LIVE: केजरीवाल बने रहेंगे संयोजक?

By: | Last Updated: Wednesday, 4 March 2015 1:59 AM

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मंजूर होगा कि नहीं. इसका फैसला आज होगा. सूत्र बता रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. जब पीएसी उनका इस्तीफा नामंजूर कर देगी.

 

दिल्ली के कापसहेड़ा में आप कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो रही है. कार्यकारिणी में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के भविष्य पर फैसला होना है. बैठक में इस पर फैसला होना है कि केजरीवाल के इस्तीफे का क्या होगा. केजरीवाल ने पहले 26 फरवरी को मौखिक और 27 फरवरी को लिखित इस्तीफा दिया. कार्यकारिणी के नामंजूर करने के बाद भी केजरीवाल इस्तीफे पर अडे हुए हैं.

 

आप कार्यकारिणी में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के भविष्य पर फैसला होना है. उससे पहले दोनों पक्षों से बैक चैनल बातचीत के संकेत आ रहे हैं. कुमार विश्वास का ट्वीट आया है कि आज सारा मामला सुलझ जाएगा. अब आशीष खेतान ने टिवटर पर प्रशांत भूषण के बारे में बेहद नरमी से भरा टिवट लिखा. क़ड़वी बातों पर खेद जताया है और भविष्य में साथ काम करने की उम्मीद भी जताई है.  भूषण अब तक बैठक में आने से मना कर रहे थे लेकिन आज बैठक में शामिल होंगे.

 

एबीपी न्यूज से योगेंद्र यादव की सफाई

एबीपी न्यूज से बातचीत में योगेंद्र यादव ने माना कि आम आदमी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है. मैं अभी आम आदमी पार्टी में हूं. हर परिवार में मतभेद होता है. आज का दिन बड़ा है.

 

योगेंद्र यादव ने कहा कि आज हुकुम के इक्के का नाम केजरीवाल हो गया है. केजरीवाल ईमानदार राजनीति के प्रतीक हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यकीन है कि केजरीवाल ऐसा कुछ करेंगे जो कार्यकर्ताओं की इच्छा का सम्मान करेंगे . बैक चैनल बात को टीवी पर बताया नहीं जाता.

आशीष खेतान का नया बयान

 

आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान ने कहा कि भूषण परिवार के खिलाफ मुझे नहीं लिखना चाहिए था, उनके खिलाफ लिखना मेरी भूल थी. प्रशांत भूषण के साथ हमने पहले भी काम किया है उम्मीद है कि आगे भी काम करेंगे.

 

दिल्ली में राज्य सरकार चला रही आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज बैठक होनी है. इस कार्यकारिणी में कुल 21 सदस्य हैं, जबकि संसदीय कार्य समिति में 9 सदस्य शामिल हैं. आज की बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रशांत भूषण भी शामिल होंगे. पार्टी के अंदर मचे कलह के बीच राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ये बैठक आज, दिल्ली के कापसहेड़ा में कैलिस्टा रिजॉर्ट में दोपहर 2 बजे से होने वाली है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और शांति भूषण पर फैसला हो सकता है. पार्टी तीनों नेताओं पर अनुशासन तोड़ने को लेकर कार्रवाई कर सकती है.

 

आम आदमी पार्टी के संस्थापकों में शामिल प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी में सबसे अहम माने जाने वाली राजनीतिक मामलों की समिति की सदस्यता से हटाया जा सकता है. ‘आप’ नेता दिलीप पांडे ने प्रशांत भूषण, उनके पिता शांति भूषण और वरिष्ठ पार्टी नेता योगेंद्र यादव पर ‘आप’ के संयोजक अरविंद केजरीवाल को संयोजक पद से हटाने की साजिश रचने और पार्टी विरोधी कार्यकर्ताओं के गुट को समर्थन देने का आरोप लगाया है. प्रशांत भूषण ने केजरीवाल पर हमला बोला था जिसमें पार्टी में बढ़ते व्यक्तिवाद को गलत ठहराते हुए आंतरिक लोकतंत्र मजबूत करने की जरूरत बताई थी. उन्होंने पार्टी की फंडिंग को लेकर भी कई सवाल उठाए थे.

 

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष का कहना है कि अनुशासन तोड़ने वालों को पार्टी माफ नहीं करेगी चाहे वो कितने ही बड़े क्यों न हों! आशुतोष ने कहा, “शांति भूषण ने भी पार्टी का अनुशासन तोड़ा है.” पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति का पुनर्गठन हो सकता है. ‘आप’ के विधायक आदर्श शास्त्री ने ऐसे संकेत दिए हैं.

