लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे- यहां लड़ाकू विमान भी उतारा जा चुका है, जानें- इसका पूरा ब्यौरा

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे- यहां लड़ाकू विमान भी उतारा जा चुका है, जानें- इसका पूरा ब्यौरा

By: | Updated: 21 Apr 2017 11:23 AM

नई दिल्ली: मंच चाहे सरकारी हो या फिर समाजवादी पार्टी का, अखिलेश यादव लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे का जाप करते नहीं थकते थे. लेकिन अब उनके इस ड्रीम प्रोजक्ट पर मुसीबतों के बादल मंडराने लगे हैं. योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की जांच के आदेश दिए हैं. यूपी सरकार ने इस बारे में दस जिलों के डीएम को पत्र भेजा है. सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वो पिछले 18 महीने में हुए जमीन खरीद के हर मामले की जांच करें.


302 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस-वे कभी अखिलेश सरकार के लिए नाक का सवाल बन गया था. इस एक्सप्रेस-वे का एलान 2014 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बुरी तरह पिटने के बाद हुआ था.


योगी सरकार ने अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शुरू की जांच


देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस वे पर उतर चुके हैं वायुसेना के सुखोई और मिराज 2000 लडाकू विमान


लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे है. 302 किलोमीटर किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे को बनाने में करीब पंद्रह हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. वायुसेना के सुखोई और मिराज 2000 लडाकू विमान हवाई पट्टी पर अपने करतब दिखा चुके हैं. उन्नाव के गंज मुरादाबाद क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमान सुखोई और मिराज 2000 ने उड़ान भरी थी. ये नजारा देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी.


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क्यों खास है लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे


लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर 13 बड़े और 55 छोटे पुल पुल बनाये गए हैं. इसपर दो फ्लाई ओवर और रेलवे ओवरब्रिज भी हैं. इस एक्सप्रेसवे को हरा भरा बनाने के लिए सड़क के किनारे और डिवाइडर पर 40 हज़ार पौधे भी लगाए गए थे.


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे यूपी के 10 ज़िलों से होकर गुज़रता है. इनमें लखनऊ, उन्नाव, हरदोई,  कन्नौज, कानपुर, औरैया, इटावा, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद और आगरा शामिल हैं.


चार कंपनियों को मिला था ठेका


आगरा से फ़िरोज़ाबाद तक 53 किलोमीटर लंबी सड़क PNC कंपनी को, फ़िरोज़ाबाद से इटावा तक 62 किलोमीटर सड़क बनाने का काम IFCON को, इटावा से कन्नौज तक 57 किलोमीटर रोड बनाने का ठेका नागार्जुन कंपनी को, कन्नौज से उन्नाव तक 64 किलोमीटर सड़क बनाने का ठेका भी IFCON कंपनी को, उन्नाव से लखनऊ तक 63 किलोमीटर की सड़क बनाने का ठेका लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को दिया गया था.


विधानसभा चुनावों में अखिलेश ने इस प्रोजेक्ट को की थी भुनाने की कोशिश


लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस यूपी चुनाव से पहले सुर्खियों में छाया हुआ था. जहां अखिलेश सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही थी, वहीं विपक्ष इसमें घोटाले का आरोप लगा रहा था. अखिलेश ने विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव प्रचार के वक्त कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अगर इस एक्सप्रेस वे पर चलेंगे तो वह समाजवादी पार्टी को ही वोट देंगे. लेकिन अब योगी सरकार के इस फैसले से अखिलेश सरकार पर सवाल खड़े होने लगे हैं.


एक्सप्रेस-वे पर बनी है हवाई पट्टी


लखनऊ-आगरा के बीच छह लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे 302 किलोमीटर लम्बा है. लखनऊ-आगरा के बीच उन्नाव में एक्सप्रेस-वे पर हवाई पट्टी बनी है, जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतारे जा सकते हैं. एक्सप्रेस-वे पर हवाई पट्टी तीन किलोमीटर लंबी है. एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3,500 हेक्टेयर भूमि 30,456 किसानों की सहमति से खरीदी गई. जमीन के लिए भुगतान को छोड़कर परियोजना की अनुमानित लागत 11526.73 करोड़ रुपये तय की गई थी.

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