CBI छापे की इजाजत पर केजरीवाल के दो बोल, अधिकारों पर रस्साकशी

By: | Last Updated: Wednesday, 16 December 2015 10:28 AM
As per SC decision it is not necessary for CBI to take permission for some raid

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव पर सीबीआई छापे के बाद सीबीआई के अधिकारों को लेकर बहस छिड़ गई है. लेकिन, अरविंद केजरीवाल की दोहरी नीति भी इस मसले पर सबके सामने आ गई है. अफसर पर छापे से पहले इजाजत को लेकर केजरीवाल ने सवाल उठाया था. लेकिन, यह नियम बदल गया है.

केजरीवाल की ओर से काह गया था कि उनके अफसर पर छापे से पहले उन्हें क्यों नहीं बताया ? ‘आप’ की दलील ये है कि नियम के मुताबिक प्रमुख सचिव स्तर के अफसर राजेंद्र कुमार पर कार्रवाई से पहले सीएम से पूछना चाहिए था.  लेकिन एबीपी न्यूज आपको बता रहा है कि ये व्यवस्था पहले ही खत्म हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सीबीआई अब संयुक्त सचिव या उससे ऊपर के अधिकारी के खिलाफ बिना सरकार से पूछे या बताए कार्रवाई कर सकती है.

रोचक तथ्य यह है कि इस नए बदलाव का ‘आप’ ने स्वागत किया था. इसमें सीबीआई के लिए सरकार से पूछने की बाध्यता खत्म कर दी थी. तब आप ने कहा था कि यूपीए और एनडीए सरकार ने पूछने की बाध्यता का इस्तेमाल भ्रष्ट अफसरों को बचाने के लिए करती रही.

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Web Title: As per SC decision it is not necessary for CBI to take permission for some raid
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