यूपी में ईद से पहले माहौल खराब करने की साजिश तो नहीं है?

By: | Last Updated: Friday, 10 July 2015 12:22 PM
akhilesh yadav

नई दिल्ली: यूपी में पिछले हफ्ते दर्जन भर सांप्रदायिक झगड़े हुए. कन्नौज से लेकर महोबा और मेरठ तक लोग एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू दिखे. सवाल उठ रहे हैं कि कहीं अगले हफ्ते होने वाली ईद से पहले माहौल खराब करने की साजिश तो नहीं है? सवालों के घेरे में बीजेपी और सत्ताधारी पार्टी भी है?

 

कन्नौज में 4 जुलाई को एक दुकानदार और उसके मकान मालिक के बीच किराया बढ़ाने को लेकर कहासुनी हुई और झगड़ा लाठी-डंडे से शुरू होकर गोलियां चलाने तक पहुंच गया. एक शख्स की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए.

 

बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष समेत कई लोकल नेताओं पर मुक़दमे दर्ज हुए. दोनों ही पार्टी के नेताओं ने माहौल खराब करने की कोशिश की. ये उसी कन्नौज का सच है. जहां से डिम्पल यादव सांसद है और खुद अखिलेश यादव भी दस सालों तक यहां के एमपी रहे.

 

सालों से मैनपुरी समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा है. पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव यहां से कई बार सांसद रहे. अब उनके पोते और लालू यादव के रिश्तेदार तेजप्रताप यादव यहां के एमपी है.

 

नौ जुलाई को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दोनों समुदाय के लोग उलझ गए. भोगांव पुलिस थाने के सामने देर रात तक हंगामा होता रहा. घंटो की मेहनत के बाद पुलिस हालात को काबू में कर पायी.

 

मैनपुरी से बहुत दूर महोबा में भी खूब हंगामा हुआ एक समुदाय के लोगों ने दूसरे समाज की कई दुकानें और घर जला दिए. देखते ही देखते कुलपहाड़ का इलाका लड़ाई का मैदान बन गया. किसी ने एक गाय को चाकू मार दी थी. बस यहीं से झगड़ा शुरू हो गया. इस केस में 30 लोग गिरफ्तार हुए हैं. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के कुछ लोकल नेताओं पर मुकदमे भी दर्ज किये गए हैं.

 

इस्लामिक शिक्षा के लिए मशहूर देवबंद भी बलवे से अछूता नहीं रहा. तीन जुलाई को पार्किंग से गाड़ी निकालने को लेकर दलितों और मुसलामानों में ठन गयी. चंद मिनटों मे झगड़ा सड़क पर पसर गया और जमकर पथराव हुआ. दंगे के लिए बदनाम हो चुके मुज़फ्फरनगर में पहली जुलाई को मीरापुर में खूब हंगामा हुआ. इस हफ्ते में मेरठ में दो-दो फसाद हो चुके हैं . किसी की जान तो नहीं गई लेकिन कई लोग झगडे में घायल हुए. अब समाजवादी पार्टी और बीजेपी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रही है.

 

पिछले हफ्ते फैज़ाबाद में दो, वाराणसी में एक और बागपत में भी दो अलग-अलग जगहों पर साम्प्रदायिक झगडे हुए. नए डीजीपी जगमोहन यादव की तमाम हिदायतों के बावजूद ऐसी घटनाएं थम नहीं रही है. सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ईद की रौनक फीकी करने के लिए तो ये सब नहीं हो रहा है?

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