बाढ़ का पानी घटने के बीच लोग अपना बचा खुचा सामान एकत्र करने में जुटे

By: | Last Updated: Thursday, 25 September 2014 2:47 AM
As flood water recedes, people scramble to salvage whatever is

श्रीनगर: बाढ़ से तबाह श्रीनगर में सूरज की आंखमिचौली जारी रहने के बीच जवाहर नगर मुहल्ले की 40 वर्षीय सुमीत कौल अपनी शादी की तस्वीरों का एलबम आज सुखा रही थीं और जहां कभी उनका घर होता था, अब सिर्फ यादें ही शेष रह गयी हैं.

 

शहर में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से कुछ में पानी का स्तर घट रहा है. कई लोग अपने घरों में बचे सामान को बचाने के प्रयास में जुटे हुए हैं.

 

फोटो एलबम से अब भी पानी की बूंदें टपक रही थीं. सुमीत ने अपने घर की एक तस्वीर दिखाते हुए कहा, ‘‘ जहां कभी उनका घर होता था, अब सिर्फ यादें ही शेष रह गयी हैं. बाढ़ ने हमारा सब कुछ ले लिया. यह घर भी अब रहने के लिहाज से असुरक्षित हो गया है.’’ सात सितंबर की आयी भीषण बाढ़ में सुमीत का सिर्फ फोटो एलबम ही बचा है. यह पोलीथीन की दो तह में लिपटा हुआ था और आलमारी में रखा था.

 

कश्मीर में आतंकवाद के सबसे बुरे दिनों को झेल चुकीं सुमीत का परिवार कश्मीरी पंडितों के उन कुछ एक परिवारों में से है जिसने यहां से बाहर नहीं जाने का फैसला किया और कश्मीर में ही रहने का फैसला किया था.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ हमने ऐसी त्रासदी कभी नहीं देखी. मेरा परिवार घाटी में सबसे बुरे दिनों में से कुछ का गवाह है. लेकिन इस प्रकार की भीषण तबाही अभूतपूर्व थी.’’ उनका कहना था कि सब कुछ चले जाने के बाद जिंदगी कभी भी पहले जैसी नहीं होगी.

सुमीत के पति राजेश की लाल चौक में इलेक्ट्रोनिक सामान की दुकान थी. लेकिन बाढ़ के कारण उनका पूरा कारोबार चौपट हो गया. राजेश ने कहा, ‘‘ कुछ भी नहीं बचाया जा सका, सिर्फ हमने अपनी जानें बचायीं. घर में फंस जाने और चार दिनों तक बिना खाना तथा पानी के संघर्ष करने के बाद स्थानीय लोगों ने हमें बचाया और हम पिछले 13 दिनों से एक गुरूद्वारा में रह रहे हैं.

 

इस बीच जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती पुलवामा जिले का गुलजारपुरा पिछली एक सदी में आयी सबसे भीषण तबाही का साक्षी है. एक समय अपने हरे भरे बागों और धान के खेतों के लिए प्रसिद्ध गुलजारपुरा में व्यापक तबाही हर जगह देखी जा सकती है. बाढ़ से हजारों ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हुयी है.

 

गांव के एक किसान मकसूद अली ने कहा, ‘‘ हम सब किसान हैं जो साल भर मेहनत करते हैं ताकि फसल अच्छी हो सके. धान कटाई के लिए लगभग तैयार था और हमें काफी अच्छी फसल की उम्मीद थी. लेकिन बाढ़ ने हमारा सब कुछ नष्ट कर दिया.

 

बाढ़ से मौजूदा फसल तो बर्बाद हुयी है और खेतों में गाद की एक मोटी तह जमा हो गयी है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: As flood water recedes, people scramble to salvage whatever is
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: KashmirFlood
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017