गहराया आप विवाद: 27 तारीख को अलग से बैठक बुलाने का मकसद क्या है?

By: | Last Updated: Wednesday, 25 March 2015 1:53 PM
app controversy: what reason behind 27 meetinh

नई दिल्ली: आप में तीन चिट्ठियों से  सनसनी मची है. अशोक तलवार ने केजरीवाल के खिलाफ लॉबिंग का आरोप लगाया है वहीं शांति भूषण और प्रशांत भूषण ने आरोपों से इनकार कर दिया है.

 

अशोक तलवार पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता हैं और उनकी लिखी चिट्ठी जब दिल्ली पहुंची तो पार्टी में धमाका हो गया. तलवार ने केजरीवाल को जो चिट्ठी लिखी है उसमें लिखा है ‘मेरे पास ऐसे कई फोन और मैसेज आए हैं, जिनमें राष्ट्रीय परिषद की 28 मार्च को होने वाली बैठक से एक दिन पहले स्वराज पर चर्चा के लिए दिल्ली आने को कहा गया है.

 

बताया जा रहा है कि 27 मार्च को होने वाली इस बैठक में स्वराज और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को बचाने पर चर्चा होगी और इस बैठक में आने के लिए 124 से ज्यादा सदस्य अपनी रजामंदी दे चुके हैं . मुझे शक है कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए पार्टी को अस्थिर करने की गहरी साज़िश रच रहे हैं.’

 

इस चिट्ठी से ये तो साफ है कि इशारा केजरीवाल विरोधी खेमे की ओर है . सवाल ये है कि जब बैठक 28 को है तो फिर 27 को अलग से बैठक बुलाने का मकसद क्या है?

 

साजिश होगी तो कार्रवाई होगी, मुद्दा उठाने के लिए राष्ट्रीय परिषद उससे पहले बैठक का क्या मतलब?

 

असल में 27 की ये बैठक इसलिए बुलाई जा रही है ताकि 28 को होने वाली बैठक की रणनीति तय की जाए. प्रशांत खेमे की ओर से 28 की बैठक के लिए बाकायदा अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है.

 

सत्ता की भाषा एक ही होती है?

 

राष्ट्रीय परिषद में संस्थापक सदस्यों के अलावा राज्यों और जिलों से चुने हुए सदस्य शामिल हैं, चूंकि राष्ट्रीय संयोजक को छोड़कर कोई और दूसरा संयोजक नहीं चुना गया इसलिए संयोजक का चुनाव होने पर केवल संस्थापक सदस्यों को वोटिंग का अधिकार  होना चाहिए. उन संस्थापक सदस्यों को जो 24 नवंबर 2012 को पार्टी की स्थापना के समय जुड़े थे. ऐसे सदस्यों की संख्या 295 है.

 

नेशनल काउंसिल का विवाद क्या है ?

 

28 मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की होने वाली बैठक को लेकर लॉबिंग चल रही है. राष्ट्रीय परिषद के कितने सदस्य हैं इसको लेकर भी विवाद है. पिछली बैठक 31 जनवरी 2014 को हुई थी. तब 295 सदस्यों की लिस्ट थी. पार्टी ने चुनाव आयोग में भी वही लिस्ट दी है. लेकिन पार्टी में केजरीवाल टीम के सूत्र बतातें है की पार्टी राष्ट्रीय परिषद की नई लिस्ट तैयार कर रही है इसमें 350 से 375 सदस्य हो सकतें है.

 

 

केजरीवाल खेमे का कहना है कि राज्यों और जिलों के संयोजक भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं और उन्हें भी वोटिंग का अधिकार है लेकिन प्रशांत भूषण खेमे का कहना है कि सिर्फ संस्थापक सदस्यों को ही वोटिंग का अधिकार है. सूत्र बता रहे हैं कि पुरानी लिस्ट के हिसाब से वोटिंग होती है तो नंबर गेम में केजरीवाल प्रशांत भूषण खेमे से पिछड़ सकते हैं.  इन सबके बीच पार्टी के आंतरिक लोकपाल एडमिरल एल रामदास केजरीवाल और योगेंद्र यादव से मिलने वाले हैं. माना जा रहा है कि मेल मिलाप की एक कोशिश हो सकती है .

 

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