत्तर प्रदेश में स्वास्थय विभाग में करीब साढे पांच हजार करोड़ का घोटाला हुआ था. सिर्फ अरबों के बंदरबांट ही नहीं हुए थे लोगों की जानें भी गई थीं. कई डॉक्टरों, बाबुओं और नेताओं की हत्या हुईं थीं. साल 2012 में यूपी में हुए विधान सभा चुनाव में स्वास्थ्य विभाग का घोटाला सबसे बड़ा मुद्दा था. सबके निशाने पर थी मायावती. हर मंच से राहुल बताते थे घोटालेबाजों ने जननी सुरक्षा योजना का पैसा खाने के लिए कैसे महिलाओं और कुंवारी लड़कियों को मां बना बना दिया.

 

सीबीआई अभी इस मामले की जांच कर रही है. माया सरकार के दो मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा था. उस समय के एक मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा तीन सालों से जेल में हैं. कई डाक्टर, कर्मचारी और ठेकेदार भी जेल में हैं. लखनऊ में ही दो दो सीएमओ की दिनदहाड़े गोली मार कर ह्त्या कर दी. एक डिप्टी सीएमओ तो जेल में ही मरा मिला था. अब अखिलेश यादव के राज में भी जननी सुरक्षा योजना में वही खेल चल रहा है. गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देने के नाम पर सब अपनी जेब भर रहे है. बीजेपी ने इसी बहाने विधान सभा की अगली बैठक में अखिलेश सरकार को घेरने की तैयारी की है.

 

पिछले तीन सालों में यूपी मे जननी सुरक्षा योजना में करीब दो सौ करोड़ के वारे न्यारे हो चुके है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्वास्थय विभाग के कुछ कर्मचारी ही सस्पेंड हुए हैं. लेकिन घोटाले के बड़े खिलाड़ियों का कुछ नहीं बिगड़ा.

 

एबीपी न्यूज संवाददाता पंकज झा के मुताबिक अहमद हसन यूपी के स्वास्थय मंत्री हैं. वे मुलायम सिंह के जमाने में भी इसी विभाग के मंत्री थे. और उस दौरान तो उन्होंने खुद हाथ से जननी सुरक्षा योजना के कई फर्जी चेक बांट दिए थे. इस पर बड़ा हंगामा हुआ था.

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Web Title: akhilesh yadav
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