क्या औरंगजेब हिन्दू विरोधी था?

By: | Last Updated: Saturday, 29 August 2015 4:48 PM
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नई दिल्ली: दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदलने पर राजनीति गरमा गई है. एनडीएमसी में आने वाले औरंगजेब रोड को अब पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जाना जाएगा. लेकिन इसका विरोध भी शुरू हो गया है. AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर अपनी नाखुशी जाहिर की है. इतिहासकारों ने भी नाम बदलने का विरोध किया है. आखिर औरंगजेब को लेकर क्या है विवाद. मुगल शासकों में क्यों सबसे विवादास्पद रहा औरंगजेब? क्या औरंगजेब क्रूर शासक था? क्या औरंगजेब हिन्दू विरोधी था? क्या है औरंगजेब का सच? 

 

मुगल साम्राज्य का आखिरी सबसे ताकतवर बादशाह. अबुल मुज़फ्फर मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगज़ेब आलमगीर. भारत पर शासन करने वाला छठा मुगल औरंगजेब शासक था. अकबर के बाद सबसे ज्यादा लंबे समय तक शासन करने वाला बादशाह था औरंगजेब. सन 1658 से लेकर सन 1707 यानी करीब 50 साल तक भारतीय उपमहाद्वीप पर औरंगजेब का साम्राज्य चला. औरंगजेब की मौत के करीब 308 साल बाद उसके नाम पर विवाद छिड़ गया है.

दिल्ली के लुटियन जोन्स की शानदार सड़क औरंगजेब रोड लेकिन आने वाले दिनों में इस पर लिखा होगा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड. यानि औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति ‘मिसाइल मैन’ कलाम के नाम पर हो जाएगा. शुक्रवार को सबसे पहले इसकी जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ही ट्वीटर पर दी. उन्होंने लिखा कि बधाई. एनडीएमसी ने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम रोड करने का फैसला किया है.

हालांकि ये बात AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को रास नहीं आई. और शुरू हो गया औरंगजेब रोड का नाम बदलने पर विवाद.

‘औरंगजेब’ का सच 

पिछले महीने पूर्व राष्ट्रपति कलाम के निधन के बाद बीजेपी सांसद महेश गिरि ने सड़क का नाम बदलने के लिए चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में उन्होंने इतिहास की गलतियों को सुधारने की बात कही थी. एनडीएमसी ने इसके लिए काउंसिल की बैठक बुलाई थी जिसमें सड़क का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई.

 

क्यों चर्चित था मुगल शासक औरंगजेब? औरंगजेब के नाम पर क्यों होता है सबसे ज्यादा विवाद? इतिहास के पन्नों में किस तरह देखा जाता है औरंगजेब?

 

औरंगज़ेब की धार्मिक नीति

औरंगजेब की जिस बात के लिए सबसे ज्यादा आलोचना होती है वो है उसकी धार्मिक नीति. कहा जाता है कि बहुसंख्यक हिन्दूओं की भावना को नजरअंदाज करके औरंगज़ेब ने इस्लाम धर्म को अपने शासन का आधार बनाया. औरंगजेब के बारे में ये भी कहा जाता है कि उसने हिन्दुओं के तीर्थ पर टैक्स लगाया और हिन्दू त्योहारों पर प्रतिबंध तक लगा दिया.

 

इतिहासकारों का कहना है कि मुगल शासकों के इतिहास को अंग्रेज इतिहासकारों ने गलत तरीके से पेश किया जिसके चलते औरंगजेब की खराब छवि सामने आई. इतिहासकार बताते हैं कि अगर औरंगजेब हिन्दुओं का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने में यकीन रखता तो उसकी सेना के कमांडरों में हिन्दुओं की संख्या ज्यादा न होती.

 

औरंगजेब के बारे में ये भी कहा जाता है कि वो एक क्रूर शासक था. उसने सत्ता हासिल करने के लिए अपने पिता शाहजहां को कैद करके रखा. अपने बड़े भाइयों दारा शिकोह और शाह सुजा की सत्ता की खातिर हत्या कर दी.

 

इतिहासकार इस बात को मानते हैं कि औरंगजेब अपने परदादा अकबर की तरह उदार नहीं था. इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि उसने जजिया कर फिर से हिन्दुओं पर लगाया था. जजिया कर एक तरह का टैक्स था जिसे सिर्फ हिन्दुओं को देने के लिए बाध्य किया गया.  

 

इतिहासकारों की नजर में इतिहास को समय के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए. एक शासक को इतिहास के पन्नों में किसी सांचे में रखकर नहीं समझा जा सकता.

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