रोहिंग्या मुद्दे पर सू की से वापस लिया गया 'फ्रीडम ऑफ ऑक्सफोर्ड’ सम्मान

रोहिंग्या मुद्दे पर सू की से वापस लिया गया 'फ्रीडम ऑफ ऑक्सफोर्ड’ सम्मान

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सू की का सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से गहरा नाता रहा है. वह अपने परिवार के साथ पार्क टाउन में रह चुकी हैं. वो 1964-67 के दैरान सेंट ह्यू कॉलेज गई थीं.

By: | Updated: 03 Oct 2017 08:31 PM

Suu Kyi

लंदन: सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड की तरफ से म्यांमार की नेता आंग सान सू की को दिया गया सम्मान वापस ले लिया गया है. उनके देश में रोहिंग्या मुसलमानों की दुर्दशा पर उनकी तरफ से कथित समुचित कदम नहीं उठाने पर वापस ले लिया गया है. ऑक्सफोर्ड सिटी काउंसिल ने म्यांमार की नेता को लोकतंत्र के लिए लंबा संघर्ष करने को लेकर साल 1997 में     ‘फ्रीडम ऑफ ऑक्सफोर्ड’ प्रदान किया था.


सोमवार को परिषद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि उनके पास यह सम्मान होना अब उपयुक्त नहीं है. ऑक्सफोर्ड सिटी काउंसिल के नेता बॉब प्राइस ने उनका सम्मान वापस लेने के कदम का स्वागत किया और इस बात की पुष्टि की कि यह स्थानीय प्रशासन के लिए ‘अप्रत्याशित कदम है.’ सिटी काउंसिल इस बात के सत्यापन के लिए 27 नवंबर को एक विशेष बैठक करेगी कि यह सम्मान वापस लिया जाए.


नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सू की का सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से गहरा नाता रहा है. वह अपने परिवार के साथ पार्क टाउन में रह चुकी हैं. वो 1964-67 के दैरान सेंट ह्यू कॉलेज गई थीं. सिटी काउंसिल के इस कदम से पहले सेंट ह्यू कॉलेज अपने एंट्री गेट से उनकी तस्वीर हटा चुका है. वैसे तस्वीर हटाने का कारण समायोजन बताया जा रहा है लेकिन ऐसी भी सोच है कि रोहिंग्या मुसलमानों का सफाया इसकी वजह हो सकती है. म्यांमार में सेना के अभियान के बाद करीब पांच लाख रोहिंग्या मुसलान विस्थापित हो गए हैं.

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