अयोध्या निकाय चुनाव: बीजेपी Vs समाजवादी पार्टी में मची है 'राम नाम की लूट' | Ayodhya civic poll: Battle between BJP and SP

अयोध्या निकाय चुनाव: बीजेपी VS समाजवादी पार्टी में मची है 'राम नाम की लूट'

सभी बड़ी पार्टियां अयोध्या से मेयर का चुनाव लड़ रही हैं. लेकिन मुक़ाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच में है.

By: | Updated: 06 Nov 2017 06:27 PM
Ayodhya civic poll: Battle between BJP and SP

लखनऊ: अयोध्या में ठंड ने तो दस्तक दे दी है लेकिन मौसम चुनावी हो गया है. चौक चौराहे से लेकर सरयू के घाट तक बस एक ही चर्चा है- कौन बनेगा मेयर? पहली बार अयोध्या में मेयर का चुनाव हो रहा है. मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को नगर निगम बना दिया.


सभी बड़ी पार्टियां अयोध्या से मेयर का चुनाव लड़ रही हैं. लेकिन मुक़ाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच में है. बीजेपी ने आरएसएस की पसंद के नेता ऋषिकेश उपाध्याय को टिकट दिया है. किन्नर गुलशन बिंदू के भरोसे समाजवादी पार्टी क़िस्मत आजमा रही है. लेकिन मजे की बात ये है कि दोनों उम्मीदवार राम के नाम पर वोट मांग रहे हैं. दोनों का दावा है कि प्रभु राम इस बार उनको ही आशीर्वाद देंगे.


नामांकन करने जाते समय गुलशन बिंदू ने कहा भगवान राम ने तो किन्नरों को त्रेता युग में ही आशीर्वाद दे दिया था. वे बताती हैं कि जब भगवान राम 14 साल के लिए बनवास पर गए तो किन्नरों ने तमसा नदी के किनारे तपस्या की थी. लौटने पर भगवान राम ने वरदान देते हुए कहा ‘तुम जिसके माथे पर हाथ रख दोगी, उसी का भला हो जाएगा’.


gulshan


गुलशन के जवाब में बीजेपी उम्मीदवार ऋषिकेश उपाध्याय कहते हैं किन्नर तो ट्रेनों में भी मांगते रहते हैं. तो क्या अयोध्या उन्हें वोट कर देगा! 6 नवंबर को मेयर चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन था. गुलशन बिंदू और ऋषिकेश उपाध्याय ने शुभ मुहूर्त में पर्चा भरा. दोनों ने हनुमान गढ़ी जाकर जीत के लिए प्रार्थना भी की. गुलशन के साथी 'न नर है न नारी है, गुलशन सब पर भारी है' के नारे लगा रहे थे. ऋषिकेश के जुलूस में 'राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं भगवाधारी' के नारे लग रहे थे.


गुलशन, बिहार की रहने वाली हैं और अब अयोध्या में ही बस गई हैं. इनका प्रचार करने के लिए देश भर के किन्नर अयोध्या पहुंचने लगे हैं. अखिलेश यादव ने भी उनके लिए जनसभा करने का वादा किया है. गुलशन 2006 में विधानसभा का चुनाव निर्दलीय ही लड़ चुकी हैं. उन्हें 22 हज़ार वोट मिले थे.


ऋषिकेश उपाध्याय का पर्चा भरवाने के लिए लखनऊ से डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा पहुंचे. अयोध्या में ऋषिकेश के दो कॉलेज हैं. साधु संतों के यहां भी उनकी ख़ूब चलती है. अयोध्या में एक लाख 91 हज़ार वोटर हैं. सबसे अधिक संख्या ब्राह्मणों की है. इसीलिए बीजेपी और कांग्रेस ने इसी जाति के नेताओं को टिकट दिया है.


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यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ दो बार यहां का दौरा कर चुके हैं. 15 नवंबर को एक बार फिर सीएम योगी, अयोध्या में चुनाव प्रचार करेंगे. अयोध्या के चुनाव की गूंज देश भर में सुनाई पड़ती है. इसीलिए बीजेपी कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है.

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