असम में मरने वालों की संख्या 70 हुई, आदिवासियों का फूटा गुस्सा

By: | Last Updated: Thursday, 25 December 2014 3:51 AM
assam attack

गुवाहाटी: असम में हिंसा आज और बढ़ गई तथा बोडो उग्रवादियों द्वारा आदिवासियों के नरसंहार में मरने वालों की संख्या बढ़कर 65 हो गई, जिनमें 21 महिलाएं तथा 18 बच्चे शामिल हैं.

इसके बाद बदले की भावना के तहत बोडो के घरों को जला दिया गया और एक थाने पर हमला किया गया, जिस दौरान पुलिस की कथित गोलीबारी में तीन और आदिवासियों की मौत हो गई. खबरों के अनुसार, कोकराझाड़ में आदिवासियों ने बोडो समुदाय के कई घरों में आग लगा दी जिसमें इस समुदाय के दो लोगों की मौत हो गई.

 

मरने वालों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. हिंसा चौथे जिले उदलगुड़ी में फैल गई जब तीन जिलों में कल जातीय हिंसा के लिए जिम्मेदार वार्ता विरोधी एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों ने गांववालों पर गोलियां चलाईं और कई घरों में आग लगा दी जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ.

 

हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में आदिवासियों ने लामाबाड़ी और उदलगुड़ी साप्ताहिक बाजार में बोडो समुदाय की 60 से अधिक झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया. अधिकारी नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सोंगबिजीत धड़े के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं. उधर, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस नरसंहार को ‘आतंकी’ कार्य करार दिया तथा इससे सख्ती से निपटने की बात कही.

 

 रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि हिंसा प्रभावित सभी क्षेत्रों में सेना की तैनाती की गई है वह कल रात से कानून व्यवस्था बनाए रखने में ‘सक्रिय’ रूप से जुटी है. पुलिस ने कहा कि सोनितपुर, चिरांग और कोकराझाड़ जिलों में सभी अशांत क्षेत्रों में कफ्र्यू लगा दिया गया है. सिंह ने गुवाहाटी पहुंचकर मुख्यमंत्री तरूण गोगोई और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करके स्थिति की समीक्षा की.

 

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने आज रात कहा कि मुख्यमंत्री ने सिंह से इन हत्याओं की जांच एनआईए से कराने का आदेश देने का अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय मंत्री सहमत हो गए. पुलिस के अनुसार एनडीएफबी के बातचीत विरोधी धड़े से जुड़े सशस्त्र उग्रवादियों ने कल शाम असम के तीन जिलों के सुदूरवर्ती गांवों में हमला किया था.

 

हमले में सोनितपुर जिले में 37, कोकराझाड़ में 25 और चिरांग जिले में तीन लोगों की हत्या कर दी गई. मरने वालों में 21 महिलाएं और 18 बच्चे हैं. केंद्र ने कहा कि असम सरकार के अनुरोध पर अर्धसैनिक बल के तकरीबन 5,000 जवानों को वह भेज रहा है. एक अधिकारी ने कहा कि करीब ढाई हजार लोग अपने घर छोड़कर चले गये हैं और वे हमले के बाद राहत शिविरों में रह रहे हैं.

 

सूत्रों ने दिल्ली में बताया कि हिंसा के मद्देनजर एनडीएफबी के उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना संयुक्त रूप से एक अभियान शुरू करेगी. दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया जिसमें गृह, रक्षा और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी शरीक हुए.

मुख्यमंत्री तरूण गोगोई के यह कहने के बावजूद स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, हत्याओं के खिलाफ आदिवासियों का हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनितपुर जिले के धेकियाजुली में उग्र प्रदर्शनकारियों के हिंसक हो जाने के बाद पुलिस ने उन पर गोलीबारी की.

 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीर कमान से लैस प्रदर्शनकारी धेकियाजुली शहर में पुलिस थाने की ओर बढ़ रहे थे और पुलिस की ओर से रक जाने के लिए बार-बार अपील किए जाने के बावजूद वह आगे बढ़ते रहे और थाने पर धावा बोलने की कोशिश की.

 

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शुरूआत में लाठीचार्ज का सहारा लेकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति बिगड़ गई तो पुलिस ने गोलीबारी की.

 

उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में तीन लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सोनितपुर जिले के फूलोगुरिन में कथित तौर पर बोडो समुदाय के 20 मकानों को आग के हवाले कर दिया.

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Web Title: assam attack
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