अमेरिका में भारतीय डॉक्टर की हत्या, खून से सने कपड़ों में घूम रहा था आरोपी मरीज

अमेरिका में भारतीय डॉक्टर की हत्या, खून से सने कपड़ों में घूम रहा था आरोपी मरीज

इससे पहले फरवरी में केंसास में ही भारतीय मूल के इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

By: | Updated: 15 Sep 2017 11:58 AM

केंसास: अमेरिका में कंसास के विचिटा में भारतीय मूल के एक मरीज ने 57 साल के भारतीय अमेरिकी चिकित्सक की उसके क्लीनिक के पास कथित रूप से चाकू मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि मनोचिकित्सक अचुता रेड्डी का शव बुधवार को ईस्ट विचिटा के उनके क्लीनिक के पीछे मिला. उनके शरीर पर कई बार चाकू से वार किए जाने के निशान थे. वह तेलंगाना के रहने वाले थे.


आरोपी भी भारतीय अमेरिकी


रेड्डी के एक मरीज 21 साल के उमर राशिद दत्त को गिरफ्तार किया गया है और उस पर प्रथम डिग्री हत्या का आरोप लगाया गया है. दत्त भी भारतीय अमेरिकी है. विचिटा पुलिस विभाग में हत्या विभाग के सेक्शन कमांडर लेफ्टिनेंट टोड ओजिले ने संवाददाता सम्मेलन में कल बताया कि रेड्डी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी.

खून से सने कपड़ों में ही घूम रहा था आरोपी

यह घटना बुधवार शाम को हुई और पुलिस को शाम करीब सात बजकर बीस मिनट पर इसकी सूचना संबंधी फोन कॉल आया. एक कंट्री क्लब के सुरक्षा गार्ड ने सूचना दी थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पार्किंग स्थल में एक कार में बैठा है और उसके कपड़ों पर खून लगा है. इसके बाद उमर वहां पाया गया.

ओजिले ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध डॉ. रेड्डी का मरीज था और वह डॉ. रेड्डी के साथ उनके में कार्यालय था. तभी कार्यालय से कोई आवाज सुनाई दी. कार्यालय की एक प्रबंधक कार्यालय में गई और उसने देखा कि संदिग्ध डॉ. रेड्डी पर हमला कर रहा है. उसने संदिग्ध को रोकने की कोशिश की और इसी दौरान डॉक्टर मौका पाकर बचकर कार्यालय से भाग गए.

हत्या के कारण का नहीं चला पता

ओजिले ने बताया कि उमर ने डॉ. रेड्डी का पीछा किया और कई बार उन पर चाकू से वार किया. हत्या के पीछे के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. विचिटा स्टेट यूनिवर्सिटी के अनुसार उमर एक पूर्व छात्र था और उसने साल 2015 में दाखिला लिया था.

अचुता रेड्डी ने भारत में उस्मानिया विश्वविद्यालय के मेडिकल स्कूल से की थी पढ़ाई

विचिटा पुलिस विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘यह त्रासदीपूर्ण नुकसान कई लोगों को महसूस होगा. आधुनिक समय में मानसिक स्वास्थ्य संसाधन कम हो गए हैं. कई लोग मुश्किल समय में डॉ. रेड्डी के पास मदद के लिए जाते थे. मानसिक स्वास्थ्य पेशे में कई सेवा प्रदाताओं की तरह डॉ. रेड्डी भी मानसिक बीमारी से पीड़ित कई लोगों की उम्मीद थे.’’ रेड्डी ने भारत में उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक मेडिकल स्कूल से साल 1986 में स्नातक किया था. इसके बाद उन्होंने 1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कंसास मेडिकल सेंटर से आगे की पढ़ाई की. उन्होंने मनोचिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल की.

इस साल अबतक दो भारतीयों की हत्या

होलिस्टिक साइकैटरिक सर्विसेज में मनोचिकित्सक ब्रेंडा ट्रेम्मेल ने डॉ. रेड्डी की हत्या को एक बड़ा नुकसान बताया. विचिटा में भारतीय अमेरिकी समुदाय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. इस साल अमेरिका में किसी भारतीय मूल के व्यक्ति की हत्या की ये दूसरी वारदात है. इससे पहले फरवरी में केंसास में ही भारतीय मूल के इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story डायल करें ये नंबर और जानें अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स