 

केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी

 

आप की अंदरूनी लड़ाई पर दिल्ली के सीएम और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ते हुए ट्वीट करके कहा, “जो कुछ हो रहा है उससे दुख हुआ है. ये दिल्ली के लोगों के साथ विश्वासघात है. मैं बुरी लड़ाई में मुरझाने वाला नहीं हूं. मैं दिल्ली के शासन पर ध्यान दूंगा, जनता का भरोसा नहीं टूटने दूंग.” केजरीवाल ने योंगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और शांति भूषण को लेकर कुछ नहीं कहा है.

 

बैठक में शामिल नहीं होंगे केजरीवाल 

 

आज होने वाली आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं होंगे. खराब सेहत की वजह से वे बैठक में नहीं जाएंगे. डॉक्टरों का कहना है कि उनका शुगर लेवल बहुत बढ़ गया है, लिहाजा उन्हें इलाज की जरूरत है. केजरीवाल आज शाम 10 दिनों के लिए बैंगलोर रवाना होंगे. वहां वो प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से शुगर की बीमारी का इलाज कराएंगे.

 

पार्टी के भीतर अपनो का स्टिंग

 

मौजूदा हालातों को देखकर यही लगता है कि योगेंद्र यादव पार्टी में अलग-थलग पड़ गए हैं. पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने के लिए आमादा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केजरीवाल के करीबी बिभव ने एक पत्रकार का फोन रिकॉर्ड किया. इस अंग्रेजी अख़बार में छपी ख़बर के मुताबिक केजरीवाल के करीबी इस व्यक्ति ने पत्रकार चंदर सुता डोगरा को पहले फोन किया और फिर उनसे हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली. वो भी पत्रकार की जानकारी के बिना.

 

बिभव अब सीएम केजरीवाल के पर्सनल सेकेटरी हैं. अगस्त 2014 में चंदर सुता डोगरा ने द हिंदू में लिखा कि ‘आप’ पंजाब और हरियाणा में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी. बिभव कुमार ने चंदर डोगरा को फोन करके ख़बर का सोर्स (सूत्र) पूछा. डोगरा ने बातचीत में योगेंद्र यादव का नाम लिया था. अब चर्चा ये है कि फोन की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल योगेंद्र यादव के खिलाफ माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है.

 

अब टीम केजरीवाल योगेंद्र यादव पर केजरीवाल के खिलाफ साजिश का आरोप लगा रही है. सूत्र बता रहे हैं कि ‘आप’ की कार्यकारिणी में भी 26 फरवरी को फोन की रिकॉर्डिंग सुनाई गई थी. योगेंद्र के खिलाफ बतौर सबूत अनुशासन समिति को भी रिकॉर्डिंग सौंपी गई है. एबीपी न्यूज़ ने पत्रकार डोगरा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बात अख़बार में लिख दी है.

 

इंडियन एक्सप्रेस में डोगरा का पक्ष छपा है जिसमें बताया गया है कि उन्हें योगेंद्र यादव से ये जानकारी मिली थी. लेकिन फोन उनकी बिना जानकारी के रिकॉर्ड किया गया. पत्रकार स्टिंग कांड में योगेंद्र यादव के करीबी ने दावा किया है कि ‘आप’ के लोकपाल से ये सवाल पूछा गया था. इस पर योगेंद्र यादव ने कहा था कि वे जांच के लिए तैयार हैं. दावे के मुताबिक पार्टी के आंतरिक लोकपाल एल रामदास. योगेंद्र यादव के जवाब से संतुष्ट हो गए थे.

 

फोन रिकॉर्ड होने वाली बात को लेकर योगेंद्र यादव ने इंडियन एक्सप्रेस और पत्रकार डोगरा पर फेसबुक पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा है कि अख़बार ने इसे क्यों छापा और क्या सोर्स का नाम बताना जरूरी था. बड़ा सवाल ये है कि योगेंद्र यादव को फंसाने के लिए आम आदमी पार्टी ने पत्रकार का फोन टेप क्यों किया? आपसी झगड़े में पत्रकार का स्टिंग क्यों?

 

मामले में शांति भूषण का दखल

 

प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और केजरीवाल खेमे के बीच विवाद में शांति भूषण ने दखल दिया है. उन्होंने कहा है कि प्रशांत और योगेंद्र, केजरीवाल का समर्थन करें. केजरीवाल के राष्ट्रीय संयोजक बने रहने पर कोई दिक्कत नहीं है. शांति भूषण ने ही जुलाई 2014 में सबसे पहले केजरीवाल को आम आदमी पार्टी के संयोजक पद से इस्तीफा देने को कहा था.

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Web Title: Arvind Kejriwal to skip AAP National Executive meet on Wednesday
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